हंगामे के बाद 3 जिलों के क्रिकेट संघ निलंबित:वैभव गहलोत के एक्शन पर राजेंद्र सिंह बोले- भ्रष्टाचार का अड्डा बना RCA

जयपुर3 महीने पहले
वैभव गहलोत की अध्यक्षता में जयपुर में आयोजित हुई RCA की AGM।

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की विशेष जनरल बॉडी मीटिंग हंगामेदार रही। मीटिंग में जिला संघों को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख करने के साथ ही पुराने खिलाड़ियों को दी जाने वाली पेंशन फिर से शुरू करना का फैसला किया गया। मीटिंग शुरू होने के साथ ही नागौर, अलवर और श्रीगंगानगर क्रिकेट संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव गहलोत ने तीनों क्रिकेट संघ को निलंबित कर दिया।

RCA करवाई से नाराज नागौर जिला संघ के राजेंद्र ने बताया कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। जिस भी क्रिकेट संघ का पदाधिकारी इनके खिलाफ बोलता है। यह लोग उस पर कार्रवाई करने लग जाते हैं। राजेंद्र ने कहा कि नागौर जिला संघ के अध्यक्ष रामेश्वर डूडी हैं। लेकिन उनकी राजनीतिक हत्या करने की वजह से नागौर जिला संघ को निलंबित किया है। जो सरासर गलत है। हम नियमों के आधार पर सिलेक्ट होकर यहां पहुंचे हैं। लेकिन यह लोग भूल गए कि वक्त सबका आता है। जब हमारा वक्त आएगा तब हम उनके काले कारनामों को सार्वजनिक कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

राजेंद्र के आरोपों पर जवाब देते हुए RCA अध्यक्ष वैभव गहलोत ने कहा कि इन लोगों के काम की वजह से RCA पर BCCI का एक लंबा बैन लग चुका है। ऐसे में हम नहीं चाहते की दोबारा ऐसी कार्रवाई का सामना करना पड़े। इसलिए जब तक जिला संघों को लेकर इनका स्पष्ट जवाब नहीं मिलता है। तब तक इन तीनों ही जिला संघों को निलंबित करने का सर्व सम्मति से फैसला लिया गया है।

गहलोत ने बताया कि मीटिंग में जिला संघों को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही पुराने खिलाड़ियों को दी जाने वाली पेंशन की शुरूआत की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जिसे जल्दी ही कार्यक्रम आयोजित कर जल्द शरू कर दिया जाएगा।

गहलोत ने बताया कि राजस्थान की क्रिकेट प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए राजस्थान प्रीमियर लीग पर काम किया जा रहा है। फिलहाल BCCI को प्लान बनाकर भेजा गया है। ऐसे में BCCI से परमिशन मिलने का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही BCCI से हरी झंडी मिलती है। तो RPL को लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। ताकि राजस्थान के खिलाड़ियों को नेशनल स्तर पर मौका मिल सके।