पीसीसी का संघ पर प्रहार:माकन की फीडबैक बैठक में आरएसएस प्रचारक निंबाराम की गिरफ्तारी का प्रस्ताव पारित

जयपुर3 महीने पहले
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक निंबाराम को लेकर कांग्रेस एक बार फिर से आक्रामक हो गई है। शुक्रवार को पीसीसी में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन की अगुवाई में हुई फीडबैक बैठक में निंबाराम की गिरफ्तारी की मांग उठी। कांग्रेस विधायक रामलाल जाट ने इस संबंध में प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके साथ ही पीसीसी अध्यक्ष ​गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ उनके रिश्तेदारों के आरएएस (राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस ) इंटरव्यू में आए बराबर नंबरों पर उठ रहे विवाद पर भी बचाव करते हुए भाजपा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।

निंबाराम के मामले में सिर्फ सियासत हो रही है, क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस ही सत्ताधारी पार्टी है और उसके नेता बार-बार निंबाराम की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार फिलहाल मौन है। बैठक में डोटासरा के रिश्तेदारों के आरएएस में चयन पर लग रहे आरोपों पर पायलट समर्थकों के बाद अब कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी उनका बचाव किया। इसके लिए भाजपा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।

पीसीसी में प्रस्ताव लाना कानून के साथ खिलवाड़ : बीजेपी
जयपुर | आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम की गिरफ्तारी के लिए पीसीसी में आए प्रस्ताव को लेकर भाजपा ने सरकार को घेरा है। प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कानून का काम पीसीसी में हो रहा है।

कानून का काम पीसीसी कैसे तय करेगा : पूनियां
सतीश पूनियां ने कहा कि मुद्दों को डायवर्ट करने की साजिश में कांग्रेसी हमेशा माहिर रहते हैं। पीसीसी की बैठक में भी निंबाराम की गिरफ्तारी का प्रस्ताव इसलिए लाया गया है। जो काम कानून का है, वह पीसीसी में हो रहा है। फिर कोर्ट क्या करेगा? उसके लिए यह काम छोड़ देना चाहिए। कोई दल किसी व्यक्ति पर एक्शन या गिरफ्तारी के लिए कहे, यह पराकाष्ठा है।

एसीबी के काम में सरकार की दखल गलत: कटारिया
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा- एसीबी जांच कर रही है। यदि उसमें निंबाराम दोषी होंगे तो एसीबी उन पर कार्रवाई करेगी, लेकिन एसीबी के काम में दखलअंदाजी करने के लिए पीसीसी ने जो प्रस्ताव पारित किया है, वो निंदनीय है। कांग्रेस नेताओं से पूछना चाहता हूं कि क्या किसी को गिरफ्तार करना या डोटासरा को क्लीन चिट देने का काम पीसीसी का है?