डॉ. झाझड़िया लीवर की स्टडी करने आस्ट्रिया जाएंगे:पढ़ेंगे जान बचाने वाले थ्रोबिंन इंजेक्शन की रिसर्च

जयपुर2 महीने पहले
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एसोसिएट प्रो. डॉ. अशोक झाझड़िया - Dainik Bhaskar
एसोसिएट प्रो. डॉ. अशोक झाझड़िया

झुंझुनूं के राणासर निवासी एसएमएस मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रो. डॉ. अशोक झाझड़िया लीवर पर की गई स्टडी को शेयर करने वियना (आस्ट्रिया) जाएंगे। वे 11 अक्टूबर को वहां शोध पढ़ेंगे। उनको यह बुलावा यूईजी (यूनाइटेड यूरोपियन ग्रेस्ट्रोएंट्रोलॉजी) वीक से मिला है। बता दें कि डॉ. झाझड़िया के एक प्रयोग से लीवर से जुड़ी सिरोसिस बीमारी के मरीजों की जिंदगी बच रही है। लीवर सिरोसिस के मरीजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खून की उल्टियां होना है।

इसे रोकने के लिए पहले ग्लू इंजेक्शन लगाया जा रहा था, जो ज्यादा कारगार नहीं था। इससे शरीर के अन्य अंगों लंग्स, हार्ट आदि पर खतरनाक प्रभाव होता। इसलिए थ्रोबिंन इंजेक्शन लगाने का फैसला किया। इससे तुरंत खून की उल्टी रुकने लगी और मरीज की जान बचने लगी। डॉ. झाझड़िया अब इस सफलता को दुनियाभर के विशेषज्ञों के सामने अपनी बात रखेंगे।

उल्लेखनीय है कि झाझड़िया की इस शोध को इंग्लैंड की द यूरोपियन एसोसिएशन फोर द स्टडी ऑफ द लीवर ने सलेक्ट किया है। लीवर पर शोध के मामले में यह दुनिया की टॉप संस्था है। इस संस्था के जर्नल ऑफ हिपेटॉलोजी में डॉ. झाझड़िया की स्टडी प्रकाशित की गई है। यह लीवर से जुड़ी भारत की पहली रिसर्च है, जो सलेक्ट हुई है। अब यह कुछ साल में साइंस की किताबों में भी आएगी।

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