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  • If The Third Wave Comes, Then The Government Will Conduct 8 Tests Of 3 Thousand Hospitals In The State From A Private Lab, The Investigation Of 4000 Will Know Whether There Is Corona Or Not

भास्कर एक्सपोज:तीसरी लहर आई तो प्रदेश के 3 हजार अस्पतालों की 8 जांचें एक निजी लैब से कराएगी सरकार, 4000 की जांच से पता चलेगा कोरोना है या नहीं

जयपुर15 दिन पहलेलेखक: डूंगरसिंह राजपुरोहित
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तीसरी लहर आई तो जिला और सैटेलाइट समेत करीब 3 हजार अस्पतालों की जांचें आउट सोर्सिंग पर दी जाएंगी। - Dainik Bhaskar
तीसरी लहर आई तो जिला और सैटेलाइट समेत करीब 3 हजार अस्पतालों की जांचें आउट सोर्सिंग पर दी जाएंगी।
  • आउटसोर्सिंग से तीसरी लहर का मुकाबला करेगी सरकार, एक ही फर्म को फायदा पहुंचाने की तैयारी

राजस्थान में कोरोना की तीसरी लहर का मुकाबला करने से पहले ही सरकारी तंत्र ने न सिर्फ हथियार डाल दिए हैं बल्कि एक ही निजी फर्म को फायदा पहुंचाने की तैयारी कर ली है। तीसरी लहर आई तो जिला और सैटेलाइट समेत करीब 3 हजार अस्पतालों की जांचें आउट सोर्सिंग पर दी जाएंगी।

यानी कोविड संक्रमण की जांच के लिए एक किट के तहत 8 तरह की जांचें करानी होंगी। ये आरटी-पीसीआर की तरह बताएंगी कि व्यक्ति में संक्रमण है या नहीं? हैरत की बात है कि एक जांच किट 4000 रुपए की होगी। ये सभी जांचें प्राइवेट हाथों में रहेंगी। अंदरखाने यह भी तय है कि ये सभी एक ही निजी लैब को दी जाएंगी।

सबसे बड़ा झाेल : भुगतान फिलहाल सरकार करेगी, लेकिन सिर्फ 1.20 लाख जांचों तक, इसके बाद की फ्री जांचों का कोई प्रस्ताव नहीं, एक ही लैब इतनी जांचें कैसे कर पाएगी?

कोरोना जांच के लिए 8 जांचें डी-डाइमर, आई एल-6, प्रोकेल्सीटोनिन, ट्रोपोनिन, ट्रोपोनिन- टी, एलडीएच, फैरिटिन, सीआरपी क्वांटिटेटिव होंगी। ये कोविड, फेफड़ों, मांसपेशियों आदि की कमजोरियों की जांचें हैं। जो व्यक्ति भी इस पैकेज को लेगा, उसे सभी जांचें होंगी। यानी वह इनमें से एक जांच नहीं करा सकता। इन सब जांचों के बाद ही आरटी-पीसीआर की तरह कोविड संक्रमण का पता चलेगा।

ये 8 तरह की जांचें जिला अस्पताल के साथ-साथ नीचे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक उपलब्ध हो जाएंगी। लेकिन एक किट की कीमत 4000 रुपए है। फिलहाल भुगतान सरकार करेगी, लेकिन सिर्फ 1.20 लाख जांचें होने तक। इसके बाद निशुल्क जांचों को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। यानी यह भार भी जनता पर आ सकता है।

इसके अलावा दूसरा खतरा एक ही निजी फर्म को जांचें देने से भी है। तीसरी लहर में यदि 6 से 8 लाख लोग भी संक्रमित हुए तो एक लैब इतनी जांचें कैसे कर पाएगी? क्योंकि दूसरी लहर में ही 2 माह में 6 लाख 6 हजार से अधिक संक्रमित मिले थे।

56 जिला, उपजिला और सेटेलाइट अस्पतालों, 655 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो‌ं, 2147 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ये 8 जांचें उपलब्ध कराई जाएंगी। इनके नीचे करीब 18 हजार उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ये जांचें नहीं होंगी।

अभी बड़े मेडिकल कॉलेजों में ही होती थी ये 8 जांचें

कोरोना की तीसरी लहर के दौरान प्रदेश के हर जिला अस्पताल और उसके भी नीचे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक कोविड की 8 जांचें उपलब्ध करवाने की तैयारी है। इसके लिए आउट सोर्सिंग करने जा रहे हैं। अभी तक ये जांचें बड़े मेडिकल काॅलेजों को अस्पतालों के पास रहती थी। अब छोटे अस्पतालों में ये जांचें होंगी।
- डाॅ. केके शर्मा, निदेशक, जन स्वास्थ्य, कमिश्नर खाद्य एवं सुरक्षा