धर्म - समाज:तीन दिवसीय हनुमंत कथा का विश्राम हुआ

जयपुर11 दिन पहले
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श्री हंस विहार मंदिर में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का विश्राम हुआ। - Dainik Bhaskar
श्री हंस विहार मंदिर में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का विश्राम हुआ।

हरिनाम संकीर्तन परिवार के तत्वावधान में श्री हनुमत चरित्र की 108 कथाओं की श्रंखला में बीटू बाईपास रोड द्वारकादास मार्ग के सामने मानसरोवर स्थित श्री हंस विहार मंदिर में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का विश्राम हुआ। व्यासपीठ से अकिंचन महाराज ने विविध चौपाइयों की सारगर्भित व्याख्या की। उन्होंने कहा कि हनुमान जी सूक्ष्म और विकट रूप धारण करने की शक्ति रखते हैं।

सूक्ष्म रूप बनाने का अर्थ है हनुमान जी जैसा विनम्र कोई नहीं है। बड़े-बड़े कार्य करने के बाद भी वे अपने आप को छोटा ही मानते हैं। उन्हें अभिमान छू भी नहीं सकता। आयोजक नंदकिशोर चौधरी और सुलोचना चौधरी ने आरती उतारी। एक अन्य प्रसंग में उन्होंने कहा कि हनुमान जी की शरण में जो चला जाता है उसे सभी सुख प्राप्त होते हैं।

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