4 दिन बाद गहलोत की राहुल से मुलाकात का खंडन:गहलोत के OSD का ट्वीट-16 अक्टूबर को सीएम और राहुल की मुलाकात नहीं हुई, सियासत गरमाई

जयपुर7 महीने पहले

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिल्ली दौरे के 4 दिन बाद अब उनके ओएसडी ने राहुल गांधी से मुलाकात की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। गहलोत के ओएसडी ने ट्वीट करके 16 अक्टूबर को गहलोत की राहुल गांधी से मुलाकात नहीं होने का दावा करके सियासी हलकों में चर्चाएं छेड़ दी हैं। इस दावे की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएम छोटे से मुद्दे पर भी खुद के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हैं, लेकिन इतने बड़े मामले में खुद की जगह ओएसडी के अकाउंट से खंडन करवाने पर कई तरह की चर्चाएं हैं।

गहलोत के ओएसडी ने लिखा- कुछ मीडिया संस्थान अज्ञानतावश अथवा शरारतपूर्ण मानसिकता के कारण मुख्यमंत्री और राहुल गांधी की 16 अक्टूबर को मुलाकात से संबंधित खबरें चला रहे हैं। 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की राहुल गांधीजी से कोई मुलाकात नहीं हुई। राहुलजी के आवास पर राजस्थान को लेकर बनी हुई AICC समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में अशोक गहलोत, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, अजय माकन शामिल थे, लेकिन कुछ मीडिया संस्थान इस बैठक में राहुल जी के शामिल होने की अफवाह फैलाकर गलत खबरें चला रहे हैं।

शनिवार रात को राहुल गांधी के घर पर घंटे भर तक बैठक चली थी। उस बैठक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रात में ही सीधे दिल्ली से जयपुर लौट गए थे। उस दिन मीडिया के सामने गहलोत सहित किसी नेता ने कुछ नहीं बोला। प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने राहुल गांधी के घर पर बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से केवल इतना ही कहा कि न​​​थिंग स्पेशल। अब चार दिन बाद गहलोत के ओएसडी के दावे ने सियासी चर्चाओं को बल दे दिया है।

सोनिया से नहीं मिल पाए थे गहलोत, अब राहुल से मुलाकात का भी खंडन
सीएम अशोक गहलोत ​दिल्ली दौरे के समय सोनिया गांधी से नहीं मिल पाए थे। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के अलावा सोनिया गांधी से अलग से मिलने का समय नहीं मिल पाया था। अब गहलोत के ओएसडी ने राहुल गांधी से मुलाकात का भी खंडन कर दिया है। राहुल गांधी के घर पर बैठक होने के बावजूद गहलोत जैसे वरिष्ठ नेता से उनके नहीं मिलने से बदले सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

पायलट की मांगों वाली कमेटी में केवल माकन-वेणुगोपाल मेंबर
सीएम के ओएसडी के दावे के मुताबिक राहुल गांधी के घर पर एआईसीसी कमेटी की बैठक हुई थी। एआईसीसी कमेटी का मतलब सचिन पायलट की मांगों पर बनी कमेटी से है। उस कमेटी में अजय माकन और केसी वेणुगोपाल मेंबर हैं। अहमद पटेल का देहांत हो चुका है। अभी तक अहमद पटेल की जगह किसी को शामिल नहीं किया गया। ऐसे में इस कमेटी की बैठक में प्रियंका गांधी के मौजूद रहने के सियासी मायने हैं।

गहलोत उस कमेटी में मेंबर नहीं है, इसलिए उन्हें कमेटी ने सचिन पायलट के उठाए मुद्दों पर जवाब देने और एक्शन टेकन पर हाईकमान की मंशा बताने बुलाए जाने की संभावना है। पायलट खेमे से सुलह के मुद्दे तय करने में प्रियंका गांधी की भूमिका रही है। ओएसडी के दावे के बाद अब गहलोत की दिल्ली यात्रा और राहुल गांधी से संबंधों को लेकर नए मायने बनने की शुरुआत हो गई है।

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