जनाब ये गुनाह है:ट्रेन ड्राइवर ने रिश्तेदार को इंजन में बैठाया; उसने इमरजेंसी उपकरणों से छेड़छाड़ की, फेसबुक LIVE भी किया

जयपुर4 महीने पहले

अहमदाबाद से दिल्ली जा रही आश्रम एक्सप्रेस ट्रेन में सोमवार को लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्पीड से दौड़ती ट्रेन के इंजन में बैठे एक व्यक्ति ने इमरजेंसी उपकरणों से छेड़छाड़ की। इस कारनामे का उसने फेसबुक लाइव भी किया।

मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप में मच गया। डिपार्टमेंट ने घटना के लिए जिम्मेदार तीन कर्मचारियों को सस्पेंड करते हुए आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

पूरा मामला जानने से पहले पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए...

बांदीकुई जंक्शन से बैठा था इंजन में
मामला सोमवार शाम बांदीकुई जंक्शन का है। यहां जयपुर से पहुंची आश्रम एक्सप्रेस में चीफ लोको इंस्पेक्टर (ड्राइवर) संतोष ने अपने रिश्तेदार सुखराम को लोको केबिन (इंजन) में बिठा दिया। क्योंकि उसका टिकट कंफर्म नहीं था।

ट्रेन के जंक्शन से रवाना होते ही सुखराम ने केबिन से फेसबुक पेज पर लाइव करना शुरू कर दिया। ट्रेन को खुद चलाने का दावा करते हुए वह लाइव कर रहा था। वीडियो में वह ट्रेन चलाने वाले उपकरणों से भी छेड़छाड़ करता दिख रहा है। उस वक्त ट्रेन में 800 से ज्यादा पैसेंजर सवार थे।

तीनों कर्मचारियों को किया सस्पेंड
जयपुर मंडल के डीआरएम नरेंद्र ने बताया कि जांच में मामला बांदीकुई से दिल्ली के बीच का होना पाया गया। जयपुर मंडल रेलवे ने चीफ लोको इंस्पेक्टर संतोष, लोको पायलट प्रदीप मीणा और असिस्टेंट लोको पायलट मनीष को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

इंजन में बैठा व्यक्ति सुखराम दिल्ली पहुंच गया है। उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। इस तरह से सफर करना और कराना गलत है।

रेलवे प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह मामला तो वीडियो लाइव होने के कारण खुल गया, लेकिन दूसरे मामलों को कैसे रोका जाए?
रेलवे प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह मामला तो वीडियो लाइव होने के कारण खुल गया, लेकिन दूसरे मामलों को कैसे रोका जाए?

यात्रियों की सुरक्षा को खतरा में डाला
रेलवे अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि सुखराम रियर लोको में अकेला बैठा था। रियर लोको से परिचालन संबंधी कंट्रोल नहीं होता है। वहां से आपातकालीन प्रणाली का यूज कर सकता है। रियर लोको में मौजूद आपातकालीन प्रणाली का सुखराम यूज कर देता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। इससे सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा खतरे में थी।