कोरोना का खतरा:शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प देने का प्रस्ताव तैयार किया

जयपुर2 महीने पहले
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ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प खुलने का इंतजार कर रहे अभिभावकों को बुधवार को राहत नहीं मिली। - Dainik Bhaskar
ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प खुलने का इंतजार कर रहे अभिभावकों को बुधवार को राहत नहीं मिली।

ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प खुलने का इंतजार कर रहे अभिभावकों को बुधवार को राहत नहीं मिली। सरकार ने इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया और मामले केवल चिंता जाहिर करने तक ही सीमित रहा। बुधवार को एक बार फिर स्कूली बच्चा कोरोना पॉजिटिव आ गया। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है। पूरी क्षमता से स्कूल खोले जाने से कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रह पा रही।

ऑटो और स्कूल वैन में भी बच्चे पास-पास बैठ रहे हैं। उधर, निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह से सतर्क हैं। ऑनलाइन एजुकेशन को लेकर सरकार जो भी निर्देश देगी, उनकी पालना की जाएगी।

कोरोना के बढ़ने मामलों के चलते ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प देने को लेकर शिक्षा विभाग ने बुधवार को मंथन किया। इस दौरान अधिकारियों से प्रदेशभर में स्कूलों में कोरोना के बढ़ते मामलों की रिपोर्ट ली गई। साथ ही अन्य राज्यों की स्थिति का भी फीडबैक लिया गया।

सूत्रों की कहना है कि इस बैठक में विभाग ने तय किया कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने का प्रस्ताव भेजा सरकार को भेजा जाए। हालांकि शाम को मंत्री परिषद की बैठक में ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ।

ऐसे में अब माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर अलग से चर्चा की जा सकती है। शिक्षामंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि हमने कोरोना की स्थिति पर पूरी रिपोर्ट तलब की है। शिक्षा संकुल में अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है। अब इस पूरे मसले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद ही इस पर किसी तरह का निर्णय संभव है।

ऑटो में बच्चों की संख्या कम तो महंगा पड़ेगा किराया
पेट्रोल के दाम बढ़ने पर पहले ही ऑटो और वैन का किराया मनमाने तरीके से बढ़ाया जा चुका है। अभिभावकों का कहना है कि अब अगर वे ऑटो में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कहते हैं तो ऑटो चालक किराया दो से तीन गुणा तक कर देता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि ऑनलाइन का विकल्प उपलब्ध कराकर राहत प्रदान करे।

कई निजी स्कूल पहले से ही दे रहे हैं ऑनलाइन का विकल्प : शहर के कई निजी स्कूल बच्चों को अपने स्तर पर ही ऑनलाइन एजुकेशन का विकल्प दे रहे हैं। एसएमएस स्कूल और जयश्री पेडिवाल स्कूल भी पहले से ही बच्चों को ऑनलाइन का विकल्प दे रहे थे।

हम बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हैं। फिर भी ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर सरकार, सीबीएसई और आरबीएसई से जो भी निर्देश मिलेंगे। उनकी पालना की जाएगी। - अमित सोगानी, प्रवक्ता, प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन

जितने भी बच्चे संक्रमित हुए हैं। वे स्कूल में नहीं हुए। स्कूल संचालकों ने तो अपने स्तर पर मेडिकल टीम बुलाकर बच्चों की जांच कराई। फिर भी अगर 50 फीसदी से अधिक अभिभावक हमें लिखकर देंगे तो हम ऑनलाइन का भी विकल्प प्रारंभ कर देंगे। - अनिल शर्मा, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा परिवार

नए शिक्षामंत्री से अभिभावकों को काफी उम्मीद थी कि वे पहले बैठक में राहत प्रदान करेंगे, लेकिन ऑनलाइन कक्षाओं पर निर्णय केवल मंथन तक सीमित रहा। सरकार निजी स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए पाबंद करें। - स्नेहलता साबू, सचिव, पेरेंट्स वेलफेयर सोसायटी

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