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4 जिलों में स्थगित रहेगा प्रशासन गांवों के संग अभियान:अलवर, धौलपुर, उदयपुर और प्रतापगढ़ में लागू है चुनाव आचार संहिता, 2 अक्टूबर से 29 जिलों की ग्राम पंचायतों में 21 विभागों से जुड़े होंगे काम

जयपुर8 महीने पहले
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मुख्यमंत्री और सीएस लेंगे डेली रिपोर्ट - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री और सीएस लेंगे डेली रिपोर्ट

राजस्थान में 2 अक्टूबर से 17 दिसम्बर, 2021 तक चलने वाला प्रशासन गांवों के संग अभियान 4 जिलों में चुनाव आचार संहिता के कारण स्थगित कर दिया गया है।अलवर और धौलपुर में पंचायत राज चुनाव और उदयपुर,प्रतापगढ़ में विधानसभा उप चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण सरकार को इन जिलों में कैम्प स्थगित करने पड़े हैं। अब प्रदेश के बाकी 29 जिलों में ही प्रशासन ग्राम पंचायतों पर जाकर कैम्प लगाएगा।इन कैम्पों में सरकार के अलग अलग 21 विभागों की ओर से आमजनता से जुड़े काम करवाए जाएंगे।

प्रशासन गांवों के संग अभियान में ये मुख्य काम होंगे

प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत लगने वाले शिविरों में खास तौर पर बिजली की सप्लाई,खराब मीटर,नाम में बदलाव करवाने, हैंड पम्प की मरम्मत, पाइप लाइन लीकेज ठीक करवाने,जन आधार कार्ड में नाम जुड़वाने और नाम हटवाने का काम, शौचालय बनवाने के लिए आवेदन, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को आईडी कार्ड जारी करना, सीमा ज्ञान और पत्थरगढ़ी के मामले, डॉक्टर्स की ओर से मरीजों की जांच और ईलाज करना, कोरोना से निधन होने वालों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना,मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना का लाभ दिलवाना, राजस्थान रोडवेज और जल संसाधन विभाग से जुड़े काम, दिव्यांगों,निशक्तजनों,बुजुर्गों की सुनवाई, निशक्तजनों को चिन्हित कर सर्टिफिकेट बनवाने,उनके लिए रोडवेज बसों के पास जारी करने,ई-मित्र कियोस्क लगाकर ऑनलाइन काम करवाने,राजस्व अभिलेखों और खातों को दुरूस्त करने, आपसी सहमति से खातों का विभाजन करवाने, रास्ते से सम्बन्धित केसों का निपटारा, गैर खातेदारी से नियम के अनुसार खातेदारी अधिकार दिलवाने, भूमिहीन किसानों को जमीन का आवंटन, सार्वजनिक और सरकारी काम के लिए जमीन का आवंटन, मूल निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवाने, पानी-बिजली के कनेक्शन, खेती के कनेक्शन, बिजली के ढीले तारों और खम्भों की लोकेशन ठीक करवाने जैसे काम करवाए जाएंगे।

21 विभागों से जुड़े होंगे काम

1. राजस्व और उपनिवेशन विभाग

2. ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग

3. पीएचईडी और भू-जल विभाग

4. कृषि विभाग

5. जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग

6. ऊर्जा विभाग

7. सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग

8. सैनिक कल्याण विभाग

9. महिला और बाल विकास विभाग

10. चिकित्सा और स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग

11. खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग

12. आयोजना विभाग

13. पशुपालन विभाग

14. श्रम विभाग

15. आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग

16. शिक्षा विभाग

17. सार्वजनिक निर्माण विभाग

18. सहकारिता और राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड

19. वन विभाग

20. राजस्थान रोडवेज

21. जल संसाधन विभाग

पशुपालकों की समस्याओं का मौके पर करेंगे समाधान- पशुपालन मंत्री

कृषि और पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया ने दैनिक भास्कर को बताया कि प्रशासन गांवों के संग अभियान में लगने वाले शिविरों में राज्य के पशुपालकों को अलग-अलग सरकारी विभागों की जानकारियां देकर योजनाओं का फायदा दिलवाया जाएगा।राज्य सरकार ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्र की जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए 2 अक्टूबर गांधी जयंती से प्रशासन गांवों के संग अभियान करने का फैसला लिया है।पशुपालकों से जुड़ी समस्याओं का समाधान हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

