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कोविडकाल में संक्रमण से पेच ना लड़ाएं:हमारी ढील से ही वायरस की उड़ान 13 दिन में 27 गुणा हुई

जयपुर11 दिन पहलेलेखक: धर्मेंद्र झा/लता खण्डेलवाल
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3 बार राज्यकला पुरस्कार से सम्मानित जयपुर के कंटम्परेरी आर्टिस्ट गौरीशंकर सोनी ने मकर संक्रांति पर खास भास्कर के लिए बनाया खुशियों का झरोखा; इसमें कोरोना के दर्द, पतंग के दंगल और महामारी से बचाव के रास्तों को दिखाया है। कामना है कि उत्तरायण के साथ आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो। - Dainik Bhaskar
3 बार राज्यकला पुरस्कार से सम्मानित जयपुर के कंटम्परेरी आर्टिस्ट गौरीशंकर सोनी ने मकर संक्रांति पर खास भास्कर के लिए बनाया खुशियों का झरोखा; इसमें कोरोना के दर्द, पतंग के दंगल और महामारी से बचाव के रास्तों को दिखाया है। कामना है कि उत्तरायण के साथ आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो।

मकर संक्रांति ही त्योहारों का ‘दरवाजा’ खोलती है। यह पर्व दान-पुण्य के साथ-साथ पतंगों के दांव-पेच के लिए भी मशहूर है। पतंगबाजी उड़ान भरने का एहसास ही नहीं है...यह एहसास है जीवंतता और उम्मीद का। कोरोनाकाल में कैसे बचें? इसे पतंग से सीख सकते हैं। पतंग को जरूरत से अधिक ढील दी जाए तो ‘डूब’ जाती है। वैसे ही...गाइडलाइन तोड़ी तो बीमार होना तय है। इसलिए लापरवाही को ढील न दें। दूसरा...पतंग जब तक दूर रहती है सुरक्षित रहती है। जैसे ही किसी के संपर्क में आती तो कट जाती है। हम सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करेंगे तो कोरोना की चपेट में आ सकते हैं।

इस बार वाहन बाघ; किसानों के लिए लाभकारी
संक्रांति का वाहन बाघ-उप वाहन घोड़ा है। वस्त्र पीले, अवस्था बाल्य, हाथ में वज्र है। खीर का भोजन है। किसानों के लिए लाभकारी और व्यापारियों को थोड़ी हानि है। अनाज, सब्जी एवं तेल के दामों में वृद्धि हो सकती है। ज्योतिषाचार्य प्रो. विनोद शास्त्री के अनुसार सूर्य मकर राशि में दोपहर 2:29 बजे प्रवेश करेंगे। पं. दिनेश मिश्रा ने बताया राशि अनुसार दान शुभ है।

मेष: तिल, मिठाई, खिचड़ी, ऊनी वस्त्र आदि दान करें।
वृष: उड़द दाल की खिचड़ी, काला कपड़ा बांटें।
मिथुन: काला तिल, छाता, उड़द, लड्डू, सरसों का तेल दान करें।
कर्क: चना दाल, पीला कपड़ा, पीतल के बर्तन, फल दान अच्छा।
सिंह: खिचड़ी, लाल कपड़ा, रेवड़ी, गजक जरूरतमंद को दें।
कन्या: साबुत मूंग, हरे कपड़े, खिचड़ी, मूंगफली दान दें।
तुला: फल, मिश्री, गरम कपड़े पुण्य लाभ।
वृश्चिक: खिचड़ी, कंबल, तिल-गुड़ आदि बांटें।
धनु: मूंगफली, तिल, लाल चंदन, लाल कपड़ा दें।
मकर: खिचड़ी, कंबल, कपड़ा दान से शुभ फल।
कुंभ: खिचड़ी, तेल और गर्म कपड़ों का दान अच्छा है।
मीन: मूंगफली, तिल, गुड़, खिचड़ी का दान लाभ दिलाएगा।

पतंगबाजी में घायलों के लिए ट्रोमा एवं अस्थि रोग संस्थान में न्यूरोसर्जरी, अस्थि रोग, एनिस्थिसिया, सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, ईएनटी के एक-एक सहा. आचार्य या सीनियर रेजिडेंट रहेंगे। कांवटिया, सेठी कॉलोनी, बनीपार्क और जयपुरिया में भी व्यवस्था रहेगी। यह जानकारी अधीक्षक डॉ.विनय मल्होत्रा ने दी।

  • सांगानेरी गेट पक्षी चिकित्सालय में 0141-2575801, कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम 0141-2204475-76 पर सहायता ले सकते हैं।
  • बिजली बंद हो तो 0141-2203000-18001806507 पर संपर्क कर सकते हैं।

