525 मरीजों के अध्ययन के दौरान खुलासा:एचआईवी मरीजों को दवाओं से साइड इफेक्ट, 25 फीसदी में टीबी भी मिला

जयपुर8 दिन पहले
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दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट से एचआईवी मरीजों के जीवन पर संकट मंडराने लगा है। - Dainik Bhaskar
दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट से एचआईवी मरीजों के जीवन पर संकट मंडराने लगा है।

दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट से एचआईवी मरीजों के जीवन पर संकट मंडराने लगा है। हूमन इम्यूनो डेफिसिएन्सी सिंड्रोम के मरीजों को टीनोफोविर, लेमिवुडीन और इफाविरेंज दवाओं से बुखार, अधिक नींद आना, चक्कर आना, उल्टी-दस्त, भूख नहीं लगना, सिर-दर्द पेट से संबंधित और थकान जैसे साइड इफेक्ट हो रहे हैं।

ऐसे मरीज भी मिले हैं जिन्हें चकते, एनीमिया (खून की कमी), लीवर व गुर्दे भी प्रभावित हुए हैं। गंभीर हालत होने पर दवाओं को बंद करना पड़ रहा है। शरीर पर चकते इंफाविरेंज से साइड इफेक्ट के चलते हो रहे हैं। यह खुलासा एसएमएस अस्पताल के एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर पर वर्ष-2019 में आने वाले 525 मरीजों के एडीआर पेटर्न का अध्ययन के दौरान हुआ है।

इसमें 310 पुरुष और 215 महिला शामिल है। वायरस के साथ जीने वाले 25 फीसदी मरीजों में टीबी भी मिला। खास बात यह है कि एचआईवी से ग्रसित मरीजों में 21 से 40 साल तक की उम्र वाले पुरुष अधिक पाए गए हैं। यह शोध कार्य डॉ. लोकेंद्र शर्मा के अधीन डॉ. चारू जैन ने किया है।

नाको की गाइडलाइन : इफाविरेंज की जगह अब ‘डोल्यूटिग्रावीर’
केंद्र सरकार के नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (नाको) की गाइडलाइन के अनुसार एचआईवी मरीजों को इफाविरेंज से साइड इफेक्ट पाए जाने पर डोल्यूटिग्रावीर दवा दी जा रही है।

जयपुर में सबसे ज्यादा मरीज

  • जिला - मरीज
  • जयपुर - 220
  • टोंक - 61
  • करौली - 37
  • सीकर - 36
  • सवाईमाधोपुर - 35
  • दौसा - 21
  • अलवर - 14
  • धोलपुर - 09

प्रदेश में मरीज

  • वित्तीय वर्ष - संक्रमित
  • 2017-18 : 37092
  • 2018-19 : 41408
  • 2019-20 : 46514

साइड इफेक्ट होने पर टोल फ्री नंबर पर शिकायत : फार्माकोविजिलेंस सेंटर के प्रभारी और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के डॉ. लोकेंद्र शर्मा के अनुसार एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल, निजी अस्पताल में मरीजों को किसी भी दवा से साइड इफेक्ट होने पर 1800-180-3024 टोल फ्री नंबर पर रिपोर्ट कर सकते हैं। दवाओं के साइड इफेक्ट की मॉनिटरिंग के साथ आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस विकसित किया जा रहा है।

एआरटी सेंटर पर आने वाले एचआईवी मरीजों में दवाओं से साइड इफेक्ट देखने को मिला है, लेकिन दवा लेने वालों में कोरोना संक्रमित कम केस मिले हैं। - डॉ. सुधीर भंडारी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज

मरीजों को दी जाने वाली टीनोफोविर, लेमिवुडीन तथा इफाविरेंज दवाओं से नींद, चक्कर आना और भूख नहीं लगना जैसे साइड इफेक्ट देखने को मिल हैं। इफाविरेंज की जगह अब डोल्यूटिग्रावीर दवा दे रहे हैं। -डॉ. अभिषेक अग्रवाल, नोडल ऑफिसर, एआरटी सेंटर, एसएमएस हॉस्पिटल

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