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नगर निगम ग्रेटर जयपुर में पकड़े गए घूसखोर:अफसरों के लिए रिश्वत वसूलने वाला फाइनेंस एडवाइजर व दो दलाल गिरफ्तार, तीन महीने से एसीबी कर रही थी निगरानी, 27 लाख नकद बरामद

जयपुर5 महीने पहले
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जयपुर में गिरफ्तार नगर निगम ग्रेटर का वित्तीय सलाहकार अचलेश्वर मीणा (पीला जैकेट) और दलाल धनकुमार जैन  (टोपी पहने हुए) और अनिल अग्रवाल - Dainik Bhaskar
जयपुर में गिरफ्तार नगर निगम ग्रेटर का वित्तीय सलाहकार अचलेश्वर मीणा (पीला जैकेट) और दलाल धनकुमार जैन (टोपी पहने हुए) और अनिल अग्रवाल

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने नगर निगम ग्रेटर, जयपुर के फाइनेंस एडवाइजर को गिरफ्तार किया है। वह दो दलालों के मार्फत ठेकेदारों से रिश्वत की रकम वसूलता था। मामले में एसीबी ने अफसर के साथ दोनों दलालों को भी ट्रेप किया है। इनमें एक दलाल के घर से 27 लाख रुपए नकद, करीब 10 से ज्यादा एग्रीकल्चर लैंड के दस्तावेज बरामद किए है। यह कार्रवाई एसीबी की विशेष अनुसंधान ईकाई के प्रभारी एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में की गई।

एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार आरोपी अचलेश्वर मीणा नगर निगम ग्रेटर, जयपुर में वित्तीय सलाहकार है। इसके अलावा धनकुमार जैन और अनिल अग्रवाल को दलाली करते पकड़ा है। ये दोनों नगर निगम में बड़े कांट्रेक्टर है। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि नगर निगम, ग्रेटर, जयपुर में विभिन्न कार्यों के टेण्डर देने से लेकर कार्यों के निरीक्षण, माप तथा बिल पास करने और उनका भुगतान करने की एवज में सम्बंधित फर्म और ठेकेदारों से बतौर कमीशन रिश्वत वसूलते थे। आरोपी अचलेश्वर मीणा यह रकम दोनों दलालों के माध्यम से अन्य ठेकेदार फर्मों से वसूलता था। पड़ताल में सामने आया कि अचलेश्वर दलाल ठेकेदारों और नगर निगम के उच्चाधिकारियों के बीच की कड़ी है। वह रिश्वत की रकम इकट्‌ठा कर ऊपर तक पहुंचाता था।

तीन महीने से एसीबी कीनिगरानी पर थे नगर निगम के अफसर व दलाल,
एसीबी मुख्यालय को रिश्वत के इस खेल की करीब तीन महीने पहले शिकायत मिली थी। इसकी जांच एएसपी बजरंग सिंह शेखावत को सौंपी गई। करीब तीन महीने से अचलेश्वर मीणा व दोनों दलालों सहित अन्य अफसरों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर थे। शिकायत का सत्यापन किया गया। शुक्रवार को एसीबी को खबर मिली कि ठेकदारों से इकट्‌ठा की गई रकम को धनकुमार जैन वित्तीय सलाहकार अचलेश्वर मीणा को सौंपने वाला है। तब एसीबी ने शुक्रवार सुबह से पीछा करना शुरू किया। अचलेश्वर व धन कुमार दोनों ही एक जगह पर मिले। तब उनके हाथ में एक बैग था।

अचलेश्वर मीणा के ट्रेप से शुरु हुई एसीबी की कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार धनकुमार जैन के कार से लौटने के बाद एसीबी ने सबसे पहले अचलेश्वर मीणा के सिद्धार्थ नगर, जवाहर सर्किल स्थित घर पर छापा मारा। वहां बेशकीमती संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए। इसके बाद एसीबी की टीम ने कांट्रेक्टर धनकुमार जैन के घर पर छापा मारा। सर्च कार्रवाई में वहां से 27 लाख रुपए, करीब 10 बेशकीमती भूखंडों के दस्तावेज मिले। जिनको जब्त किया गया।

इसके बाद अनिल अग्रवाल को पकड़ा गया। तीनों को दिनभर पूछताछ के बाद शुक्रवार देर रात एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि नगर निगम के उच्चाधिकारियों के लिए यह रिश्वत की रकम इकट्‌ठा की जा रही थी। ऐसे अफसरों को भी एसीबी ने नामजद कर लिया है। रिश्वत वसूली की जांच नगर निगम ग्रेटर के सीईओ तक भी पहुंच सकती है।

इन नंबरों पर दे सकते है घूसखोरों के खिलाफ शिकायत
एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज कर अनुसंधान किया जाएगा। एडीजी ने अपील की है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टोल फ्री हैल्पलाईन नम्बर 1064 एवं Whats app हैल्पलाईन नम्बर 9413502834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में शिकायत कर सकते है।

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