• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • In Jaipur, Jodhpur, The Candidates Who Have Contested The Zilla Parishad Elections Are Enjoying The Political Hospitality, If Krishna Remains In The Form, Then Someone Is Dancing On The Folk Song.

बाड़ेबंदी में नेताओं की कृष्ण लीला:जयपुर, जोधपुर में जिला परिषद चुनाव लड़ चुके कैंडिडेट उठा रहे सियासी मेहमाननवाजी का आनंद, कोई कृष्ण रूप धर रहा, तो कोई फोक सॉन्ग पर थिरक रहा

जयपुर10 महीने पहले
हेरिटेज होटल में उम्मीदवारों का फोटो सेशन।

पंचायत चुनाव की वोटिंग खत्म होने के साथ ही कांग्रेस-बीजेपी के जिला परिषद सदस्यों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई है। बाड़ेबंदी करवाने वाले विधायक और पार्टी नेता रिजल्ट को लेकर जरूर टेंशन में हैं, लेकिन उम्मीदवार इसे खूब इंजॅाय कर रहे हैं। इस सियासी मेहमाननवाजी का कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवर भरपूर आनंद उठा रहे हैं। उम्मीदवारों को अच्छे होटलों और रिजॉर्ट्स में ठहराया गया है। ग्रामीण बैकग्राउंड के कई उम्मीदवारों को फाइव स्टार मेहमाननवाजी रास आ रही है। 4 सितंबर को हारने वाले उम्मीदवार इस फाइव स्टार बाड़ेबंदी से बाहर हो जाएंगे। तब तक इसका भरपूर आनंद उठाया जा रहा है। बाड़ेबंदी के दौरान कोई कृष्ण रूप धर कर लीला कर रहा है तो कोई फोक डांस पर नृत्य कर रहा है।

जयपुर के आसपास के होटलों में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को विधायकों की देखरेख में रखा गया है। ज्यादातर उम्मीदवार ग्रामीण बैंकग्राउंड के हैं। इसलिए बाड़ेबंदी में डांस के साथ फोक सॉन्ग का भी आनंद उठा रहे हैं। महिला उम्मीदवार लोकगीत गाकर दिन में अपने अपने हुनर की आजमाइश करती दिख रही हैं। हेरिटेज होटलों में रुके हुए जयपुर जिले के उम्मीदवार दिन में कई बार फोटो सेशन करवा रहे हैं। विराटनगर क्षेत्र की महिला उम्मीदवारों ने सामूहिक गीत गाए, बाड़बंदी में कल्चर के अलग अलग रंग भी देखने को मिल रहे हैं।

बाड़ेबंदी में जागी नेताओं की क्रिएटिविटी
बाड़ेबंदी में स्थानीय नेताओं की क्रिएटिविटी भी खूब देखने को मिल रही है। चुनावी गणित में लगे रहे नेताओं की एक्टिंग, सिंगिंग और डांसिंग की कला को सराहा जा रहा है। नेताओं की इस क्रिएटिविटी के बाड़ेबंदी में खूब चर्चे हैं। दौसा जिले के महवा में तो एक नेताजी ने कृष्ण का रूप धारण करके अपनी एक्टिंग कला का लोहा मनवाया। बृज के गानों पर नेता खूब थिरकते दिखे।

बोटिंग का आनंद
उदयपुर और माउंट आबू में भी अलग-अलग जगहों पर बाड़ेबंदी में रखे गए कांग्रेस बीजेपी के जोधपुर क्षेत्र के उम्मीदवार भी मारवाड़ी कल्चर में रंगे दिख रहे हैं। उदयपुर के रिजॉर्ट में रुके उम्मीदवारों ने बोटिंग का आनंद लिया।
सियासी पर्यटन का सीजन
राजस्थान बाड़ेबंदी के हब के रूप में पहचान बनाता जा रहा है। पिछले दो साल में राजस्थान में हर तीन महीने में किसी न किसी तरह की बाड़ेबंदी होती रही है। पिछले साल सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद विधायकों की रिकॉर्ड 34 दिन की बाड़ेबंदी हुई थी। इसके बाद नगर निगम, निकाय चुनावों में बाड़ेंबदी हुई, फिर पंचायत चुनाव की बाड़ेबंदी हुई, और अब फिर नेताओं के सियासी पर्यटन का सीजन आ गया है। अगले पांच दिन तक यह सियासी पर्यटन का सीजन जारी रहेगा।

खबरें और भी हैं...