पद्मश्री तीरंदाज लिंबाराम की सेहत में सुधार:आर्थिक तंगहाली की वजह से स्पोर्ट्स हॉस्टल में रहने को मजबूर, CM गहलोत ने की 10 लाख रुपए की मदद

जयपुर9 महीने पहले
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तीरंदाज लिम्बाराम को 10 लाख का देते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
तीरंदाज लिम्बाराम को 10 लाख का देते अधिकारी।

ओलंपिक, एशियन गेम्स जैसी प्रतिस्पर्धा में भारत का नाम रोशन करने वाले पद्मश्री तीरंदाज लिंबाराम ब्रेन स्ट्रोक की वजह से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। पिछले दिनों उन्हें गाजियाबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। जहां से सेहत में सुधार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। आर्थिक तंगहाली से परेशान लिंबाराम रहने का कोई ठिकाना न होने पर मजबूरन स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के हॉस्टल में रह रहे है।

दरअसल, आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे तीरंदाज लिंबाराम पिछले कुछ वक्त से न्यूरोसिस्टसरकोसिस नाम की दिमागी बीमारी से परेशान है। बीते दिनों उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इसकी वजह से उनकी हालत काफी बिगड़ गई। इस दौरान तंग माली हालत की वजह से वह बेहतर इलाज भी नहीं करा पा रहे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर ना सिर्फ लिंबाराम के स्वस्थ होने की प्राथना की बल्कि उन्हें 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी। जिसका चेक लिंबाराम को दिल्ली में दे दिया गया है।

राजस्थान की शान है लिंबाराम
लिंबाराम भारत के मशहूर तीरंदाज हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक, एशियन गेम्स और देश-दुनिया में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। साल 1992 में लिंबा राम ने एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में बीजिंग के अंदर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की। इसके बाद लिंबाराम को साल 2012 में पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया।

इससे पहले साल 1989 में लिंबाराम ने आर्चरी एशियन कप में पुरुष टीम में गोल्ड जीता था। वहीं इंडिविजुअल इवेंट में लिंबाराम ने सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके ही साल 1992 में बीजिंग में हुई एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।