विवादों की रीट नियमों में फंसी:2018 का आदेश लागू हो तो शिक्षक भर्ती में शामिल हो सकते हैं एक लाख बीएड अभ्यर्थी

जयपुर25 दिन पहलेलेखक: विनोद मित्तल
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भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षा मंत्री। - Dainik Bhaskar
भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षा मंत्री।

जल्दबाजी में निकाले गए रीट-2021 के रिजल्ट के कारण प्रदेश के बीएड कॉलेजों के एक लाख अभ्यर्थियों पर शिक्षक भर्ती से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। वजह- रीट के रिजल्ट से पहले कई काॅलेजों ने अब तक बीएड द्वितीय वर्ष की परीक्षा तक नहीं कराई है। कई का रिजल्ट बाकी है। ऐसे में इनकी पात्रता राजस्‍थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अलग-अलग नियमों में फंस गई है।

बोर्ड का कहना है कि शिक्षक भर्ती के लिए अध्ययनरत अभ्यर्थी तभी पात्र होंगे, जब रीट के रिजल्ट से पहले बीएड का रिजल्ट घोषित हो जाए। हालांकि बोर्ड का काम केवल पात्रता के नियम तय करना है, भर्ती के नहीं। इधर, निदेशालय का मानना है कि रीट के परिणाम से पहले बीएड द्वितीय वर्ष का परिणाम जारी होना जरूरी नहीं है।

शिक्षक भर्ती के आवेदन की अंतिम तिथि तक शिक्षक पात्रता होनी चाहिए। निदेशालय ने 2018 में इसी तरह की समस्या खड़ी होने पर यह आदेश जारी किया था। अब अधिकारी इस आदेश को भूल गए हैं। बीएड में अध्ययनरत अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमों में शिथिलता देते हुए अगर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय अपने ही पुराने आदेश को फिर से लागू कर दे तो समस्या का समाधान होते देर नहीं लगेगी।

तब रीट से पहले बीएड-बीएसटीसी उत्तीर्ण होने की बाध्यता खत्म की थी

2018: प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय का आदेश
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 14 सितंबर 2018 को आदेश जारी कर कहा- पंचायतीराज नियम-1996 के नियम 266 में तृतीय श्रेणी शिक्षक की सीधी भर्ती के लिए शैक्षिक व प्रशैक्षिक योग्यताएं विहित है। तृतीय श्रेणी शिक्षक की सीधी भर्ती के लिए निर्धारित शैक्षिक व प्रशैक्षिक योग्यता के साथ रीट-आरटेट उत्तीर्ण होना जरूरी है। इन नियमों में रीट-आरटेट से पहले बीएड, बीएसटीसी उत्तीर्ण होने की बाध्यता नहीं है।

2021: रीट की विज्ञप्ति में शिक्षा बोर्ड की शर्त
विज्ञप्ति के बिंदु 3.3(सी) में अंकित है कि शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अभ्यर्थी भर्ती के लिए तभी पात्र होंगे जब उन्होंने रीट-2021 का परिणाम जारी होने तक उत्तीर्ण कर लिया हो। ऐसा ही 2017 की विज्ञप्ति में भी था। तब भी बीएड अभ्यर्थी बाहर हुए। इसके बाद निदेशालय ने 2018 में आदेश निकाला।

समाधान : शिक्षा निदेशालय इस बार भी 2018 के पुराने आदेश को माने और शिक्षक भर्ती की विज्ञप्ति में आवेदन की अंतिम तिथि ऐसे रखे कि तब तक बीएड में अध्ययनरत इन अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित हो जाए। निदेशालय का पुराना आदेश फिर से लागू कर दिया जाए तो यह अभ्यर्थी शिक्षक बनने की दौड़ में शामिल हो सकेंगे।

परीक्षा केंद्र प्रभारी और बिचौलिया भी पकड़ा: चप्पल में ब्लूटूथ लगाकर नकल कराने वाला तुलसाराम गिरफ्तार, पत्नी अजमेर में आरपीएस है

बीकानेर | रीट-2021 में पेपर लीक करने वाला भजनलाल फरार है। इसी बीच, बीकानेर पुलिस ने चप्पल में ब्लूटूथ लगाकर नकल कराने वाले तुलसाराम काे जयपुर से गिरफ्तार किया है। इसके बाद बीकानेर के लूणकसर से परीक्षा केंद्र प्रभारी राजाराम व बिचौलिये सहीराम को भी पकड़ा। तुलसाराम सुजानगढ़ का है। उसकी पत्नी आरपीएस है और अभी अजमेर में पोस्टिंग है। तुलसाराम के खिलाफ नकल के 9 केस दर्ज हैं।

  • निदेशालय ने 2018 में इसी तरह की विसंगति पर नियमों में स्पष्टता का आदेश जारी किया था। अधिकारी यह आदेश भूल गए। अब फिर से उसी तरह की समस्या आ गई है। निदेशालय को अपना पुराना आदेश फिर से लागू करना चाहिए। -सुभाष भांभू, बीएड द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थी
  • हम नियमों को दिखवा लेंगे। अगर इसमें अभ्यर्थियों के हित में कुछ किया जा सकता है तो उसका प्रयास किया जाएगा। - भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षा मंत्री