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  • Due To The Monsoon Session Of Parliament, The Posting Of DRM In 9 GM And 18 Divisions Will Be Done After August 15, The Decision To Merge 8 Services Of Railways Can Also Be Kept In Cold Storage.

रेलवे में फिर अटकी पोस्टिंग:संसद के मानसून सत्र के चलते 9 GM और 18 मंडलों में DRM की पोस्टिंग 15 अगस्त बाद होगी, 8 सर्विस मर्ज करने का निर्णय भी जा सकता है ठंडे बस्ते में

जयपुर14 दिन पहले
रेलवे के अधिकारियों की मानें तो जोनल स्तर पर जीएम की पोस्टिंग के आदेश पीएमओ से होंगे।

संसद के मानसून सत्र के कारण अब आरडीएसओ लखनऊ सहित 9 जोनल रेलवेज (राज्य) में जीएम की पोस्टिंग अटक गई है। जयपुर सहित 18 मंडलों में नए डीआरएम की नियुक्ति का काम भी फिलहाल रुक गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि यह पोस्टिंग ऑर्डर 15 अगस्त के बाद जब मानसून सत्र खत्म होगा तभी जारी होंगे। इधर रेलवे की 8 सर्विस को इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (आईआरएमएस) में मर्ज करने का जो काम था उस पर भी विराम लगता दिख रहा है, क्योंकि नए रेलमंत्री इस निर्णय के पक्ष में कम ही सहमत नजर आ रहे हैं। वहीं इसको लेकर रेलवे के अधिकारियों का भी विरोध है।

रेलवे के अधिकारियों की माने तो जोनल स्तर पर जीएम की पोस्टिंग के आदेश पीएमओ से होंगे। वहीं डीआरएम की पोस्टिंग के आदेश रेलवे बोर्ड निकालेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जीएम और डीआरएम के आदेश निकालने से पहले रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव देशभर के 18 जोनल रेलवेज और उनके 68 मंडलों के मुखिया के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे। इसमें उनके भविष्य नीतियों और योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही माना जा रहा है कि जीएम और डीआरएम की पोस्टिंग आदेश निकाले जाएंगे।

सचिव बनने का सपना भी टूटा

कैबिनेट ने रेलवे के सभी जीएम को भारत सरकार के सचिव का दर्जा देने का भी निर्णय लिया था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका। इसके चलते अब तक नॉर्दन रेलवे सहित 10 जोन के जीएम सचिव का दर्जा मिलने का इंतजार करते-करते रिटायर्ड भी हो गए। अगस्त में उत्तर पश्चिम रेलवे (राजस्थान) के जीएम भी रिटायर हो जाएंगे, लेकिन उनका भी सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार निकट भविष्य में जीएम और डीआरएम बनने के लिए वरिष्ठता के साथ ही संबंधित अधिकारियों की योग्यता को भी पोस्टिंग का आधार बनाया जा सकता है।

8 सर्विस का होना था मर्जर

तत्कालीन रेलमंत्री ने करीब तीन साल पहले देशभर के रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक करके रेलवे की 8 सर्विस को मर्ज करने का प्लान तैयार किया था। इसमें ट्रैफिक सर्विस, पर्सनल सर्विस, अकाउंट्स सर्विस, स्टोर सर्विस सहित 8 सर्विस को इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (आईआरएमएस) में मर्ज करने का निर्णय लिया था। इसे जुलाई 2019 में कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी। इसमें एंपावर्ड कमेटी ऑफ मिनिस्टर और एंपावर्ड कमेटी ऑफ सेक्रेट्री बनाने के भी निर्देश दिए, लेकिन रेलवे की विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों ने इसके खिलाफ पोस्टकार्ड अभियान भी चलाया था। ऐसे में रेलमंत्री की सहमति के बाद भी इस दिशा में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल ऐसा नहीं किया जाएगा। क्योंकि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव इस पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लेंगे। माना जा रहा है कि वैष्णव इस निर्णय के पक्ष में नहीं है।

कंटेंट : शिवांग चतुर्वेदी

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