चर्चित हाई प्रोफाइल पामकोर्ट कॉलोनी का मामला:असुविधा के लिए इन्हें खेद नहीं है; IAS-IPS का सुविधा क्षेत्र पर कब्जा, विवाद बढ़ा तो हटाने के नोटिस

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: महेश शर्मा
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जिम्मेदार बोले-विधिसम्मत समान रूप से अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी... बड़ा सवाल- कब्जे हटेंगे या नोटिस शो-केस होकर ही रह जाएंगे। - Dainik Bhaskar
जिम्मेदार बोले-विधिसम्मत समान रूप से अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी... बड़ा सवाल- कब्जे हटेंगे या नोटिस शो-केस होकर ही रह जाएंगे।

जिन सीनियर मोस्ट ब्यूरोक्रेट्स पर सरकार और कोर्ट के नियमों को पालन कराने की जिम्मेदारी है, वही सिस्टम का मजाक बना रहे हैं। अतिक्रमण को लेकर आम आदमी के मसलों के बीच मंगलवार को दर्जनभर नोटिस उन आईएएस-आईपीएस को सौंपे गए हैं जो सरकार में एसीएस-प्रमुख सचिव रहे हैं.. मौजूद हैं.. तो कुछ रिटायरमेंट के बाद फिर बड़े ओहदों को संभाल रहे हैं। मसला जगतपुरा की हाईप्रोफाइल पामकोर्ट कॉलोनी का है। यहां इन ब्यूरोक्रेट्स ने सड़क और सुविधा क्षेत्र की जमीनों को कब्जाया हुआ है।

आपसी तकरार के बीच बंद कमरों में चल रही शिकायतें मंगलवार को जमीं पर उतरीं। हर छोटी कार्रवाई को बड़ा दिखाने वाले जेडीए के लिए भी यह आसान न था। लेकिन दबाव बढ़ा तो गुपचुप सर्वे कराकर कोर्ट आदेशों की पालना में नोटिस सौंपे गए। इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि सूचना बाहर न आने पाए। बहरहाल भास्कर ने मसले को पकड़ा तो कहने लगे कि विधिसम्मत समान रूप से कार्रवाई करेंगे। ऐसे में अब नजर नोटिस को अमल में लाने वाली कार्रवाई पर रहेगी।

इन ओहदेदारों के पास लंबे-चौड़े बंगले कम पड़ रहे हैं और इन्होंने सड़क सीमा में मकान के निर्माण कर लिए तो कहीं सुविधा क्षेत्र में रेलिंग, चबूतरे, शेड, ग्रीनरी की हुई है। इन्हीं को लेकर हाईकोर्ट में सुओमोटो केस चल रहा है। इस कड़ी में पहली बार रसूखदारों तक जेडीए पहुंचा है।

इन IAS-IPS-IRS को नोटिस, कुछ को हाथ में तो कुछ के घरों पर चस्पा किया गया

रिटायर्ड आईएएस दीपक उप्रेती, मंजीत सिंह, शेलेंद्र अग्रवाल, अजीत सिंह, एमके देवराजन के अलावा दिल्ली गए रोहित सिंह को नोटिस भेजे हैं। आईआरएस इरीना गर्ग सहित दूसरी सर्विसेज या अलग सेक्टर के विजय हूजा, सुरेंद्र सिंह, मोनिका गुप्ता के नाम भी नोटिस हैं। नोटिस में 10 दिसंबर तक खुद अतिक्रमण हटाने नहीं तो जेडीए स्तर पर कार्रवाई की चेतावनी लिखी हुई है।

जोन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर पामकोर्ट कॉलोनी में सुविधा क्षेत्र की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर नोटिस दिए हैं। विधिसम्मत कार्रवाई करेंगे। -रघुवीर सैनी, चीफ एनफोर्समेंट ऑफिसर, जेडीए

पहले भी सामने आए बड़े लोगों के छोटे-छोटे किस्से
पामकोर्ट कॉलोनी की सुविधाएं, लोकेशन और लंबे-चौड़े बंगले ब्यूरोक्रेसी सहित बाहर भी चर्चित रहे हैं। लेकिन कुछ समय से यहां बड़े लोगों को छोटे किस्से चर्चा में बने हुए हैं। पिछले दिनों कॉलोनी के बाहर 200 फिट रोड सीमा में गेट के मामले बाहर आए। इसके अलावा पेड़ काटने के मामले, मिसबिहेव और गलत तरह से गेट बंद करने के मामले पुलिस तक भी पहुंच चुके हैं। विवाद समिति और दूसरे सदस्यों के भी हैं। अतिक्रमण में सभी शामिल हैं।

वही सुओमोटो, वही सिस्टम...लेकिन गांधी नगर में मंत्री-आईएएस के आगे नतमस्तक

पामकोर्ट की तरह ही गांधी नगर में सुविधा क्षेत्र की जमीनों पर मंत्री और एक्टिव ब्यूरोक्रेट्स ने कब्जे किए हुए हैं, जिन पर सिस्टम मौन है। हाईकोर्ट के सुओमोटो प्रसंज्ञान भी यहां डेढ़ साल में लागू नहीं किए गए। राज्यमंत्री सुभाष गर्ग सहित कई आईएएस ने फुटपाथ को निजी हित और सौंदर्य के लिए हड़पा हुआ है। कुछ ने खूबसूरत फुलवारी लगाई हुई है तो कुछ ने साग-भाजी के लिए पूरा फुटपाथ कब्जा लिया। और तो और कुछ ने फुटपाथ को बंगले तक में जोड़ लिया गया है।

मंत्री-अफसर की मिलीभगत से जोन 10 की पूरी इकोलॉजी तबाह

पूरे शहर में हाईकोर्ट के सुओमोटो को तहत जेडीए कब्जे-अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। करीब साढ़े 5 हजार कार्रवाई का डेटा भी तैयार हो चुका है। लेकिन आगरा रोड पर पूरी इकोलॉजी को बर्बाद किया जा रहा है, जिसको बचाने के लिए न्यायालय ने अलग से आदेश किए हुए हैं। बताया जा रहा है कि मंत्री-विधायकों की शह पर अवैध निर्माण का खेल जोरों पर हैं।

इसमें जोन स्तर पर भी ढिलाई बरती जा रही है। अवैध विला, फ्लैट, कॉलोनियां काट दी गई है। अब लूणियावास में गैर अनुमोदित योजना पर अवैध डुप्लेक्स का मामला चर्चित है। इससे पहले सांसद किरोड़ी लाल मीणा की शिकायत पर हुई जांच रिपोर्ट पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई।

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