हाईकोर्ट का फैसला:करदाताओं को पुराने प्रावधानों के तहत जारी पुन: कर निर्धारण नोटिस हाईकोर्ट ने किए रद्द

जयपुर11 दिन पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

हाईकोर्ट ने आयकर विभाग द्वारा एक अप्रैल 2021 के बाद प्रार्थी करदाताओं को 2013-14 से 2017-18 की पांच साल की अवधि के लिए धारा 148 के तहत जारी किए पुन: कर निर्धारण के नोटिसों को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि एक अप्रैल 2021 को कानून में संशोधन हो गया है और ऐसे में आयकर विभाग नए संशोधित कानून के तहत कार्रवाई करे।

जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने यह निर्देश बीआईपीपी व अन्य की 250 याचिकाओं पर दिया। अधिवक्ता संजय झंवर व सिद्दार्थ रांका ने बताया कि आयकर विभाग ने सीबीडीटी के एक निर्देश के पालन में प्रार्थी करदाताओं को 2013-14 से 2017-18 की पांच साल की अवधि के लिए धारा 148 के तहत नोटिस जारी किए।

इन नोटिसों को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि 2021 के बजट में देशभर में कोविड के हालातों के चलते संशोधन किया गया था। प्रार्थियों को आयकर विभाग ने नोटिस पुराने प्रावधान के तहत जारी किए हैं जबकि अब कानून में संशाेधन हो चुका है। इसलिए अब आयकर विभाग को नए कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही पुन: कर निर्धारण की कार्रवाई करनी चाहिए। अदालत ने प्रार्थियों की दलीलों से सहमत होकर आयकर विभाग के नोटिसों को रद्द कर दिया।

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