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  • For The First Time In The History Of Three Decades Of Rajasthan, His Own Minister Took A Direct Contest With The State President Of Any Party.

दो दिग्गजों की रार:राजस्थान के तीन दशक के इतिहास में पहली बार किसी भी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष से अपने ही मंत्री ने ले ली सीधी टक्कर

जयपुर5 महीने पहलेलेखक: हर्ष खटाना
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  • कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डाेटासरा और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बीच तकरार का मामला

राजस्थान के तीन दशक की सियासत में ऐसा पहला माैका है, जब किसी प्रदेश अध्यक्ष काे उसी पार्टी की सरकार के मंत्री ने सीधे चुनाैती दे डाली हाे। इससे पहले अक्सर ये देखा गया है कि हर सरकार के मंत्री ने संगठन के साथ तालमेल बैठाकर काम करने की काेशिश की है। कांग्रेस हाे या भाजपा किसी भी सरकार के कार्यकाल में मंत्री ने इस अंदाज में प्रदेशाध्यक्ष की बात काे खारिज नहीं किया।

इस मामले में दैनिक भास्कर ने तीन दशक में प्रदेशाध्यक्ष रहे कई नेताओं से बातचीत की ताे उन्हाेंने कहा कि ऐसा वाक्या न कभी देखा और न ही सुना। उनका कहना है कि सत्ता और संगठन ट्रेन की पटरियाें की तरह साथ-साथ रहे तब ठीक है। गलत तरीके से एक-दूसरे काे क्राॅस करेंगे ताे हादसा हाेना तय है।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्षों ने कहा.....

पटरी की लाइन इधर-उधर हाेने पर हादसे का खतरा : गिरिजा व्यास
कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रहीं डॉ. गिरिजा व्यास का कहना है कि ऐसा वाक्या पहली बार देखने काे मिला। सत्ता औगठन दाेनाे एक रेल की पटरियाें की तरह हाेते हैं। दाेनाें काे साथ-साथ रहना पड़ता है, तभी उस पर विकास की रेल चलती है। पटरी की एक लाइन इधर-उधर हुई ताे हादसे का खतरा बनता है।

इस तरह की बाताें काे तवज्जो नहीं मिले ताे बेहतर : कल्ला
कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे वर्तमान मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि इस तरह की बातें पहले कभी नहीं हुई है। डाेटासरा और धारीवाल प्रकरण में भी साधारण संवाद हुआ जिसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।

पहले और अब दाेनाें ही मामलों पर नाे कमेंट्स : डॉ. चंद्रभान
इस मामले में कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान का कहना है कि पहले और अब दाेनाे ही मामलाें पर नाे कमेंट्स कहना ठीक समझता हूं।

भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बोले......

मंत्री-अध्यक्ष के बीच ऐसी तकरार पहले कभी नहीं देखी: ओम माथुर
ओम माथुर का कहना है कि राजनीति में चार दशक से अधिक समय हो गया, लेकिन ऐसी घटना आज तक नहीं देखी या सुनी। ये विकास की राह में बड़े हादसे के संकेत है। हमारे समय में भी कई बातें और मुद्दे हुआ करते थे, लेकिन हम बैठकर चर्चा करके सुलझाया करते थे।

किसी भी पार्टी में ऐसा विवाद पहले कभी नहीं हुआ : अरुण चतुर्वेदी
बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी का कहना है कि आज तक ऐसी घटनाएं नहीं देखी। कभी प्रदेश अध्यक्ष से कोई मंत्री टकराया हो, हमने यह कभी सुना नहीं। तालमेल से किस तरह से काम होता है ये ताे बीजेपी से सीखने की जरूरत है।

हमारे समय ताे मंत्री आगे बढ़कर पूछते थे-आगे क्या करना है : परनामी
अशाेक परनामी का कहना है कि ये पहला माैका है जब मंत्री और अध्यक्ष में टकराव हुआ हाे। मेरे कार्यकाल में ताे समन्वय ऐसा था कि मंत्री आगे बढ़कर पूछते थे कि हमें क्या-क्या करना है।

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