राजस्थान कोरोना LIVE:कोरोना का स्टेट कंट्रोल रूम शुरू, 3 दिन में दोगुने हो रहे मरीज, 7 दिन में 768% बढ़े केस

जयपुर7 महीने पहले

राजस्थान में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। राज्य में 7 महीने बाद मंगलवार को कोरोना के एक हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिले। जयपुर के बाद जोधपुर दूसरा ऐसा शहर हो गया, जहां 3 डिजिट में केस आए। जोधपुर में पिछले साल 2 जून को 100 पॉजिटिव केस आए थे। एक सप्ताह की राज्य की रिपोर्ट देखें तो केसों में 768% की बढ़ोतरी हुई है। यह बता रही है कि प्रदेश में तीसरी लहर में केस दूसरी के मुकाबले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। दूसरी लहर जब मार्च में शुरू हुई थी, तब डेल्टा वैरिएंट के केस औसतन 6 दिन में डबल हो रहे थे, लेकिन अब केस 3 दिन में ही डबल हो रहे हैं।

इधर, कोरोना के केस बढ़ने के साथ ही स्टेट लेवल कोविड कंट्रोल रूम फिर शुरू कर दिया है। इस कंट्रोल रूम में राउंड द क्लॉक वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कंट्रोल रूम में हर समय दो आरपीएस और एक आरएएस अफसर मौजूद रहेंगे। ये कंट्रोल रूम जिलों के कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा और किसी भी स्थिति में सहायता के लिए दूसरे विभागों से समन्वय करेगा। कंट्रोल रूम अस्प्तालों में ऑक्सीजन, बेड की उपलब्धता की लगातार मॉनीटरिंग भी करेगा। सीआईडी सीबी के डीआईजी अनिल कुमार टांक को इसका को-ऑर्डिटनेटर बनाया गया है।

मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट राजस्थान की रिपोर्ट पर नजर डाले तो जयपुर में 28 दिसंबर तक एक्टिव केसों की संख्या 300 से भी कम थी, जो बढ़कर अब 2 हजार के पार पहुंच गई। वहीं कोटा, अजमेर, अलवर में एक्टिव केसों की संख्या 100 के पार पहुंच गई, जबकि जोधपुर में यह संख्या 300 से अधिक। जयपुर के बाद अब जोधपुर, कोटा, अजमेर और अलवर कोरोना के नए एपिसेंटर बनते जा रहे हैं। इन जिलों में पिछले एक सप्ताह में 100 से ज्यादा केस मिले।

एक सप्ताह की राजस्थान में कोरोना की चाल

तारीखकेस
29 दिसंबर131
30 दिसंबर252
31 दिसंबर208
1 जनवरी301
2 जनवरी355
3 जनवरी550
4 जनवरी1137

दूसरी लहर में 5-7 दिन में डबल हो रहे थे केस
मार्च में डेल्टा से दूसरी लहर का आगाज हुआ था, तब 6 मार्च को 233 केस मिले थे। इसके बाद इन केसों को डबल होने में 14 दिन लगे और 19 मार्च को केस 400 के पार पहुंचे। उसके एक सप्ताह बाद यानी 26 मार्च को केसों की संख्या डबल होकर 800 के पार पहुंच गई। 3 अप्रैल को ये केस डबल होकर 1600 के पार पहुंचे। इसके बाद इन संख्या को डबल होने में 5 दिन लगे। इस तरह औसत देखें तो डेल्टा के समय केसों की संख्या को डबल होने में 5 से 7 दिन का समय लग रहा था।

दूसरी लहर में केस डबल होने की रफ्तार थी ऐसी

तारीखकेस
6 मार्च 2021233
19 मार्च 2021402
26 मार्च 2021853
3 अप्रैल 20211675
8 अप्रैल 20213526
16 अप्रैल 20217359
21 अप्रैल 202114,622
2 मई 202118298

तीसरी लहर में केस दोगुने होने की रफ्तार सबसे तेज
मौजूदा स्थिति प्रदेश में तीसरी लहर की मौजूदगी को दर्शा रही है। 25 दिसंबर क्रिसमस की छुटि्टयों के बाद से संक्रमण तेजी से फैलने लगा और केसों की संख्या औसतन हर तीसरे दिन में डबल हो रही है। 21 दिसंबर को राज्य में केवल 21 केस आए थे, जो 24 दिसंबर को दोगुने होकर 42 पर पहुंच गए यानी 3 दिन में डबल। इसके बाद 28 दिसंबर को केस दोगुना से भी ज्यादा बढ़कर 97 पर पहुंच गए और दो दिन बाद यानी 30 दिसंबर को यह 250 से ज्यादा हो गए। 3 जनवरी को पूरे प्रदेश में 550 केस आए और एक दिन बाद ही ये डबल होकर 1137 पर पहुंच गए।

तीसरी लहर में यूं डबल हो रहे केस

तारीखकेस
21 दिसंबर 202121
23 दिसंबर 202139
28 दिसंबर 202197
30 दिसंबर 2021252
3 जनवरी 2022550
4 जनवरी 20221137

यूएसए, यूके में भी क्रिसमस बाद यही ट्रेंड दिखा था
जयपुर एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. रमन शर्मा की माने तो यह केस डबल आने के पीछे न्यू ईयर का सैलीब्रेशन हो सकता है। क्योंकि अमेरिका, यूके में क्रिसमस के 2 दिन बाद ही केस जस्ट डबल आने लगे थे। वहीं ट्रेंड यहां देखने को मिल रहा है। ओमिक्रॉन का इंक्यूबेशन पीरियड 2-3 दिन का है, जबकि यही डेल्टा वेरियंट होता तो यह केस 6-7 दिन बाद सामने आते।

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