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जयपुर नगर निगम में कमिश्नर की पिटाई:फाइल पर साइन करवाने की बात पर मेयर से हुई बहस, बैठक से बाहर निकलने पर आयुक्त का पार्षदों ने हाथ पकड़कर धक्का-मुक्की की; 3 के खिलाफ FIR

जयपुर4 महीने पहले

जयपुर नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय शुक्रवार को 'अराजकता का मुख्यालय' बन गया। शुक्रवार को मेयर सौम्या गुर्जर और आयुक्त यज्ञमित्र देव सिंह के बीच शुरू हुई तीखी बहस से पार्षद ऐसे भड़के कि सारी सीमाएं लांघ गए। बैठक छोड़कर जा रहे आयुक्त का हाथ पकड़कर पहले धक्का-मुक्की की। फिर उनकी पिटाई कर दी। आयुक्त की शिकायत पर 3 पार्षदाें पर FIR दर्ज हुई है। उधर, अपने मुखिया पर हुए हमले से गुस्साए नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन के कर्मचारियों ने मेयर और पार्षदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मेयर के चेंबर का घेराव करते हुए कर्मचारी धरने पर बैठ गए।

जयपुर नगर निगम मुख्यालय पर हुए विवाद के बाद तैनात पुलिस फोर्स।
जयपुर नगर निगम मुख्यालय पर हुए विवाद के बाद तैनात पुलिस फोर्स।

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली फर्म है विवाद की जड़

जानकारों के मुताबिक, विवाद का मुख्य कारण डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली फर्म को लेकर हुआ। आयुक्त डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाली फर्म के संबंध में चर्चा के लिए मेयर के चेंबर में पहुंचे थे। इस दौरान किसी बात पर मेयर और आयुक्त में हॉट-टॉक हो गई। बताया जा रहा है कि आयुक्त कंपनी को भुगतान करवाने के पक्ष में थे, जबकि मेयर और वहां मौजूद अन्य जनप्रतिनिधि कंपनी से काम करवाने की बजाए वैकल्पिक व्यवस्था करवाने की बात कर रहे थे। फाइल पर साइन करने को लेकर मामला जब गरमाने लगा तो आयुक्त उठकर जाने लगे। इतने में कुछ पार्षदों ने उनका हाथ पकड़कर रोक लिया। आयुक्त जैसे-तैसे चेंबर से बाहर आए। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ।

मेयर के चेंबर के बाहर धरने पर बैठे नगर निगम के कर्मचारी।
मेयर के चेंबर के बाहर धरने पर बैठे नगर निगम के कर्मचारी।

आयुक्त ने सभी होमगार्ड को किया सस्पेंड

बैठक से बाहर आने के बाद आयुक्त ने मेयर के चेंबर के बाहर तैनात सभी होमगार्ड को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। वहीं उपायुक्त सतर्कता को पार्षदों के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के लिए कह दिया। इधर, विवाद बढ़ता देख नगर निगम मुख्यालय छावनी में तब्दील हो गया। निगम के सफाई कर्मचारियों ने मेयर और पार्षदों के खिलाफ नारेबाजी की। मेयर जब कार्यालय से बाहर निकलने लगीं तो कर्मचारियों ने उनकी गाड़ी को भी रोक लिया। बमुश्किल वहां मौजूद पुलिस ने कर्मचारियों को हटाया।

मेयर के चेंबर का घेराव करते नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी।
मेयर के चेंबर का घेराव करते नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी।

बैठक बुलाई, लेकिन विवाद का कारण पता नहीं

मेयर सौम्या गुर्जर ने कहा कि मैंने शाम 5 बजे सफाई व्यवस्था को सुधारने और वैकल्पिक व्यवस्था पर चर्चा के लिए सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। आयुक्त से हम चर्चा कर रहे थे। इतने में वो चेंबर से बाहर गए। बाहर क्या विवाद हुआ, मुझे जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर है और शहर की स्थिति खराब है। हम चाहते हैं कि इस कंपनी की जगह कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। आयुक्त खुद कोई दूसरी व्यवस्था कर नहीं पा रहे और हम जब प्रयास कर रहे हैं तो वह ये होने नहीं दे रहे।

मेयर-पार्षदों की साजिश

आयुक्त ने कहा कि मेयर-पार्षदों की सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने स्वयं के साथ पार्षदों द्वारा धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारियों-अधिकारियों को बैठक रूम में मैंने बुलाया तो मेयर के होमगार्डो ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में 3 पार्षदों के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के लिए कहा है।

मुख्यालय के बाहर मेयर का घेराव करते कर्मचारी।
मुख्यालय के बाहर मेयर का घेराव करते कर्मचारी।

सफाई कर्मचारियों ने की हड़ताल की घोषणा

आयुक्त के समर्थन में उतरे सफाई कर्मचारियों ने 5 जून को हड़ताल पर जाने की घोषणा की। कर्मचारियों से संबंधित यूनियन संयुक्त वाल्मिकी एवं सफाई श्रमिक संघ ने एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है।

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