12 नवंबर से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना:राजनीतिक नियुक्तियों पर राहुल गांधी से चर्चा करने के लिए अगले सप्ताह दिल्ली जा सकते हैं गहलोत

जयपुरएक महीने पहले
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अशोक गहलोत,मुख्यमंत्री। - Dainik Bhaskar
अशोक गहलोत,मुख्यमंत्री।

अगले सप्ताह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार का विस्तार कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक विस्तार से पहले गहलोत दिल्ली जाकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। इसके लिए वे अगले सप्ताह की शुरुआत में ही दिल्ली जा सकते हैं। संभावना है कि 12 नवंबर तक गहलोत अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे क्योंकि इसके बाद उनके तीन मंत्री, शांति धारीवाल, परसादी लाल मीणा, भराेसी लाल जाटव इनवेस्टमेंट समिट की तैयारियों को लेकर 18 नवंबर तक दुबई यात्रा पर रहेंगे।

राहुल गांधी से मुलाकात में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा होनी है। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ करीब 8 से 10 राजनीतिक नियुक्तियों की एक छोटी सूची भी जारी हो सकती है। विस्तार में पायलट गुट के 3 से 4 समर्थकों को एडजेस्ट किया जा सकता है। विस्तार में एससी से 2 और एक महिला को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। इनके अलावा निर्दलीय विधायकों और बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों में से भी 2 से 3 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

अभी प्रदेश के 16 जिलों को ही मिला है मंत्री पद
अजमेर-रघु शर्मा, अलवर-टीकाराम जूली, बारां-प्रमोद जैन भाया, बाडमेर-हरीश चौधरी, भरतपुर-सुभाष गर्ग, भजन लाल जाटव, बीकानेर-बीडी कल्ला, भंवर सिंह भाटी, बूंदी-अशोक चांदना, चित्तोड़गढ़-उदयलाल आंजना, दौसा-परसादी लाल और ममता भूपेश, जयपुर-प्रताप सिंह खाचरियावास, लालचंद कटारिया, महेश जोशी, जैसलमेर-शाले मोहम्मद, जालौर-सुखराम विश्नोई, जोधपुर से सीएम अशोक गहलोत, कोटा-शांति धारीवाल, राजसमंद-सीपी जोशी, सीकर-गोविंद सिंह डोटासरा।

13 मंत्री पद खाली : गहलोत सरकार में मौजूदा मंत्रिमंडल की संख्या 21 है। इसके अलावा विधानसभा में एक डिप्टी स्पीकर का पद भी खाली है। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को भी यदि पूरी तरह से संगठन में लगा दिया जाता है तो कुल 13 वेकेंसी बचती हैं, जिन्हें विस्तार में भरा जा सकता है। हालांकि विस्तार के बाद भी इनमें 2-3 खाली रहने की संभावना है।

संभागवार : कहां कितने मंत्री हैं, कहां पर है जगह खाली

  • बीकानेर संभाग : चार जिले बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, गंगानगर, लेकिन मंत्री सिर्फ बीकानेर से ही है। जबकि इन तीनों जिलों में एक निर्दलीय और 8 कांग्रेस विधायक हैं।
  • भरतपुर संभाग : इसमें भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर है। इनमें भरतपुर से सुभाष गर्ग और भजनलाल जाटव मंत्री हैं। लेकिन धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर से कोई मंत्री नहीं है। जबकि इन तीन जिलों में कांग्रेस के 10 और एक निर्दलीय विधायक है।
  • जयपुर संभाग : इस संभाग में जयपुर, दौसा, सीकर, अलवर, झुंझुनू हैं। सरकार में सबसे ज्यादा मंत्री यहीं से हैं। जयपुर से लालचंद कटारिया, प्रताप सिंह खाचरियावास कैबिनेट मंत्री, दौसा से परसादी मीणा, ममता भूपेश, सीकर से डोटासरा, अलवर से टीकाराम जूली मंत्री हैं।
  • अजमेर संभाग : इस संभाग में अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, नागौर आते हैं। इनमें सिर्फ अजमेर से रघु शर्मा मंत्री हैं। भीलवाड़ा, टोंक, नागौर में कांग्रेस के 11 विधायक हैं।
  • जोधपुर संभाग : जोधपुर से सीएम गहलोत, जैसलमेर से शाले मोहम्मद, जालौर से सुखराम विश्नोई, बाड़मेर से हरीश चौधरी मंत्री हैं।
  • कोटा संभाग : कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ आते हैं। इनमें कोटा से शांति धारीवाल, बूंदी से अशोक चांदना और बारां से प्रमोद जैन भाया मंत्री हैं।

इन 15 जिलों में विधायक 39, लेकिन यहां एक भी मंत्री नहीं

  • सवाई माधोपुर : एक निर्दलीय और 3 कांग्रेस विधायक
  • करौली : चारों विधायक कांग्रेस के
  • धौलपुर : कांग्रेस के तीन विधायक
  • भीलवाड़ा: दो विधायक कांग्रेस के
  • चूरू : 4 विधायक कांग्रेस के
  • गंगानगर: एक निर्दलीय और 2 कांग्रेस के विधायक
  • हनुमानगढ़ : दो कांग्रेस विधायक
  • झुंझुनू : 6 कांग्रेस विधायक
  • उदयपुर : एक कांग्रेस विधायक
  • टोंक : तीन कांग्रेस विधायक
  • सिरोही : एक निर्दलीय विधायक
  • प्रतापगढ़ : एक कांग्रेस विधायक
  • पाली : एक निर्दलीय विधायक
  • डूंगरपुर : एक कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष
  • नागौर : 6 विधायक कांग्रेस-(इनमें से एक महेंद्र चौधरी उपमुख्य सचेतक हैं।)
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