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  • In The First Wave, The Amount Of Oxygen Consumed In Three Months Was More Than In The Last 28 Days, 44000 More Cases Than The Active Cases Were Estimated.

दूसरी लहर की भयावहता:पहली में तीन महीने में जितनी ऑक्सीजन की खपत हुई, उसकी 5 गुना बीते 28 दिन में हो गई; अनुमान से 44 हजार ज्यादा पहुंचे एक्टिव केस

जयपुर6 महीने पहले
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यह फोटो पाली के अस्पताल की है। यहां ऑक्सीजन के लिए मरीज के परिजनों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। - Dainik Bhaskar
यह फोटो पाली के अस्पताल की है। यहां ऑक्सीजन के लिए मरीज के परिजनों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

राजस्थान में कोरोना संक्रमण की रफ्तार ने राज्य सरकार के सभी अनुमानों को फेल कर दिया। सरकार ने अप्रैल अंत तक जो ऑक्सीजन खपत का अनुमान लगाया था, उससे कहीं ज्यादा खपत होने लगी है। वहीं, एक्टिव केसों भी सरकार के अनुमान की तुलना में काफी आगे पहुंच चुके हैं।

सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में जो कोरोना की पहली लहर का पीक था, उस वक्त इन तीन महीनों में प्रदेश में ऑक्सीजन की कुल खपत लगभग 3810 मीट्रिक टन हुई थी। लेकिन मौजूदा हालात कहीं ज्यादा खतरनाक हैं। अप्रैल के 28 दिन में ही अब तक 3000 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा की खपत हो चुकी है, जबकि सरकार का अनुमान अप्रैल में 2740 मीट्रिक टन की खपत का था।

करीब 5 गुना बढ़ी ऑक्सीजन खपत
राज्य के चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि राज्य में तीन महीने पहले ऑक्सीजन की खपत लगभग 6500 सिलेंडर प्रतिदिन थी, जो वर्तमान में बढ़कर 31 हजार 425 सिलेंडर प्रतिदिन यानी करीब 5 गुना हो गई। इस अप्रत्याशित मांग को पूरा करने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि आपात हालात को देखते हुए जामनगर (गुजरात) से ऑक्सीजन टैंकरों की एयर लिफ्ट से आपूर्ति की गई है। साथ ही राज्य में 1000 सिलेंडर प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का अलवर जिले में नया प्लांट लगाया गया है।

36 हजार से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन दिए
इधर, इंजेक्शन रेमडेसिविर की डिमांड भी तेजी से बढ़ गई। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रदेश को हर रोज 10 हजार इंजेक्शन की जरूरत पड़ेगी। राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड प्रबंध निदेशक आलोक रंजन ने बताया कि सरकार अब तक अप्रैल में 36 हजार से ज्यादा इंजेक्शन खरीदकर अस्पतालों में भिजवा चुकी है। इसके अलावा, 1.75 लाख इंजेक्शन आपूर्ति के लिए कंपनियों को ऑर्डर दे रखा है।

एक्टिव केस में भी 44 हजार का आया अंतर
राज्य सरकार ने पिछले दिनों एक अनुमान लगाया था, जिसमें 28 अप्रैल तक प्रदेश में 1.18 लाख के नजदीक एक्टिव केस होना माना था। लेकिन इस बार के कोरोना ने सरकार के इस अनुमान को गलत साबित कर दिया। कोरोना के 28 अप्रैल तक प्रदेश में कुल एक्टिव केस 1.63 लाख से भी ज्यादा हो गए। यानी लगभग 44 हजार केसों का अंतर आया है।

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