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REET का डेढ़ घंटे पहले आउट हुआ पेपर:कॉन्स्टेबल-सरकारी टीचर तक गैंग में शामिल, एग्जाम से पहले मिल गया पेपर, जयपुर में नकल करते युवतियों को पकड़ा

जयपुर4 महीने पहले
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जयपुर में पकड़ी गईं 2 युवतियां और एक युवक। - Dainik Bhaskar
जयपुर में पकड़ी गईं 2 युवतियां और एक युवक।

राजस्थान में रविवार को हुए REET में काफी गड़बड़ी सामने आई है। प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा में पहली बार ऐसा हुआ जब कॉन्स्टेबल से लेकर सरकारी टीचर तक नकल में शामिल रहे। गंगापुर सिटी में डेढ़ घंटे पहले ही पेपर कॉन्स्टेबल व हेड कॉन्स्टेबल के मोबाइल पर आ गया था। दोनों की पत्नियां पेपर दे रही थीं। सिरोही में भी कॉन्स्टेबल के मोबाइल में पेपर मिला। तीनों को सस्पेंड कर दिया गया है। रीट में नकल गिरोह सक्रिय होने पर एसओजी एक्टिव हो गई थी। जयपुर में डमी अभ्यर्थी बनकर पहुंचीं दो युवतियों को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों ने अपना नाम सरस्वती लिखा था। रविवार को परीक्षा के दिन कार्रवाई में पूरे प्रदेश में 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।

राजस्थान में अलग-अलग जगह हुई कार्रवाई में पुलिस ने 7 सरकारी टीचर को पकड़ा है। कोचिंग संचालक भी गिरफ्तार किए गए हैं। इन लोगों ने डमी कैंडिडेट्स के जरिए 15 लाख रुपए में पेपर दिलाने की सेटिंग कर रखी थी। परीक्षा के दिन भी जयपुर, सीकर, बीकानेर, अजमेर, दौसा, कोटा, जोधपुर, जैसलमेर, सिरोही, भरतपुर, नागौर, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, चौमूं में डमी कैंडिडेट व नकल कराने वाले गिरोह पकड़े गए हैं। सेंटरों में 19 पर्यवेक्षकों की भूमिका संदिग्ध थी, इसलिए हटा दिया गया है।

गंगापुर में कार्रवाई करती पुलिस।
गंगापुर में कार्रवाई करती पुलिस।

सर्विलांस पर मोबाइल

एसओजी ने पूरे राजस्थान में नकल गिरोह से जुड़े संदिग्धों के सौ से ज्यादा मोबाइल सर्विलांस पर ले रखे थे। इन पर पुलिस लगातार मॉनिटरिंग कर रही थी। एसओजी ने पिछले दिनों गंगापुर में पेपर लीक के मामले में देशराज को पकड़ा था। देशराज से पूछताछ में पता लगा कि गंगापुर सिटी में कॉन्स्टेबल यदुवीर व हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र से डील की गई है। दोनों के मोबाइल नंबरों की डिटेल व कॉल भी देशराज के मोबाइल में मिली। तब एसओजी ने दोनों के नंबरों को सर्विलांस पर ले लिया। एसओजी ने आशाीष मीणा का नंबर भी सर्विलांस पर लगाया। गंगापुर सिटी में कॉन्स्टेबल यदुवीर सिंह व हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह के मोबाइल पर सुबह 8:32 पर पेपर मिल गया था। परीक्षा 10 बजे शुरू होनी थी। यदुवीर की पत्नी सीमा गुर्जर व देवेंद्र की पत्नी लक्ष्मी गुर्जर का सेंटर गंगापुर में था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही मोबाइल में फोटो खींच कर देवेंद्र की पत्नी लक्ष्मी गुर्जर व यदुवीर की पत्नी सीमा गुर्जर को दे दिया गया था। इन दोनों के अलावा ऊषा मीणा व मनीषा मीणा को भी पेपर दिया गया। ये पेपर की तैयारी कर रही थीं। इसके बाद सेंटर के अंदर चली गईं। सर्विलांस पर मोबाइल से बातचीत में पेपर का पता लगा। एसओजी जयपुर से गंगापुर पहुंची। तब दोनों कॉन्स्टेबल और पेपर दिलाने वालों को पकड़ा गया। कॉन्स्टेबल के मोबाइल में पेपर मिल गया था। एसओजी ने परीक्षा से तीन दिन पहले पकडे़ गए कोचिंग संचालकों के भी मोबाइल खंगाले थे। उन मोबाइलों में कई परीक्षार्थियों के डॉक्युमेंट्स मिले थे। इसके आधार पर एसओजी को पता लगा कि किस अभ्यर्थी के स्थान पर कौन परीक्षा देने आ रहा था। ऐसे एसओजी ने पूरे राजस्थान में उन सेंटरों पर नजर रखते हुए कार्रवाई की।

​​​​​​​जयपुर में कोचिंग संचालक व टीचर गिरफ्तार

REET से पहले जयपुर में कोचिंग संचालक संदीप पांडे व शिक्षक सुनील उर्फ काशी मीणा को गिरफ्तार किया है। दोनों चाय की थड़ी पर बैठकर 10 से 15 लाख रुपए में परीक्षा पास कराने की सेटिंग कर रहे थे। दोनों को पुलिस ने फ्लैट से पकड़ लिया। चौमूं में भी करण पुत्र संतोष निवासी बक्सर, बिहार, सचदेव पुत्र महेंद्र सिंह निवासी मथुरा, यूपी, श्याम सुंदर पुत्र बब्बन चंद्रवंशी निवासी नोखा, बीकानेर डमी कैंडिडेट बनकर आए थे। मूल अभ्यर्थी श्यामवीर पुत्र गणपत निवासी डीग भरतपुर, फर्जी अभ्यर्थी मिथिलेश पुत्र विजय चौहान निवासी औरंगाबाद, बिहार को गिरफ्तार किया गया है।

