अब रफ्तार लेगा बाजार:अगले 3 महीने में किसान देंगे बाजार काे 80 हजार कराेड़ का कारोबार

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: प्रमाेद कुमार शर्मा
  • कॉपी लिंक
ग्रामीण आय से बाजार को उम्मीद, नवंबर से जनवरी के बीच 40 हजार शादियां, त्योहार भी। - Dainik Bhaskar
ग्रामीण आय से बाजार को उम्मीद, नवंबर से जनवरी के बीच 40 हजार शादियां, त्योहार भी।

खरीफ सीजन के दाैरान प्रदेश में लगभग 80,000 कराेड़ रुपए की फसलाें की पैदावार का अनुमान लगाया गया है। यह सारा पैसा अगले 3 महीने में ग्रामीण मांग के रूप में बाजार में आने की संभावना है। व्यापारियाें की निगाहें इस पैसे पर लगी है। माना जा रहा है कि अब बाजार काे आगे बढ़ाने में किसानाें की सबसे बड़ी भूमिका हाेगी। आर्थिक विश्लेषकाें के मुताबिक, खरीफ फसलाें की कटाई शुरू हाे गई है।

मंडियाें में फसलाें की आवक हाेने लगी है। मंडियाें में खरीफ फसलाें काे वैसे ताे जनवरी के आखिर तक बेचा जाएगा। लेकिन अक्टूबर व नवंबर में आवक चरम पर हाेगी। इसके मद्देजनर अगले तीन महीने में किसानाें के पास आने वाले पैैसा गांवाे से बाजार तक पहुंचेगा, जाे बाजार काे सावे-त्योहार में तेज रफ्तार देगा।

विदा होते मानसून की गुड न्यूज- प्रदेश में 1.42 कराेड़ हैक्टेयर भूमि में खरीफ की बुआई

दिवाली तक शहरी खरीदारी, फिर जनवरी तक ग्रामीण मेला

फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी फाेर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल बताते हैं- दिवाली तक बाजार काे शहरी उपभाेक्ता चलाते हैं। इसके बाद बाजार गांवों की ओर देखता है। नवंबर से जनवरी तक कृषि आय का बड़ा याेगदान रहेगा।

कमाेडिटी व्यापारी श्याम नाटाणी बताते हैं- सितंबर अक्टूबर की बारिश से फसलाें की क्वालिटी खराब हुई है। समय पर बारिश हाेती ताे कृषि उपज का मूल्य एक लाख कराेड़ रुपए केे पार हाे सकता था। फिर भी तय है कि बाजार में बूम किसान लाएगा।

फसल बिकने लगी है...

देवउठनी से पहले हर हाथ में पैसा

किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट कहते हैं- किसान परिवार की जरूरत जितनी फसल रखेगा, बाकी मंडी-बाजारों में बेचेगा। किसान के पास फसल का स्टाॅक करने के संसाधन नहीं। फसल से मिलने वाले पैसे से सबसे पहले वाे उधारी चुकाता है। फिर बच्चाें की पढ़ाई और शादी-ब्याह और भात पर खर्च करता है। किसान कमाई का 10 फीसदी शादी में देने के मकसद से साेना-चांदी खरीदने पर भी खर्च करता है। गांवों में अब 25 हजार शादियां होनी हैं।