• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Hearing On Soumya Gurjar's Petition Postponed In The High Court Till Tomorrow, The Government Will Present The Answer In The High Court Tomorrow, Challenging The Suspension Of The Mayor On The Basis Of Three Points

मेयर विवाद में कल हो सकता है फैसला:सौम्या गुर्जर की याचिका पर हाईकोर्ट में कल तक टली सुनवाई, सरकार कल हाईकोर्ट में जवाब पेश करेगी, सरकार की प्रतिष्ठा से जुड़ा है यह केस

जयपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जयपुर ग्रेटर की मेयर और तीन पार्षदों को आुयक्त के साथ मारपीट के आरोप में सस्पेंड करने के मामले में हाईकोर्ट ने कल तक के लिए सुनवाई टाल दी है। आज जस्टिस पंकज भंडारी और सीके सोनगरा की बेंच में केवल दो मिनट वर्चुअल सुनवाई हुई। सरकार की तरफ से महाधिवक्ता एमएस सिंघवी ने पैरवी करते हुए जवाब पेश करने के लिए कल तक का समय मांगा जिस पर अनुमति दे गई। सौम्या गुर्जर की तरफ से एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद ने पैरवी की। हाईकोर्ट ने कल तक के लिए सुनवाई टाल दी।

अब कल मेयर सौम्या गुर्जर और तीन पार्षदों को सस्पेंड करने के मामले में महाधिवक्ता सरकार का जवाब हाईकोर्ट में पेश करेंगे। सौम्या गुर्जर ने तीन बिंदुओं के आधार पर सस्पेंशन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कल हाईकोर्ट में राज्य सरकार पूरे मामले में जवाब पेश करेगी। सौम्या गुर्जर को सस्पेंशन से राहत मिलती है या नहीं इस पर कल फैसला हो सकता है। राज्य सरकार के जवाब पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा। कानूनी जानकारों के मुताबिक सरकार के फैसले में रही कानूनी खामियां और तकनीकी पेच ही राहत का आधार बन सकते हैं। सरकार के लिए भी यह केस प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसलिए महाधिवक्ता खुद पैरवी कर रहे हैं।

याचिका में तर्क- एफआईआर और शिकायत में नाम नहीं, सुनवाई का मौका नहीं दिया, इस तरह सस्पेंड करना न्यायसंगत नहीं

  • मेयर सौम्या गुर्जर के निलंबन को तीन बिंदुओं के आधार पर चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि नगर निगम में आयुक्त के साथ हुई घटना की शिकायत और FIR दोनों में मेयर सौम्या गुर्जर का नाम नहीं है इसके बावजूद उन्हें पद से हटाना गलत है।
  • आयुक्त वरिष्ठ IAS अफसर है और सरकार ने इसकी जांच RAS अफसर को दे दी, सीनियर से जुड़े मामले की जांच जूनियर अफसर को देना भी गलत है।
  • याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने चार जून को ही म्यूनिसिपल एक्ट की धारा 39 के तहत एक RAS अफसर को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया। जांच अधिकारी ने बिना समय दिए याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर दिए। याचिकाकर्ता की ओर से समय मांगने पर भी समय नहीं दिया गया और छह जून को याचिकाकर्ता को अपने बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। याचिका में बताया गया कि जांच अधिकारी ने छह जून को याचिकाकर्ता की ओर से मांगे समय को ही बयान देना बताकर राज्य सरकार को रिपोर्ट भेज दी। जांच रिपोर्ट पर राज्य सरकार ने इसी दिन न्यायिक जांच के आदेश देते हुए याचिकाकर्ता को महापौर और पार्षद पद से निलंबित कर दिया। इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत बताते हुए राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है।

कमिश्नर से हाथापाई मामले में देर रात एक्शन:जयपुर ग्रेटर नगर निगम मेयर सौम्या गुर्जर और तीन बीजेपी पार्षद सस्पेंड, विभागीय जांच में दोषी करार, अब न्यायिक जांच का हवाला देकर निलंबित किया

खबरें और भी हैं...