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सायबर ठगों से सावधान रहें:कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख रूपये की लॉटरी निकलने का झांसा देकर 22 लाख की ठगी, पति-पत्नी सहित तीन गिरफ्तार, गैंग ने 29 बैंक खातों में 49 बार में जमा करवाई रकम

जयपुर4 महीने पहले
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केबीसी में 25 लाख रुपए की लॉटरी निकलने का झांसा देकर 22 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी में गिरफ्तार आरोपी पति-पत्नी और तीसरा युवक - Dainik Bhaskar
केबीसी में 25 लाख रुपए की लॉटरी निकलने का झांसा देकर 22 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी में गिरफ्तार आरोपी पति-पत्नी और तीसरा युवक

कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) में 25 लाख रुपए की लाटरी खुलने का झांसा देकर जयपुर में रहने वाली एक महिला के बैंक खाते से 22 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने की वारदात का खुलासा हुआ है। मामले में जयपुर में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने नई दिल्ली से गैंग में शामिल पति पत्नी और एक अन्य युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उनको गुरुवार को चार दिन के रिमांड पर लिया है। ये लोग ऑनलाइन ठगी करने वाले सायबर ठगों को मोटा कमीशन लेकर अपना खाता उपलब्ध करवाते है। जिसमें ठगी के शिकार पीड़ित के खाते से आरोपी पति-पत्नी और तीसरे युवक के खाते में रकम जमा करवाई जाती थी।

यह है 22 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला

एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में 22 फरवरी 2020 को अनिता जागिड़ ने सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन, एसओजी में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि नवम्बर, 2019 में कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) में 25 लाख की लॉटरी जीतने का एक कॉल आया। इसके बाद ठगों ने बार बार फोन कर उसे विश्वास में ले लिया।

इसके बाद फाईल खोलने, पिन न हटाने, जीएसटी चार्ज, टैक्स कस्टम चार्ज व मिठाई खिलाने के नाम पर लगभग 22 लाख रुपये अलग-अलग खातों में नवम्बर 2019 से फरवरी 2020 के बीच ऑनलाइन जमा करवा लिए। तब केस की जांच शुरु की गई। जिसमें सामने आया कि शातिर ठगों ने कुल 29 बैंक खातों में लगभग 49 बार में रुपए जमा करवाकर धोखाधड़ी की। जिन बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हुआ। इनमें 29 में से 28 बैंक खाते एसबीआई बैंक के बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश एवं दिल्ली के पाये गये। इसके अलावा एक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा, झारखण्ड का होना पाया गया।

पति-पत्नी के खाते में देश के विभिन्न राज्यों के लोगों की रकम जमा करवाई
तब एसओजी जयपुर की टीम ने दिल्ली स्थित खाता धारक की तलाश की। सीडीआर व बैंक अकाउंट विश्लेषण के आधार पर की गई तो खाता धारक का नाम मानसी पत्नी चेतन (24) होना सामने आया। तब एसओजी ने उसे नई दिल्ली से पकड़ा। जयपुर लाकर पूछताछ में सामने आया कि उसने अपना खाता दिसम्बर 2018 में खुलवाया था। जबकि अपने पति चेतन का खाता जनवरी जोनापुर, दिल्ली एबीआई ब्रांच में खुलवाया था।

इसके बाद मानसी और उसके पति चेतन ने सायबर ठगी करने वाले व्यक्तियों के संपर्क में आकर मोटा कमीशन पाने के लालच में अपना खाता उपलब्ध करवाया। उसमें इमेल आईडी अन्य आरोपी की जोड़कर नेट बैंकिंग उपयोग करने लगे और ठगी के शिकार हुए पीड़ितों से उनका पैसा मानसी के खाते में ट्रांसफर करवाने लगे। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि गिरफ्तार मानसी के खाते में देश के विभिन्न राज्यों व शहरों के लोगों का लाखों रूपयो का लेनदेन हुआ है।

दोनों पति पत्नी दिल्ली में अलग अलग हॉस्पिटल में डाटा एंट्री ऑपरेटर है
डीआईजी शरत कविराज ने बताया कि ठग गैंग के खुलासे के लिए पुलिस इंस्पेक्टर सज्जन कंवर, कांस्टेबल प्रवीण कुमार, बनवारीलाल, मनोज को दिल्ली भेजा गया था। दोनों को एसबीआई बैंक ले जाकर जानकारी जुटाई गई। इन दोनों को बुधवार को गिरफ्तार कर गुरुवार को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार चेतन नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर है और उसकी पत्नी मानसी हेल्थ प्लस क्लिनिक दिल्ली में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर है। दोनों का मासिक वेतन 16 हजार व 18 हजार मात्र है। इसके बावजूद पड़ताल में सामने आया कि आरोपी मानसी के खाते को लिंक कर एक साल में 13 स्मार्ट फोन काम में लिया। इसमें 8 आईफोन और बाकी महंगी कंपनी के फोन है।

ये है एसओजी की गिरफ्त में आया तीसरा ठग
एसओजी की पड़ताल में जीतू नाम के लड़के द्वारा अपने अकाउंट की डिटेल बैंक में बदलवा कर देना और खाता उपयोग करना सामने आया है। उसका नाम आदित्य उर्फ जीतू है। वह भी आया नगर, दिल्ली में रहता है और मूल रुप से गोडा, झारखंड का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि बिहार के रहने वाले रितिक नाम के लड़के को उसने अपने दोनों खाते और चार अन्य लोगों के खाते उपलब्ध करवाए थे। इस पर आदित्य को भी एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया। आदित्य के पास सैकड़ों लोगों के आधार कार्ड के फोटो अन्य कई लोगों के विभिन्न बैंक खातों के दस्तावेज व स्वयं के फर्जी दस्तावेज मिले है।

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