1. छत पर रहें, म्यूजिक सुनें
धूप विटामिन डी का बड़ा सोर्स है। इनका सेवन कोरोनाकाल में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी अच्छा है। इधर, कई रोगों में म्यूजिक थेरेपी कारगर हुई है। लाइट म्यूजिक सेहत के लिए अच्छा है। वह म्यूजिक सबसे बेहतर है जिसमें कंपन प्रति सैकंड 20 हजार से कम हो। यह हार्ट के रिदम को अच्छा करता है।

2. संक्रांति का पुण्यकाल
ज्याेतिषाचार्य पं. घनश्याम शर्मा के मुताबिक सूर्य मकर राशि में 14:29 बजे प्रवेश करेंगे। बंशीधर पंचांग के अनुसार प्रात: 8 बजकर 5 मिनट से पूरे दिन पुण्यकाल का श्रेष्ठ समय रहेगा।

3. खाना बढ़ाए इम्युनिटी
तिल, मूंगफली और गुड़ मकर संक्रांति पर खूब खाया जाता है। इनकी तासीर गर्म होती है। तिल दिल के लिए अच्छा होता है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। मूंगफली में 30 तरह के विटामिन होते हैं। यह हड्‌डी के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा गुड़ पेट के लिए फायदेमंद है।

4. पतंगकाल; हवा का रुख
हवा की औसत गति 2-5 किमी/घंटा रहेगी। शुक्रवार को आसमान साफ रहेगा। सुबह हल्का कोहरा पड़ेगा। हवा की गति धीमी रहेगी। सुबह हवा की दिशा उत्तर से दक्षिण व दोपहर बाद परिवर्तनशील रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 17-18 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री रहेगा।

5. महादान; बच्चों का टीकाकरण
बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए वैक्सीन का कवच देना जरूरी है। ‘सूर्य’ का कवच उतारने के बाद कर्ण का नुकसान हुआ था। इसलिए हर हाल में अपने बच्चों को कोरोना कवच धारण कराएं।

6. प्रोटोकॉल की पालना करें
इस पर्व का सबसे बड़ा सबक सोशल डिस्टेंसिंग है। जब तक पतंगें दूर-दूर उड़ती हैं वो आगे बढ़ती हैं, जैसे ही एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं...कट जाती हैं। कोरोना से बचने के लिए हमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। समय-समय पर टेम्प्रेचर और पल्स चेक करें। कहीं से भी आएं तो हाथ-मुंह जरूर धोएं।

जयपुर| काेराेना की तीसरी लहर में कोरोना के केसों की ‘उड़ान’ लगातार जारी है। स्थिति यह है कि 13 दिन में ही ‘लापरवाही का संक्रमण’ 27 गुना तक बढ़ गया है। 31 दिसंबर को 98 केस थे। 13 जनवरी को 2785 केस हैं। यानी संक्रमण 27 गुणा से भी अधिक रहा। 1 जनवरी काे 6 हजार सैम्पलिंग पर 192 केस थे। यानी संक्रमण की दर 2.9 फीसदी थी। गुरुवार को दो लोगों की मौत हो गई। मतलब संक्रमण की दर 17.93 फीसदी पर पहुंच गई है। हालांकि सबसे बड़ी राहत यह रही कि तीसरी लहर में पहली बार रिकवरी रेट दुगुनी हाेकर 40 फीसदी पहुंच गई। गुरुवार को 1136 मरीज ठीक हुए। फिलहाल राजधानी में 18566 केस अभी एक्टिव हैं।

4.62 लाख में से 2.23 लाख बच्चाें काे वैक्सीन की ढाल, 18+ वालों को पहली डाेज 100%
वैक्सीनेशन में 18+ की पहली डाेज का टारगेट साै फीसदी पूरा हो गया है। जिले में 50 लाख लाेगाें काे वैक्सीन लगनी थी। सिर्फ 13.28 लाख काे दूसरी डाेज बाकी है। बच्चाें के वैक्सीनेशन की बात करें ताे कुल 4.62 लाख बच्चाें काे वैक्सीन लगनी है। 10 दिन में अब तक 2.23 लाख काे पहली डाेज लग चुकी है। अब केवल 2.38 लाख काे पहली डाेज लगना बाकी है।

जयपुर में 18+ वालाें के वैक्सीनेशन का डाटा

टारगेट 5005281

पहली डाेज 5161225

टारगेट से ऊपर आंकड़ा इसलिए पहुंचा कि जयपुर से बाहर के लाेगाें ने भी यहां वैक्सीन लगवाई

दूसरी डाेज 3676999

लगना बाकी 1326282

भास्कर पर्व यानी सूर्य का त्योहार; सावधान रहें, खुशियों के झरोखे से वायरस अंदर नहीं आए
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