कोरोना कथा / राजस्थान की हजार साल पुरानी देवों का जीवन बताने वाली फड़ चित्रकला

कल्याण जोशी ने भास्कर के लिए बनाई विशेष कोरोना कथा। कल्याण जोशी ने भास्कर के लिए बनाई विशेष कोरोना कथा।
X
कल्याण जोशी ने भास्कर के लिए बनाई विशेष कोरोना कथा।कल्याण जोशी ने भास्कर के लिए बनाई विशेष कोरोना कथा।

  • मान्यताओं के अनुसार राजस्थान की फड़ चित्रकला 700 साल पुरानी है, कहते हैं कि मध्ययुगीन लोक देवता देवनारायण के भक्त चोचू भाट ने सबसे पहले उनकी फड़ पेंटिंग बनाई
  • 1969 में राजस्थान के भीलवाड़ा में जन्मे कल्याण जोशी 13 वीं शताब्दी के फड़ चित्रकारों के वंश से आते हैं, पिता पद्मश्री लाल जोशी के मार्गदर्शन में वे 8 वर्ष की उम्र से पेंटिंग कर रहे हैं

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:33 AM IST

जयपुर. मान्यताओं के अनुसार राजस्थान की फड़ चित्रकला 700 साल पुरानी है। कहते हैं कि मध्ययुगीन लोक देवता देवनारायण के भक्त चोचू भाट ने सबसे पहले उनकी फड़ पेंटिंग बनाई। इससे प्रसन्न होकर देवनारायण ने जोशी जाति के लोगों को फड़ चित्रकला बनाने के लिए अिधकृत किया। तब से जोशी परिवार फड़ चित्रकला बना रहा है। जोशी परिवार जो 16वीं शताब्दी तक भीलवाड़ा के आसपास रहते थे, बाद में शाहपुरा पलायन कर गए और 19वीं शताब्दी में पुन: भीलवाड़ा आ बसे जो अब फड़ चित्रकला के लिए खासा प्रसिद्ध शहर है। यहां बड़े स्तर पर यह कला सीखी और सिखाई जाती है। 
कल्याण जोशी...भास्कर के लिए बनाई विशेष कोरोना कथा

1969 में राजस्थान के भीलवाड़ा में जन्मे कल्याण जोशी 13 वीं शताब्दी के फड़ चित्रकारों के वंश से आते हैं। पिता पद्मश्री लाल जोशी के मार्गदर्शन में वे 8 वर्ष की उम्र से पेंटिंग कर रहे हैं। इस समय अंकन आर्टिस्ट्स ग्रुप के संस्थापक, कल्याण भीलवाड़ा में आर्ट स्कूल व चित्रशाला भी चला रहे हैं। कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित कल्याण की देश-विदेश के हर बड़े शहर में प्रदर्शनी लगी है। इन्हें यूनेस्को भी सम्मानित कर चुका है। भास्कर के पाठकों के लिए लॉकडाउन में रहते हुए उन्होंने पूरे कोरोना काल को पेंटिंग में समाहित किया है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना