सरकारी कॉलेजों में एडमिशन हुआ मुश्किल:सीटें बढ़े ताे बीए में छात्राें का आए नंबर, क्याेंकि कॉलेजों में 1.38 लाख सीट व दावेदार 3.38 लाख

जयपुरएक वर्ष पहलेलेखक: अर्पित शर्मा
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  • बीकाॅम में 11,671 सीटें खाली रहना तय

प्रदेश के सरकारी काॅलेजों में एडमिशन के लिए हजाराें छात्र इस इंतजार में हैं कि सरकार सीटें बढाए ताे शायद उनका नंबर आ जाए। क्याेंकि सरकारी काॅलेजाें में बीए करने के लिए 3.38 लाख छात्राें ने फाॅर्म भरा और सीटें मात्र 1.38 लाख ही हैं यानी 2 लाख का अंतर। ऐसे ही बीएससी में 32,391 सीटाें के लिए 98,198 आवेदन आए। इन दोनों कोर्स में सीटें बढाने की डिमांड है।

दूसरी ओर काॅमर्स के हालात चिंताजनक बने हुए हैं क्याेंकि सरकार के काॅलेजाें में बीकाॅम की सीटें 29,720 हैं और एडमिशन लेने के इच्छुक मात्र 18,049 छात्र। मतलब जिस काेर्स में छात्र पढना चाहते हैं उसमें सीटें कम पड़ रही है, और बीकाॅम में रूझान कम है वहां निर्धारित सीटाें से भी 11,671 कम दावेदार। प्रदेश के 353 सरकारी काॅलेजाें में कुल 2,01,123 सीटें हैं। जिनके लिए इस बार 4,56,190 आवेदन आए हैं।

उच्च शिक्षा विभाग ने 25% सीट पिछले साल बढ़ाई थी
उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले साल भी सीटाें में 25% की बढ़ाेतरी की थी, लेकिन लेट सीटें बढाने से कम छात्र एडमिशन ले सके। छात्राें ने इंतजार के बजाय अन्य जगह एडमिशन ले लिये। सीटें खाली रह गई। 2019- 20 में खुले कई सरकारी काॅलेजाें में बीए में करीब 200 सीटें हैं, ज्यादातर काॅलेज सीटें बढाने की मांग कर रहे हैं।

सेशन बेपटरी : 18 से शुरू हुईं कक्षाएं, 29 से छुट्टियां
काेराेना और लेट एडमिशन शुरू हाेने की वजह से सेशन बेपटरी हाे गया है। 18 अक्टूबर से सरकारी काॅलेजाें में फर्स्ट ईयर की कक्षाएं शुरू हुई है। अब 29 अक्टूबर से 6 नवंबर तक दिवाली की छुट्टियां आ जाएगी। जबकि अभी तक करीब आधा काेर्स हाे जाता था। काॅलेजाें में अब तक एडमिशन प्रक्रिया पूरी नही हुई है।

कॉलेजों से डिमांड नही आई है। आवेदन ज्यादा हैं लेकिन सीटें बढ़ाने का निर्णय डिमांड और नीतिगत आधार पर लिया जाएगा। -एन एल मीणा, सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग

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