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जयपुर में अगवा गारमेंट्स कारोबारी रिहा:बोलेरो में अपहरण करके ले गए नकाबपोश, पिता से मांगे 3 लाख रुपए, बदमाशों को ऑनलाइन फिरौती देकर छुड़वाया

जयपुर9 महीने पहले
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जयपुर में एक गारमेंट्स कारोबारी का अपहरण कर बदमाशों ने 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी। एक लाख रुपए मिलने पर दो दिन बाद छोड़कर भागे। - Dainik Bhaskar
जयपुर में एक गारमेंट्स कारोबारी का अपहरण कर बदमाशों ने 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी। एक लाख रुपए मिलने पर दो दिन बाद छोड़कर भागे।

जयपुर में तीन दिन पहले अगवा किए गए गारमेंट्स कारोबारी को 3 अक्टूबर की देर रात करीब 12 बजे रिहा कर दिया गया। इससे पहले कारोबारी के पिता ने अपहर्ताओं की धमकियों से घबराकर फिरौती की एक लाख रुपए की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी थी। हालांकि पहले बदमाशों ने कारोबारी को रिहा करने के बदले तीन लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।

1 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे बोलेरो में सवार छह-सात नकाबपोश बदमाशों ने गारमेंट्स कारोबारी को अगवा कर लिया। वारदात के बाद किडनैपर्स ने युवक को छोड़ने के एवज में उसके पिता को फोन कर 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी। मामला सांगानेर थाने तक पहुंचा। इसी बीच युवक के पिता ने बदमाशों की धमकियों से परेशान होकर उनके खाते में एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बदमाशों ने 3 अक्टूबर को देर रात 12 बजे अपहृत कारोबारी को टोंक जिले में देवली के पास सुनसान जगह पर छोड़ दिया।

युवक की तलाश में जुटी पुलिस और परिजनों ने अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। उसे जयपुर लाया गया। यहां आज पीड़ित के बयान दर्ज कर उसका मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा। इस संबंध में टोंक जिले में उनियारा तहसील के उदयपुरिया गांव में रहने वाले दिलखुश मीणा ने 2 अक्टूबर को सांगानेर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।

टोंक से व्यापार के सिलसिले में जयपुर आया था कारोबारी
पुलिस के मुताबिक अपहृत घमंडीलाल (18) की उनियारा में गारमेंट्स की दुकान है। वह 1 अक्टूबर को व्यापार के सिलसिले में अपने दोस्त दिलखुश मीणा (20) के साथ रोडवेज बस में बैठकर जयपुर के लिए रवाना हुआ था। वे दोनों रात करीब 11 बजे टोंक रोड पर कुंभा मार्ग के सामने बस से उतरे। रात ज्यादा होने से घमंडी और दिलखुश ने नजदीक ही एक होटल शिवम में ठहरने का फैसला लिया। वे दोनों पैदल ही होटल की तरफ रवाना हो गए।

तभी होटल के सामने एक बोलेरो आकर रुकी, जिसमें मौजूद बदमाशों ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। उन्होंने दिलखुश और घमंडी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन दिलखुश भाग निकला। जबकि उसके दोस्त घमंडी को बदमाशों ने पकड़ लिया। वे उसे जबरन उसे बोलेरो में पटक कर भाग निकले। दिलखुश के मुताबिक घमंडी के पास एक बैग में 85 हजार रुपए और दूसरे में 50 हजार रुपए रखे थे। इन रुपयों को भी बदमाशों ने लूट लिया।

अपहरण के बाद घमंडी के पिता को फोन कर मांगे 3 लाख रुपए
अपने दोस्त घमंडी के अपहरण के बाद दिलखुश घबरा गया। उसने देर रात अपने भाई को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद सुबह 4 बजे घमंडी के पापा को फोन कर अपहरण और लूटपाट की सूचना दी। तब वे अपने परिचितों के साथ होटल पहुंचे। तभी 2 अक्टूबर को सुबह 7 बजे घमंडी के पिता को बदमाशों ने फोन किया और 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी। इसके बाद घमंडी के पिता ने सांगानेर थाने में केस दर्ज करवाया।

दिलखुश के मुताबिक बोलेरो गाड़ी के अधूरे रजिस्ट्रेशन नंबर ही देख सका, जिस पर आरजे 26 लिखा था। साथ ही, नंबर प्लेट पर जिला परिषद सदस्य भी लिखा हुआ था। केस की जांच सब इंस्पेक्टर हीरालाल को सौंपी गई। गाड़ी के नंबर प्लेट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने एक युवक को नामजद किया है।

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