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  • Former PM Manmahan Singh; Union Ministers Alphanes And Venugaipal Are Also Rajya Sabha MPs From Rajasthan, But We Did Not Advocate At The Center

कोरोना संकट:पूर्व पीएम मनमाेहन सिंह; केंद्रीय मंत्री अल्फाेंस व वेणुगाेपाल भी राजस्थान से हैं राज्यसभा सांसद, पर केंद्र में हमारी पैरवी नहीं की

जयपुर6 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

राज्य सरकार और कांग्रेस संगठन हमारे राजस्थान से राज्यसभा सांसद पूर्व पीएम मनमाेहन सिंह के माध्यम से केंद्र या पीएम माेदी के समक्ष हमारे काेटे के ऑक्सीजन या दवाइयाें का मुद्दा रखवाती ताे शायद केंद्र की तरफ से और मदद मिलती है। भले ही मनमाेनह सिंह इस समय काेराेना पाॅजिटिव है लेकिन राज्य सरकार या संगठन उनसे अगर एक पत्र ही लिखवा देते ताे निश्चित ताैर पर पीएम नरेंद्र माेदी या केंद्र सरकार इसे और गंभीरता से लेती। लेकिन कांग्रेस ने पूर्व पीएम का इस्तेमाल राजस्थान के लिए नहीं किया।

प्रदेश में 10 राज्यसभा सांसद है। इनमें से सात सांसद बीजेपी से है जबकि 3 कांग्रेस से है। लगभग सभी सांसदाें का आलम ये है कि इनके साेशल मीडिया अकाउंट में राजस्थान में बिगड़े हालाताें या मांगाें का जिक्र तक नहीं है। सभी ने राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियाें, केंद्रीय नेताओं के कामकाज का बखान आदि मुद्दाें काे शामिल किया लेकिन पिछले एक महीने में परेशानी से जूझ रहे राजस्थान काे लेकर जिक्र तक नहीं किया है।

केसी वेणुगाेपाल भी आगे आए होते ताे अलग बात हाेती
कांग्रेस के बड़े नेता के.सी. वेणुगाेपाल ने राजस्थान के बिगड़े हालाताे काे लेकर केंद्र के समक्ष मजबूत पैरवी की हाेती ताे भी प्रदेश की अलग ही तस्वीर हाेती। कम से कम ऑक्सीजन व दवाईयाें के लिए ताे मरीजाें काे राहत दिला सकते थे। इसके अलावा नीरज डांगी भी कांग्रेस से राज्यसभा सांसद है लेकिन वह भी प्रदेश का पक्ष नहीं रख सकें।

अल्फाेंस, ओम माथुर, भूपेंद्र यादव ने भी मुद्दा नहीं उठाया
राजस्थान की पैरवी नहीं करने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं केरल के पूर्व ब्यूरोक्रेट्स के.जे अल्फोंस, बीजेपी के वरिष्ठ नेता ओम माथुर के अलावा भूपेंद्र यादव शामिल हैं। अगर इन नेताओं ने प्रदेश में ऑक्सीजन या दवाईयाें का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाया हाेता ताे निश्चित ताैर पर केंद्र इन्हें भी प्राथमिकता देता और केंद्र दबाव में रहकर कार्य करता।

9 दिन तक लाश लेकर आंदाेलन करने वाले किराेड़ीलाल भी प्रदेश की पैरवी करने से रह गए पीछे

आमजन की अवाज उठाने में आगे रहने वाले डॉ. किराेड़ीलाल मीणा इस बार ऑक्सीजन व दवाइयाें के मुद्दे पर राजस्थान का पक्ष रखने में पीछे रह गए। प्रदेश के कद्दावर नेताओं में शुमार किराेड़ीलाल मीणा हाल ही में 9 दिन तक पुजारी की लाश काे लेकर आंदाेलन करते नजर आए थे। इसके अलावा युवाओं के मुद्दे भी जमकर उठाएं। ऐसे में सवाल खड़ा हाेता है डा. किराेड़ीलाल इस मुद्दे पर क्या इसलिए पीछे रह क्याेंकि केंद्र में उन्हीं की सरकार है।

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