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महंगी बिजली के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में दौड़ा करंट:ऊर्जा मंत्री बोले - हमने 20 रु./यूनिट पर 90 लाख यूनिट खरीदी, गुजरात ने 94 लाख ली

जयपुर3 दिन पहले
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ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने जवाब दिया तो भाजपा ने असहमति जताते हुए वाॅकआउट कर दिया। - Dainik Bhaskar
ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने जवाब दिया तो भाजपा ने असहमति जताते हुए वाॅकआउट कर दिया।

प्रदेश में महंगी बिजली खरीद व कोयले की किल्लत को लेकर मंगलवार को भी सदन में भाजपा-कांग्रेस के बीच तीखी बहस हुई। ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने जवाब दिया तो भाजपा ने असहमति जताते हुए वाॅकआउट कर दिया। सोमवार को सदन में बिजली उत्पादन में कोयले की कमी, बिजली कटौती और महंगी बिजली खरीद को लेकर आठ विधायकों ने स्थगन लगाए थे।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सरकार से जवाब मांगा था। कटारिया ने आरोप लगाया था कि सस्ती बिजली मिल सकती है, तब भी सरकार 12 रु. प्रति यूनिट बिजली खरीद रही है और जब शटडाउन हुआ तो इमरजेंसी में 20 रु. यूनिट बिजली खरीद कर कंपनियों को लखपति बनाने का काम किया गया है।

इस पर बीडी कल्ला ने कहा कि हमने 20 रु. प्रति यूनिट पर 90 लाख यूनिट बिजली ही खरीदी, जबकि गुजरात ने तो 94 लाख यूनिट खरीदी है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूछा कि आपका अडानी टैक्स उपभोक्ता पर भार बढ़ाएगा। बता दें कि मैसर्स अडानी से केस हारने के कारण बिजली कंपनियों को 4700 करोड़ देना पड़ा।

कटारिया बोले-डिपार्टमेंट में सुधार के लिए एक कौड़ी का काम नहीं किया
40 सालों में ऐसा वक्तव्य पहली बार सुन रहा हूं। आपके डिपार्टमेंट को सुधार करने के लिए एक कौड़ी का काम नहीं करना। विभाग के अफसरों ने जो लिखकर दिया आपने वैसे ही बोल दिया, खुद का दिमाग नहीं लगाया। उपभोक्ता के लिए कौन जिम्मेदार होगा…कम से कम अफसरों से यह तो पूछते कि खर्च कम करने के लिए आपने क्या किया। इस सिस्टम को ठीक करने का आपका विचार है भी या नहीं?
- गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष

कल्ला का जवाब- आपकी सरकार के मुकाबले 2.75% छीजत कम की है...
20 रुपए प्रति यूनिट पर सिर्फ 90 लाख यूनिट बिजली ही खरीदी गई, जो कुल बिजली खरीद की सिर्फ 0.114% है। जबकि भाजपा शासित गुजरात ने तो 20 रुपए यूनिट पर 94 लाख यूनिट बिजली की खरीद की। आपकी सरकार की तुलना में हमने 2.75% छीजत कम की है। एक प्रतिशत छीजत कम करने पर 450 करोड़ रुपए की बचत होती है। इस हिसाब से हमने करीब 1300 करोड़ रुपए की बचत की है।
- बीडी कल्ला, ऊर्जा मंत्री

राजकीय विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के 18 हजार खाली पद भरने को बदलेंगे नियम,सूचना सहायक पर अनुसूचित जनजाति के बैकलॉग जोड़कर होगी आगामी भर्ती
सरकारी विद्यालयों में रिक्त पड़े 18 हजार पदों पर नियुक्ति देने के लिए सरकार नियमों में संशोधन करेगी। यह जानकारी शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए अभी योग्यता 5वीं पास है।

मौजूदा नियमों में साक्षात्कार से सीधी भर्ती से नियुक्ति देने का प्रावधान है। इससे बहुत बड़ी संख्या में आवेदन आ जाएंगे। इसलिए पहले नियम बदलने होंगे। वहीं, बीडी कल्ला ने बताया कि सूचना सहायक की आगामी भर्ती में अनुसूचित जनजाति के बैकलॉग को जोड़ कर उन्हें इस भर्ती में नियमानुसार इसका लाभ दिया जाएगा।

कल्ला विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। बता दें कि भर्ती परीक्षा 2013 में अनुसूचित जनजाति के कुल 741 पद थे। इनमें से 185 पद अनुसूचित क्षेत्र के व 556 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्र के थे।