टिकैत को मौसम ने भी दगा दिया, तंबू उड़ा:एक लाख की भीड़ जुटाने का दावा था, बमुश्किल 5 हजार लोग पहुंचे; आंधी से तंबू उखड़ने से एक युवक घायल

जयपुर2 वर्ष पहले
टिकैत की रैली का पंडाल तेज हवा के कारण कई जगह से उखड़ गया। पंडाल की चपेट में आकर एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
  • जयपुर में हुई नेता राकेश टिकैत की महापंचायत में भीड़ नहीं जुट सकी
  • 26 मार्च को भारत बंद की घोषणा, टिकैत ने कहा- संसद जाकर फसल बेचेंगे

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में किसान नेता राकेश टिकैत की महापंचायत में भीड़ नहीं जुट सकी। एक लाख की भीड़ का दावा करने वाले रैली में 5% भीड़ भी नहीं जुटा सके। जयपुर की महापंचायत फीकी रहने की बात वक्ताओं ने मंच से स्वीकार की। यहां तक कह दिया कि इससे सरकार भी खुश होगी। राजधानी की महापंचायत को राजस्थान में टिकैत का सबसे कमजोर आयोजन बताया जा रहा है। आयोजकों ने महांपचायत में भीड़ नहीं जुटने का कारण अंधड़ और खराब मौसम को बताया।

अंधड़ से पंडाल गिरा, एक युवक गंभीर घायल
टिकैत को मौसम का भी साथ नहीं मिला। महापंचायत में खराब मौसम ने भी खलल डाला। तेज आंधी के कारण पंडाल कई जगह से उड़ गया। कई जगह टूटकर गिर गया, इससे वहां हल्की भगदड़ की स्थिति बन गई। पंडाल उखड़ने के दौरान ही तंबू का पाइप एक युवक के सिर पर लग गया। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

26 मार्च को भारत बंद की घोषणा, टिकैत ने कहा- संसद जाकर फसल बेचेंगे
महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने 26 मार्च को कृषि कानूनों के खिलाफ भारत बंद की घोषणा की। टिकैत ने कहा कि अब किसान संसद जाकर फसल बेचेंगे। मोदीजी कहते हैं कि देश में कहीं भी फसल बेचिए, संसद से बढ़िया जगह और कौन सी होगी। किसान संसद तक ट्रैक्टर लेकर जाएंगे। 26 मार्च को भारत बंद का आह्वान है।

टिकैत ने कहा कि सरकार को किसानों से कोई सरोकार नहीं है। उसे तो पूंजीपतियों के साथ हुए समझौते लागू करने हैं। उन्हें नुकसान न हो यह चिंता है। ये लोग देश को बेचकर चले जाएंगे। देश की जनता को अब जाग जाना चाहिए। वरना सारी संस्थाएं बिक जाएंगी। कंपनियों ने गोदाम पहले बना लिए और कानून बाद में बन रहे हैं। देश का किसान चुप नहीं बैठेगा।

महापंचायत में तंबू का बड़ा हिस्सा खाली रहा। आंधी में पंडाल कई जगह से उड़ गया।
महापंचायत में तंबू का बड़ा हिस्सा खाली रहा। आंधी में पंडाल कई जगह से उड़ गया।

मंच पर कांग्रेस, भीम आर्मी सहित कई संगठनों के नेताओं का जमावड़ा
मंच पर कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव, सीपीएम नेता अमराराम, सीपीएम विधायक बलवान पूनिया, कांग्रेस नेता सोनादेवी बावरी, स्वराज आंदोलन के योगेंद्र यादव, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण, एनपीपी नेता नवीन पिलानिया, जाट महासभा अध्यक्ष राजाराम मील सहित कई संगठनों के नेता मौजूद रहे। मंच पर नेताओं का खूब जमावड़ा हो गया। लेकिन राजधानी के प्रमुख आयोजन में भीड़ नहीं जुटने पर महापंचायत प्रभाव छोड़ने में कामयाब नहीं हो सकी।

भीड़ नहीं जुटने पर नेताओं ने मंच से जताई निराशा
महापंचायत को लेकर 4-5 दिन से तैयारियां चल रही थीं। उन तैयारियों के मुताबिक रैली में भीड़ देखने को नहीं मिली। आयोजकों ने एक लाख लोगों की भीड़ जुटने का दावा किया था लेकिन महापंचायत के पंडाल का बहुत बड़ा हिस्सा खाली था। भीड़ नहीं जुटने पर नेताओं ने भाषणों के दौरान मंच से निराशा जाहिर की। टिकैत इससे पहले गंगानगर, हनुमानगढ, अलवर, करौली, भरतपुर, जोधपुर, सीकर और झुंझुनू जिलों में भी किसान महापंचायत कर चुके हैं। जयुपर के अलावा बाहर की टिकैत की सभाओं में अच्छी भीड़ आई थी।

टिकैत की महापंचायत को तीन सीटों पर उपचुनावों से पहले कांग्रेस अपने लिए फायदे के तौर पर देख रही थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कांग्रेस के नेता मंच पर मौजूद रहे लेकिन महापंचायत में भीड़ ही नहीं आई। इस वजह से यह महापंचायत ​कोई सियासी प्रभाव छोड़ने में कामयाब नहीं हो पाई।

आंधी के बाद तंबू को सही करता एक युवक।
आंधी के बाद तंबू को सही करता एक युवक।

राजाराम मील को भारतीय किसान यूनियन का प्रदेशाध्यक्ष बनाया
जयुपर की महापंचायत में जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील को भारतीय किसान यूनियन का प्रदेशाध्यक्ष और केसी घुमारिया को महासचिव बनाने की घोषणा की गई।

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