फर्जी इंस्पेक्टर का मामला:खुद को ‘सरकार’ समझ बैठा था फर्जी इंस्पेक्टर, ठगी के लिए तैयार कर रखे थे बड़े-बड़े आदेश

जयपुरएक महीने पहले
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फर्जी इंस्पेक्टर बनकर ठगी करने झोटवाड़ा में परचूनी दुकान पर पहुंचा तब पकड़ा गया आरोपी राहुल शेखावत खुद को ‘सरकार’ समझ बैठा था। पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली तो चौंक गई। वहां लगभग 24 सरकारी आदेश पत्र फर्जी तरीके से तैयार कर रखे मिले। पुलिस अब जांच कर रही है कि आरोपी ने ये लैटर कहीं भेजे या नहीं। आरोपी ने पूछताछ में कबूला है कि उसने ये लैटर लोगों को ठगने के लिए बनवाए थे।

  • ठग राहुल शेखावत के घर पहुंची पुलिस तो स्तब्ध रह गई, राज्यपाल के सचिव के नाम से लिख रखा था जेल प्रहरी को बहाल करने का आदेश, आबकारी व एनआईए की फर्जी भर्ती ‘जारी’ करने वाला था

कार्रवाई के दौरान भी खुद को एसीबी अफसर बताकर धमका रहा था

तीन दिन पहले झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एक परचूनी स्टोर पर फर्जी लैटर से सामान खरीदने पहुंचे रावला (श्रीगंगानगर) निवासी कालूराम उर्फ राहुल शेखावत को गिरफ्तार किया था। रिमांड के दौरान पुलिस ने उसके विद्याधर नगर व झोटवाड़ा स्थित फ्लैट की तलाशी ली तो चौंकाने वाली चीजें सामने आई। पुलिस ने गुरुवार को उसे वापस कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन के रिमांड पर भेजा गया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी खुद को एसीबी का अफसर बताकर धमकाता रहा। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर इन्द्रराज सिंह ने बताया कि आरोपी के पास सचिव राजभवन, एनआईए जयपुर राजस्थान, एडीजी एसीबी, आयुक्त राजस्थान आबकारी विभाग उदयपुर, पुलिस अधीक्षक बाड़मेर, आयुक्त राजस्थान पुलिस जयपुर व जिला पुलिस अधीक्षक जयपुर शहर के नाम की 14 मोहरें बरामद हुई हैं।

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