जोधपुर में फर्जी परीक्षा देने वाले 4 गिरफ्तार

पुलिस ने कोचिंग संचालक भंवरलाल निवासी बाडमेर, रमेश कुमार निवासी जालोर, रावतराम निवासी बाडमेर, अध्यापक मोहनलाल निवासी बाडमेर को गिरफ्तार किया है। भंवरलाल सरकारी अध्यापक है। वह 5 साल तक नौकरी करने के बाद 3 साल से अनुपस्थित चल रहा था। दो साल से मीरा गुरुकुल जोधपुर में कोचिंग चला रहा है। फोटो एडिट करके 5-5 लाख में सेटिंग की गई।

बाड़मेर में परीक्षा का फर्जी आवेदन फार्म बना परीक्षार्थी बैठाया

पुलिस ने हनुमानराम निवासी चोहटन बाडमेर को गिरफ्तार किया है। हनुमानराम ने रीट के दो आवेदन कर अलग-अलग फोटो लगा रखी थी। हनुमानराम की जगह पर अशोक कुमार और जगदीश को फर्जी परीक्षा दिलाने की योजना थी। अशेाक कुमार से 10 लाख रुपए में डील की गई थी। दो लाख रुपए अशोक को एडवांस दिए गए।

चप्पल में ब्लूटूथ लगाकर नकल की थी तैयारी

गणेशराम निवासी सांडवा चूरू चप्पल में ब्लूटूथ लगाकर नकल करने की तैयारी में थी, तभी किशनगढ़ अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चप्पल को बीच में काट कर अंदर ब्लूटूथ डिवाइस, एयरटेल की सिम लगा रखी थी। इसके जरिए सेंटर में जाकर नकल करने की योजना थी।

दौसा में डमी कैंडिडेट बैठाकर नकल

पुलिस ने रमेश निवासी सिकंदरा दौसा, करण सिंह निवासी नादौती करौली, दशरथ सिंह निवासी सिकंदरा दौसा, सुमेर निवासी मानपुरा दौसा को गिरफ्तार किया है। इनकी कार से 5 लाख रुपए मिले। इन्होंने डमी कैंडिडेट बनाकर सेंटर में परीक्षा देने की सेटिंग की थी। इनके मोबाइल की चैटिंग में लेनदेन का रिकॉर्ड मिला है।

भीलवाड़ा में डमी कैंडिडेट बनाकर दिलाई परीक्षा

अशोक, देवाराम व किशन सिंह निवासी सांचोर को गिरफ्तार किया गया है। अशोक ने एडमिट कार्ड में फोटो लगाकर देवाराम की जगह पर डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा दी थी। दूसरी पारी में सेंटर से बाहर निकल कर भागते समय पकड़ा गया। वह किशन का पेपर देने जा रहा था। 8 लाख रुपए में अशोक ने सेटिंग की थी।

रेनवाल में पकड़े गए चार डमी कैंडिडेट।
रेनवाल में पकड़े गए चार डमी कैंडिडेट।

जयपुर ग्रामीण में 10 गिरफ्तार

जयपुर पुलिस ने मनोहरपुर में प्रकाश निवासी बाडमेर, सरस्वती निवासी जालोर, सरस्वती निवासी बाड़मेर को पकड़ा है। रेनवाल में विनोद कुमार, सागरमल निवासी रेनवाल, यशपाल निवासी जोबनेर, महादेव निवासी फुलेरा, मनफूल निवासी फुलेरा को पकड़ा है। सेंटरों पर डमी कैंडिडेट बनाकर बैठाया गया था। जयपुर में सेंटरों से 19 पर्यवेक्षकों को संदिग्ध मानकर हटाया गया है।

भरतपुर में नौकरी का झांसा देकर ठगी के 5 आरोपी पकड़े

पुलिस ने डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी का झांसा देकर ठग गिरोह का डिकॉय ऑपरेशन कर खुलासा किया। पुलिस ने लक्ष्मण सिंह निवासी कुम्हेर, पीतम सिंह निवासी डीग, वीरभान सिंह निवासी लखनपुर, संतोष गुर्जर निवासी मलारना डूंगर, प्रमोद कुमार निवासी धौलपुर को गिरफ्तार किया है। लक्ष्मण सिंह कोचिंग संचालक है। नौकरी का झांसा देकर युवकों से 10 लाख रुपए की मांग की। इसके बाद डमी कैंडिडेट बैठा दिए।

बीकानेर में चप्पल में माइक्रो चिप छिपा कर नकल

बीकानेर में कोचिंग संचालक तुलसीराम कालेर ने चप्पल के अंदर माइक्रो चिप छिपा कर नकल कराने की व्यवस्था की। चप्पल के अंदर बैटरी, सिम, मक्खी की तरह ब्लूटूथ लगाए गए। 25 अभ्यर्थी को नकल कराने की डील हुई। पुलिस ने मदनलाल निवासी चूरू, त्रिलोकचंद निवासी नोखा, ओमप्रकाश निवासी तालछापर, गोपाल कृष्ण निवासी चूरू, किरण निवासी रतनगढ़ को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले ही अभ्यर्थियों को गुप्त जगह पर ले गए। वहां पर डिवाइस का उपयोग करने और नकल करने की ट्रेनिंग दी गई।

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