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  • If Given 5000, Then Got The Vaccine Certificate Of Both The Doses Of The Dead In A Single Day From The Government's Foolproof Covin App.

भास्कर स्टिंग:5000 दिए तो सरकार के फुलप्रूफ कोविन एप से एक ही दिन में मिल गया मृतकों के दोनों डोज का वैक्सीन सर्टिफिकेट

जयपुर4 महीने पहलेलेखक: ओमप्रकाश शर्मा
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खासियत यह कि तीनों प्रमाणपत्र कोवीशील्ड के, क्योंकि इसे ही यूरोपीय व कई अन्य देशों में मान्यता है।  - Dainik Bhaskar
खासियत यह कि तीनों प्रमाणपत्र कोवीशील्ड के, क्योंकि इसे ही यूरोपीय व कई अन्य देशों में मान्यता है। 
  • जिस सर्टिफिकेट पर पढ़ाई, रोजगार, विदेश यात्रा टिके, वह भी बिक रहा

बिना डोज लगाए अब वैक्सीन सर्टिफिकेट भी बिक रहा है। भास्कर रिपोर्टर ने कोशिश की तो एक नहीं तीन-तीन सर्टिफिकेट बिना टीका लगाए मिल गए। दो तो उन लोगों के जिनकी मौत क्रमश: तीन व सात माह पूर्व हो चुकी। एक सर्टिफिकेट के लिए 5000 रुपए लिए गए, दूसरा उधारी में तो तीसरा समाज सेवा के नाम पर ही बन गया। खासियत यह कि तीनों प्रमाणपत्र कोवीशील्ड के, क्योंकि इसे ही यूरोपीय व कई अन्य देशों में मान्यता है।

विदेश जाना हो, दूसरे राज्य जाना हो, कोई परीक्षा देनी हो, किसी सरकारी कार्यालय में जाना हो, किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होना हो, इस सर्टिफिकेट की जरूरत हाेती है और जो लोग टीका नहीं लगवाना चाहते, वे आसानी से कुछ रुपए देकर सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने पत्रकार कॉलोनी सेंटर पर सुनीता, किरण पथ मानसरोवर सेंटर पर धर्म सिंह और ज्योतिनगर यूनिट के कर्मचारी मुकेश जाटावत से संपर्क किया तो तीनों ने ही सर्टिफिकेट दे दिए। मोबाइल नंबर और आधार कार्ड वॉट्सएप पर मांगे और बना दिए सर्टिफिकेट।

सर्टिफिकेट-1: सात महीने पहले मौत, फिर भी ‘वैक्सीनेटेड’
ये शिप्रा पथ मानसरोवर निवासी राकेश कुमार चतुर्वेदी का मृत्यु प्रमाण पत्र है, उनकी कोरोना संक्रमण से 10 दिसंबर, 2020 मृत्यु हो गई, 15 दिसंबर को मृत्यु प्रमाण पत्र भी बन गया लेकिन किरणपथ पीएचसी के कर्मचारी धर्मसिंह ने 15 अप्रेल, 2021 व 2 अगस्त (दोनों डोज) का वैक्सीन सर्टिफिकेट बना दिया

15 दिसंबर, 2020 का मृत्यु प्रमाण पत्र
15 दिसंबर, 2020 का मृत्यु प्रमाण पत्र
2 अगस्त, 2021 का टीका प्रमाण पत्र
2 अगस्त, 2021 का टीका प्रमाण पत्र

कलेक्टर बोले- दोनों डोज का एक साथ सर्टिफिकेट तो बन ही नहीं सकता
विदेश जाने वालों के लिए हमने तो केवल एक सेंटर पर सर्टिफिकेट देने की व्यवस्था कर रखी है। दूसरे सेंटरों पर ऐसा नहीं हो सकता। दोनों डोज एक साथ लगने का सर्टिफिकेट तो बनना ही नहीं चाहिए। पैसे लेकर भी सर्टिफिकेट ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं तो गलत है। हम जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।

सर्टिफिकेट-2: कोरोना से ही मौत, बन गया टीके का प्रमाण

सर्टिफिकेट सुभाष चाैक निवासी तनवीर अहमद का। इनकी 2 जून 2021 को कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई लेकिन इन्हें 29 जुलाई 2021 कोविशील्ड की दूसरी डोज एएनएम सुनीता द्वारा पत्रकार कॉलोनी में लगना दिखाया गया।

सर्टिफिकेट-3: मेडिकल इश्यू, टीका लग ही नहीं सकता

शिवांग मेडिकल कारणों से टीकाकरण नहीं करा सकते। लेकिन 2 मई और 2 अगस्त के टीकाकरण का प्रमाणपत्र बन गया, इसमें दिखाया गया डोज निर्मला मेहरा ने लगाई, जबकि उन्होंने उस टीकाकरण ही नहीं किया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, किरण पथ मानसरोवर के कर्मचारी धर्मसिंह से बात

पैसे बाद में दे देना, पहले सर्टिफिकेट बनवा देता हूं: कर्मचारी

रिपोर्टर: चाचा को विदेश जाना है, कोवीशील्ड की दोनों डोज का सर्टिफिकेट चाहिए?
कर्मचारी: बन जाएगा लेकिन फंसा मत देना।

रिपोर्टर: किसी काे नहीं बताऊंगा, खर्च बताओ?
कर्मचारी: मैं नहीं लेता हूं। हमारा एक कर्मचारी ऐसे काम करता है। मैं उससे बात करता हूं। (उसने किसी चपरासी से बात कराई, जिसने पहले सर्टिफिकेट देने और बाद में रुपए लेने की बात कही, हालांकि वह पैसे बताना भूल गया)

रिपोर्टर: मैं डिटेल आपकाे वॉट्सएप कर देता हूं?
कर्मचारी
: ठीक है कर दो लेकिन आज नहीं सोमवार को सेशन खुलेगा तब बनेगा। (सोमवार को कर्मचारी ने ओटीपी नंबर पूछा और सर्टिफिकेट मिल गया)