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  • For 14 Years, Both Lived In A Live in Relationship In Delhi, When The Woman Asked To Adopt A Child, She Got Murdered By 6 Miscreants.

बच्चा गोद लेना चाहती थी पत्नी, पति ने करवाई हत्या:10 साल पहले महिला ने की थी दूसरी शादी, पति ने बच्चे के लिए मना किया तो देने लगी तीसरी शादी की धमकी, 2.50 लाख रुपए में दे दी सुपारी

जयपुर4 महीने पहले
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पुलिस ने इस मामले में पति समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने इस मामले में पति समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

जयपुर पुलिस ने 29 सितम्बर को एक महिला की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला की हत्या उसके पति ने ही 2.50 लाख रुपए की सुपारी देकर करवाई थी। दोनों एक दूसरे को 14 साल से जानते थे। 4 साल तक लिव-इन में रहने के बाद दोनों ने 2011 में शादी की थी। दोनों के बीच विवाद बच्चा गोद लेने की बात पर हुआ था। लेकिन आरोपी पति ने मना कर दिया। इस पर महिला तीसरी शादी की धमकी देने लगी। इससे नाराज पति ने पत्नी की हत्या करवा दी।

डीसीपी वेस्ट प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि इस मामले में आरोपी पति बाबूलाल मीणा पुत्र रामचंद्र मीणा निवासी पालम दिल्ली, जगराम मीणा पुत्र गोकुल मीणा निवासी अलीपुर दौसा, हरिओम मीणा पुत्र रामधन मीणा निवासी मालाखेड़ा अलवर, रोहिताश मीणा पुत्र रमाफूल मीणा निवासी राजगढ़ अलवर, सुनील मीणा पुत्र अमृतलाल मीणा निवासी रतनगढ़ अलवर, भूपेंद्र सैन पुत्र रामबाबू निवासी मालाखेड़ा अलवर को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया है कि बाबूलाल मीणा दिल्ली में रहता था। वह दिल्ली में लैब असिस्टेंट का काम करता है। 2007 में उसकी मुलाकात गुलाबो देवी से हुई थी। 2011 में दोनों ने आर्य समाज में शादी कर ली थी। 17 लाख रुपए में दोनों ने एक फ्लैट खरीदा था। युवती ने फ्लैट खरीदने के लिए 5 लाख रुपए भी दिए थे। दोनों ने बाद में नजमगढ़ में एक फ्लैट और खरीद लिया था।

डेढ़ महीने पहले बच्चा गोद लेने पर शुरू हुआ विवाद
करीब डेढ़ महीने पहले दोनों के बीच में विवाद शुरू होने लग गए। मृतका गुलाबो देवी ने कहा कि वह चाचा के परिवार से एक बच्चे को गोद लेना चाहती है। इस बात के लिए बाबूलाल नहीं माना। तब से दोनों के बीच में विवाद शुरू हो गया। इस पर गुलाबो देवी ने किसी अन्य युवक से शादी करने की बात कही। इसके बाद उसने अपना फ्लैट किसी और को किराए पर दे दिया और खुद दूसरी जगह किराए पर रहने लगी। इससे बाबूलाल को प्रॉपर्टी हाथ से जाने का डर सताने लगा। क्योंकि फ्लैट गुलाबो के नाम पर ही था।

2.50 लाख रुपए में हत्या की साजिश बनाई
बाबूलाल ने डेढ़ महीने पहले परेशान होकर हत्या करने की योजना बना ली थी। उसने परिचित जगराम मीणा से बात की। तब जगराम ने हत्या करने के लिए लड़कों की व्यवस्था की। 2.50 लाख रुपए में गुलाबो को मारने के लिए सौदा तय कर लिया। गुलाबो की हत्या करने के लिए तीन बार दिल्ली से जयपुर लाया गया, लेकिन वे हत्या की योजना में सफल नहीं हो पाए थे। 29 सितंबर को बाबूलाल किसी काम का कहकर गुलाबो को दिल्ली से राजस्थान लेकर आया। जिस गाड़ी में पत्नी को लेकर आया था, उसमें सभी बदमाश साथ थे। इस दौरान बीच रास्ते में उसका गला दबाकर हत्या कर दी और शव चौमूं के पास मोरीजा पुलिया पर फेंक दिया। आरोपियों ने हत्या को सुसाइड बताने के लिए एक सुसाइड नोट भी उसमें छोड़ दिया।

महिला के पति की 1994 में हो गई थी मौत
जांच में पता लगा कि गुलाबो के पति की 1994 में मौत हो गई थी। तब उसके पति की जगह दिल्ली में डिस्कॉम में उसकी नौकरी लग गई। यहां उसकी पहचान बाबूलाल मीणाा से हुई। तब उसके साथ 4 साल तक लिव-इन रिलेशन में रहने लगी थी। मृतका के एक बेटा हंसराज था। जिसने पिछले साल दौसा में ननिहाल में सुसाइड कर लिया था। मृतका के बैग में एक लेटर भी मिला था। उसमें मृतका के बेटे की आत्महत्या को हत्या बताकर उसके मामा पर आरोप लगाए थे।