पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • For The Second Time, The Train Was Flagged Off, But In The Last One Year, Who Will Take The Fare, How Much It Will Not Be Decided

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रेलवे ने शुरू किया फ्रेट कॉरिडोर:दूसरी बार ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, लेकिन पिछले एक साल में किराया कौन लेगा, कितना लेगा ये तय नहीं

जयपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
इसमें उन्होंने कहा कि किराया तय करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार और रेलवे को ही है, जिसे डीएफसी को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। - Dainik Bhaskar
इसमें उन्होंने कहा कि किराया तय करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार और रेलवे को ही है, जिसे डीएफसी को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।
  • वर्ष 2019 में भी डीएफसीसीआईएल के एमडी ने दिखाई थी हरी झंडी, लेकिन फेयर पॉलिसी को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं

(शिवांग चतुर्वेदी). गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ड्रीम प्रोजेक्ट वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर के न्यू अटेली से न्यू मदार के 306 किलोमीटर के हिस्से को हरी झंडी दिखाते हुए इस रूट पर गुड्स ट्रेनों के संचालन को शुरू किया। इससे पहले वर्ष 2019 के दिसंबर माह में भी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के तत्कालीन एमडी अनुराग सचान ने इस रूट पर ट्रेनों का ट्रायल शुरू करने को हरी झंडी दिखाई थी।

इसके पीछे की वजह उनका सेवानिवृत होना था। हालांकि बीते दो साल में भी रेलवे इस कॉरिडोर की फ्रेट पॉलिसी को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। यानि किराया कितना होगा और कौन लेगा और तय करेगा इसे लेकर मंत्रालय स्तर पर अभी तक सिर्फ चर्चा ही की जा रही है।
ऑपरेशनल पार्ट रेलवे ही संभालेगी
डीएफसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार फिलहाल इस कॉरिडोर में संचालित होने वाली सभी ट्रेनों का ऑपरेशन रेलवे द्वारा ही किया जाएगा। यानि गार्ड और लोको पायलट रेलवे के ही होंगे। हालांकि जब गुड्स ट्रेनों का संचालन बढ़ जाएगा और पूरा वेस्टर्न कॉरिडोर शुरू हो जाएगा, तब डीएफसी अपने गार्ड और लोको पायलट सहित अन्य स्टाफ भी भर्ती करेगी। हालांकि डीएफसी की ही एक टीम रेलवे की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के साथ मिलकर इसकी व्यापारियों के बीच मार्केटिंग करेंगे।
किराया रेलवे तय करेगा या डीएफसी इस पर अंतिम निर्णय बाकी
बीते साल नवंबर में रेलवे बोर्ड के एडिश्नल मेंबर (वाणिज्य) देबराज पांडा ने डीएफसी के एमडी को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि किराया तय करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार और रेलवे को ही है, जिसे डीएफसी को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में किराया तो रेलवे ही तय करेगी।

डीएफसी ने एक प्रस्ताव भी बोर्ड को भेजा, जिसमें यह कहा गया कि किराया रेलवे ही तय करे और ले, लेकिन रेलवे मुनाफे में से ट्रैक एक्सेस शेयर के नाम पर फिलहाल डीएफसी को 30 फीसदी हिस्सा दे। हालांकि अभी तक भी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पहले दिन सिंगापुर, मलेशिया और खाड़ी देशों के लिए 5 हजार टन माल भेजा

डीएफसी के एमडी आरके जैन और जयपुर जीएम अनुराग ने बताया कि गुरुवार को पहली इलेक्ट्रिक डबल स्टैक मालगाड़ी में पीपावाव और मूधड़ा पोर्ट से 5666 टन माल लोड कर कॉनकोर लॉजिस्टिक पार्क काठूवास के लिए भेजा गया। कुछ माल संयुक्त अरब अमीरात की कंपनियों द्वारा मंगाया गया था। वहीं सिंगापुर, इंडोनेशिया और खाड़ी देशों की कंपनियों को भी यह माल निर्यात किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आपकी प्रतिभा और व्यक्तित्व खुलकर लोगों के सामने आएंगे और आप अपने कार्यों को बेहतरीन तरीके से संपन्न करेंगे। आपके विरोधी आपके समक्ष टिक नहीं पाएंगे। समाज में भी मान-सम्मान बना रहेगा। नेग...

    और पढ़ें