• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Independent MLA Sanyam Lodha Gave The Advice To CM Gehlot Kill The Snakes Of The Neighbors Or Else The Battle Will Be Lost

विधायक की गहलोत को नसीहत:निर्दलीय MLA संयम लोढ़ा का पायलट समर्थकों पर निशाना; लिखा- सांप जब तक आस्तीनों के न मारे जाएंगे...हौसला कितना भी हो, जंग हारे जाएंगे

जयपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा की सोशल मीडिया पोस्ट सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा की सोशल मीडिया पोस्ट सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है (फाइल फोटो)

सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नसीहत देते हुए भावी सियासी उठापटक के भी संकेत दिए हैं। संयम लोढ़ा ने सोशल मीडिया पर सीएम गहलोत को टैग करते हुए लिखा- सांप जब तक आस्तीनों के न मारे जाएंगे, हौसला कितना भी हो, जंग हारे जाएंगे...। यह इशारा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को किया है। इस नसीहत में आस्तीन के सांप किसे बताया है यह तो खुलकर नहीं बताया लेकिन इशारा पायलट समर्थक बागी विधायकों की तरफ बताया जा रहा है।

संयम लोढ़ा से जब उनकी दो लाइन के सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लोढ़ा ने इस मैसेज को डिकोड करने और इसके सियासी मायने निकालने का काम मीडिया पर डाल दिया। संयम लोढ़ा इस बार निर्दलीय विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को समर्थन दे रहे हैं। सचिन पायलट खेमे की बगावत से लेकर हर मौके पर वे सरकार के बचाव में खड़े रहे हैं। विधानसभा में उन्हें निर्दलीय होते हुए भी कांग्रेस विधायकों से ज्यादा बोलने का मौका दिया जाता है। ऐसे में संयम लोढ़ा की इस नसीहत पर सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं हैं।

इशारा किसकी तरफ?
संयम लोढ़ा का इशारा पार्टी के भीतर मौजूद असंतुष्ट विधायकों की तरफ माना जा रहा है। इनमें से अधिकतर सचिन पायलट समर्थक हैंं। लोढ़ा ने खुलकर किसी का नाम लेने की जगह इशारों में संकेत दिए हैं। संयम लोढ़ा खुद भी मंत्री पद या सरकार में भागीदारी के दावेदार हैं, लेकिन लगातार हो रही देरी से अब उनका मन भी उचट रहा है। लोढ़ा हाल के दिनों में कड़वे शब्दों में अशोक गहलोत और उनकी सरकार को विधानसभा के भीतर और बाहर सलाह देते नजर आए हैंं।

विधानसभा में उठाया था एससी-एसटी का मुद्दा ​​​​​​
गहलोत के पिछले कार्यकाल में संयम लोढ़ा ने विधानसभा में एससी-एसटी के साथ राजनीतिक अन्याय पर कांगेस को खरी-खरी सुनाई थी। लोढ़ा ने ही सबसे पहले एससी-एसटी के मंत्रियों को कमतर विभाग देने का मुद्दा उठाया था। विधानसभा में जनजाति क्षेत्रीय विकास की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान संयम लोढ़ा ने कहा था कि एससी-एसटी के मंत्रियों को कमजोर विभाग दिए जाते हैं।

हर स्तर पर इनका शोषण हो रहा है। इन्हें यूडीएच, पीएचईडी, मांइस जैसे महकमे क्यों नहीं दिए जाते। कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि एएसी-एसटी के लोगों के वोटों से राज बना है। इन लोगों के चुने हुए नुमाइंदों के साथ कांग्रेस ने राजनीतिक न्याय नहीं किया तो दिल्ली और सूरत वाले हालात हो जाएंगे। संयम लोढा के बाद ही सचिन पायलट समर्थक रमेश मीणा ने एसससी एसटी के विधायकों की आवाज दबाने को उन्हें बिना माइक की सीटें देने का आरोप लगाकर विवाद खड़ा किया था।

खबरें और भी हैं...