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आत्मबल:टैंकर से घसीटे जाने से हाथ-पैर और कमर के टिश्यू डैमेज, इलाज पर लाखों खर्च, फिर भी मदद के 50 हजार सामूहिक विवाह में दिए

जयपुर9 महीने पहलेलेखक: लता खंडेलवाल
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बीमारी में भी बच्चों को रजनी ट्यूशन पढ़ा रही हैं। - Dainik Bhaskar
बीमारी में भी बच्चों को रजनी ट्यूशन पढ़ा रही हैं।
  • हादसे के बाद भी स्वाभिमान और आत्मबल से जिंदगी को रोशन कर रहीं रजनी
  • कोरोना काल में 25000 लोगों के आर्य समाज के भोजन वितरण की कमान रजनी ने संभाल रखी थी

यह खबर उस महिला की है जिसके लिए स्वाभिमान और आत्मबल से बड़ा शायद कुछ नहीं है। हादसा हुआ...इलाज पर लाखों रुपए खर्च भी हुए। फिर भी मदद के लिए 50 हजार रुपए मिले पर वह पैसे भी सामूहिक विवाह के लिए दान कर दिया। इन महिला का नाम है आदर्श नगर की रजनी चावला। 11 फरवरी को रजनी हवन के लिए आर्य समाज जा रही थीं। रास्ते में राजापार्क के ही सेठिया पेट्रोल पंप के टैंकर चालक ने टक्कर मार दी। कई मीटर तक टैंकर रजनी को घसीटते ले गए।

रजनी की जान तो बच गई लेकिन दर्द जिंदगी भर का मिल गया। आर्य समाज के अध्यक्ष रवि नैयर ने लोगों की मदद से एसएमएस में भर्ती करवाया। घसीटे जाने के कारण रजनी के पीठ और हाथ-पैर के सारे टिश्यू डैमेज हो चुके थे। वह बिस्तर पर आ गईं। दूसरी ओर, पेट्रोल पंप मालिक सेठिया इलाज के लिए ₹50,000 का चेक देने के लिए रजनी चावला के घर गए। रजनी ने पैसा यह कहते हुए लौटा दिया मुझ पर ईश्वर की कृपा है, यह पैसा गरीब बच्चियों की शादी में लगा दें। उन्होंने 16 फरवरी को सेवा भारती की संस्था सर्व मंगल सेवा समिति की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के लिए दान कर दिया।

कोरोना काल में 25000 लोगों के आर्य समाज के भोजन वितरण की कमान रजनी ने संभाल रखी थी
वह अपना इलाज स्वयं करा रही हैं। रजनी बताती हैं कि शुरू के 5 दिन एसएमएस अस्पताल का इलाज चला लेकिन घर से अस्पताल दूर पड़ता था इसलिए अब बर्फखाने स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल से अपना इलाज करवा रही हैं। रोज की दवाइयों का करीब ₹500 रुपए का खर्च आता है। साथ में कंसल्टेंसी और टेस्ट वगैरह की फीस अलग। इस हालत में भी वह अपने इलाज खर्च और बच्चों के एग्जाम को देखते हुए उन्हें ट्यूशन पढ़ा रही हैं।

उनका इलाज कर रहे डॉक्टर संजय जैन ने बताया कि एक्सीडेंट से चावला की मांसपेशियों में हुई तकलीफ के कारण अभी उन्हें तीन चार सप्ताह और रेस्ट करना होगा। समाजसेवी रवि नैयर ने बताया कि रजनी चावला पिछले 15 सालों से आर्य समाज से जुड़ी हुई हैं। समाज सेवा के कार्य में हमेशा बढ़-चढ़कर हाथ बंटाती हैं। कोविड-19 के दौरान जब आर्य समाज राजापार्क में रोज 25000 लोगों के लिए भोजन के पैकेट तैयार किए जा रहे थे तब उन्होंने भोजन वितरण व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

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