हलवाई की बेटी लड़ रही अध्यक्ष का चुनाव:किसी के पिता होमगार्ड, मम्मी-पापा भी जुटे प्रचार में

जयपुर2 महीने पहले

कारों का लंबा काफिला, पीछे सैकड़ों स्टूडेंट और महंगे पोस्टर देखकर आपको भी लगता होगा कि छात्रसंघ चुनाव लड़ना तो केवल ऊंची रसूख वालों का काम है। लेकिन राजस्थान यूनिवर्सिटी के महारानी कॉलेज की चुनावी तस्वीर इससे अलग है। यहां अध्यक्ष पद दावेदारों में किसी के पिता भेड़ चराते हैं तो किसी के पिता होमगार्ड हैं।

दैनिक भास्कर की टीम चुनावी माहौल को कवर करने महारानी कॉलेज पहुंची। यहां पेरेंट्स भी इस बार अपनी बेटियों के लिए कैंपेनिंग करते नजर आए। भास्कर ने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने जा रहे ऐसे 5 उम्मीदवारों से बातचीत की जो बेहद साधारण परिवार से हैं। आइये जानते हैं, महारानी कॉलेज में पढ़ने वाली इन पांच दावेदारों की कहानी...।

निकिता फामरा

टोंक से जयपुर आकर पढ़ाई कर रही हैं। टोंक के मंडावा गांव में ही पिताजी की हलवाई की दुकान है। निकिता ने बताया कि साथी स्टूडेंट्स ने मोटिवेट किया जिसके बाद मैं चुनावी मैदान में उतरी हूं।

कैसे कर रही हैं कैंपेनिंग: महारानी कॉलेज में अधिकतर पढ़ने वाली लड़कियां गांव से आती हैं। वे कैसी प्रॉब्लम रोज फेस करती है मुझसे ज्यादा कोई नहीं जानता। मैं उनकी प्रॉब्लम को लेकर काम करूंगी। निकिता का दावा है कि कई स्टूडेंट्स उन्हें सपोर्ट कर रही हैं।

जयपुर के आमेर की रहने वाली है। मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं और पिता होमगार्ड। तौहीद ने बताया कि बड़ी बहन पहले महारानी कॉलेज से चुनाव लड़ चुकी हैं। उसी ने मोटिवेट किया तो चुनाव मैदान में उतरी हूं।

कैसे कर रही हैं कैंपेनिंग: बहन से कैंपेन के टिप्स ले रही हूं। कॉलेज में रेगुलर क्लास को लेकर हमेशा समस्या रहती है। ऐसे में कोशिश करेंगे कि कॉलेज में रेगुलर क्लास और पढ़ाई हो। स्टूडेंट्स को लाइब्रेरी में भी सारी बुक्स मिले, इन्हीं वादों के साथ स्टूडेंट्स से समर्थन मांग रही हूं।

सानिया सैनी ने बताया कि मेरे पिताजी इवेंट का काम करते हैं। जयुपर के शास्त्री नगर की रहने वाली हैं। सानिया ने बताया कि उसके पिता अपना काम छोड़ कैंपेनिंग में सहायता कर रहे हैं। ताकि बेटी कॉलेज की अध्यक्ष बने।

कैसे कर रही कैंपेनिंग: मेरी मम्मी भी कैंपेनिंग में साथ दे रही हैं। जब-जब पापा को टाइम मिलता है, वे भी कॉलेज आते हैं। मेरे साथ करीब 50 लड़कियों की टीम है। लड़कियों की शिक्षा मुफ़्त करना मेरा प्रमुख उद्देश्य रहेगा।

इनपुट : यह खबर दैनिक भास्कर ऐप के साथ बतौर इन्टर्न जुड़े निरंजन चौधरी ने की है।

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