मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन:सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि व कुमार योग में आज मनेगी गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी

जयपुरएक महीने पहले
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मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती मंगलवार को है। - Dainik Bhaskar
मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती मंगलवार को है।

मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती मंगलवार को है। इस मौके पर गोविंददेवजी सहित अन्य ठाकुरजी व गीता मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। पूरे दिन कुमार योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का संयोग रहेगा। एकादशी तिथि भी पूरे दिन रहेगी।

ज्योतिषविद दिनेश मिश्रा ने बताया कि मार्गशीष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को विशेष माना गया है। इसे मोक्षदा एकादशी कहते हैं। मान्यता के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने इसी दिन अर्जुन को कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान दिया था। इस एकादशी पर व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा और भागवत गीता के 11वें अध्याय का पाठ करना चाहिए।

श्री मन्न नारायण प्रन्यास मंडल की ओर से सीकर रोड ढहर के बालाजी के परसरामनगर स्थित श्री मन्न नारायण धाम में महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम भारती के सान्निध्य में गीता जयंती मनाई जाएगी। श्रद्धालु गीता के पाठ करेंगे। विश्व हिंदू परिषद के जमना लाल बजाज मार्ग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय भारत माता मंदिर में गीता जयंती पर सुबह 8:30 बजे गीता पर बौद्धिक व्याख्यान होगा। राष्ट्रीय प्रचारक जुगल किशोर ने बताया कि इस मौके पर गीता का स्वाध्याय भी किया जाएगा।

ऐसे करें गीताजी का पूजन
गीता जयंती के दिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद भगवान विष्णु के श्रीकृष्ण स्वरूप को प्रणाम करें। फिर गंगाजल का छिड़काव करके पूजा के स्थान को साफ करें। इसके बाद वहां चौक बनाकर और चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा और श्रीमद्भागवत गीता रखें। इसके बाद भगवान कृष्ण और श्रीमद्भागवत गीता को जल, अक्षत, पीले पुष्प, धूप-दीप नैवेद्य आदि अर्पित करें। इसके बाद गीता का पाठ जरूर करें।

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