विश्व एड्स दिवस:HIV का इलाज गोली से नहीं, इंजेक्शन से होगा; 1 माह में सिर्फ 1 टीका जिंदगी को आसान बनाएगा

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी
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इस साल की थीम असमानताओं को दूर कर एड्स खत्म करना। - Dainik Bhaskar
इस साल की थीम असमानताओं को दूर कर एड्स खत्म करना।

जानलेवा वायरस के साथ जी रहे एड्स के मरीजों को आने वाले दिनों में रोजाना गोलियां नहीं खानी पड़ेंगी। राजस्थान समेत देशभर में अगले साल से केब्टोग्रावीर व रिल्पीविरीन) नामक इंजेक्शन की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जो एक माह में एक बार लगेगा। इसे यूएसएफडीए से अनुमति मिल चुकी है। यह उन एचआईवी-एड्स मरीजों के लिए फायदेमंद होगा, जो रोजाना दवा नहीं ले सकते। लेनकापीवीर इंजेक्शन भी मरीजों के लिए उपलब्ध होने की संभावना है। लेनकापीवीर साल में दो बार ही लेना पड़ेगा। वर्ष-2022 की थीम समाज में फैली असमानताओं को दूर कर एडस को जड़ से खत्म करना।

80 फीसदी मरीजों में वायरस कंट्रोल, प्रदेश में 53000 से अधिक संक्रमित

  • प्रदेश में 184 आईसीटीसी, 35 एआरटी सेन्टर और 53 एसटीआई क्लीनिक
  • राज्य की प्रिवलेंस रेट 0.11 फीसदी है, जो राष्ट्रीय दर 0.22 प्रतिशत से कम
  • प्रदेश में 53 हजार संक्रमित ले रहे है दवा
  • वर्ष-2022 में जांच में 3637 नए मरीज मिले
  • दवा छोड़ने की दर एक फीसदी से भी कम अौर मृत्यु दर 3 फीसदी।
  • एसएमएस एआरटी सेन्टर पर आने वाले 80 फीसदी मरीजों में वायरस कंट्रोल में है।

इंजेक्शन का ट्रायल सफल

  • एचआईवी-एड्स एक संक्रामक और जानलेवा बीमारी है, जो ह्यूमन इम्यूनो डेफिसिएंसी सिन्ड्रोम वायरस के कारण फैलता है। विश्व में 3.53 करोड़ लोग गिरफ्त में है। मरीजों का इम्यून सिस्टम कमज़ोर, शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता खत्म होने लगती है। इलाज एंटीरिट्रोवायरल थैरेपी है।
  • एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी में मरीजों को रोजाना गोली खानी पड़ती है। रोजाना दवा का सेवन मानसिक तौर पर कमजोर करता है।
  • इंजेक्शन से वायरस को खून में जाने से रोकने के कारण शरीर में नहीं फैलेगा। खास एंजाइम को भी ब्लॉक करेगा। इंजेक्शन का कुछ देशों में ट्रायल हो चुका है।
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