अभियान से जुड़े विभाग के अधिकारी और कर्मचाीरी पूरी तैयारी,गंभीरता और सेवा भावना के साथ लोगों के कामों को पूरा करेंंगे। इसके निर्देश दे दिए गए हैं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। शिविरों में आने वाले हर फरियादी की समस्या को अधिकारी पूरी संवेदनशीलता से सुनकर तुरंत राहत पहुंचाएं। इसीलिए शिविर लगाए जा रहे हैं। पशुपालन गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए पशुपालन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ प्रकाश भाटी को राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा सभी डिस्ट्रिक्ट ऑफिसों में डिस्ट्रिक्ट लेवल के प्रभारी अधिकारी भी नियुक्त किए हैं।

पशुपालकों के लिए अभियान में ये होंगे काम

इन शिविरों में पशुपालकों को विभागीय कार्यक्रमों या योजनाओ की जानकारी देने के साथ संक्रामक बीमारियों के बचाव के लिए टीका लगवाने, कृत्रिम गर्भाधान,नसबंदी,बीमार और अस्थाई बांझ पशुओं का ईलाज,पशु परजीवी रोगों को रोकने के लिए कीड़े मारने की दवाई दी जाएगी। डेयरी, भेड़-बकरी और मुर्गीपालन के लिए पशुपालक किसान क्रेडिट कार्ड से लागत, मजदूरी का भुगतान,पशुओं के लिए चारा और दाना खरीदने, बिजली, पानी की व्यवस्था,पशु चिकित्सा और पशु बीमा के लिए शॉर्ट टर्म लोन सुविधा मुहैया करवाने के लिए पशुपालकों के आवेदन भी तैयार करवाए जाएंगे।

प्रभारी अधिकारी डेली सीएम और सीएस को भेजेंगे रिपोर्ट

सरकार ने जिला प्रभारी सचिवों को अभियान के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है। ये अधिकारी लगातार जिलों में प्रशासन गांव के संघ अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे। साथ ही इसकी डेली रिपोर्ट मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को भी भेजेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की प्रमुख सचिव अर्पणा अरोड़ा को अजमेर, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल को भरतपुर,आबकारी आयुक्त डॉ. जोगाराम को भीलवाड़ा, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता को बीकानेर जिले का प्रभारी सचिव बनाया गया है। जबकि मुग्धा सिन्हा को बून्दी में प्रभारी सचिव, डॉ. आरूषि अजेय मलिक को बारां, नारायण लाल मीणा को बांसवाड़ा, राजेश शर्मा को बाड़मेर, नीरज कुमार पवन को चुूरू में प्रभारी सचिव का जिम्मा दिया गया है।

रवि जैन को चित्तौड़गढ़, विकास सीताराम भाले को डूंगरपुर, गायत्री ए राठौड़ को दौसा, भंवरलाल मेहरा को श्रीगंगानगर में प्रभारी लगाया गया है। हनुमानगढ़ में अरूणा राजोरिया, झालावाड़ में कैलाश चंद मीणा, जयपुर में भास्कर आत्माराम सावंत, जोधपुर में नवीन महाजन, जालौर में आशुतोष ए.टी. पेडणेकर, झुन्झुनू में मंजू राजपाल, जैसलमेर में कृष्ण कांत पाठक, कोटा में राजेश कुमार यादव, करौली में अश्विनी भगत, नागौर में डॉ. वीणा प्रधान, पाली में श्रेया गुहा, सीकर में दिनेश कुमार, सिरोही में पूरण चन्द्र किशन, सवाईमाधोपुर में डॉ. समित शर्मा, राजसमंद में जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, टोंक में संदीप वर्मा को प्रभारी सचिव तैनात किया गया है।

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