ग्राउंड रिपोर्ट : जिंदगी पर भारी लापरवाही:9 महीनों से बंद डिब्बों में दम तोड़ रहे हैं 20 नए वेंटिलेटर, कोरोना मरीजों को भी राहत नहीं, आखिर कब मिलेगी ऑक्सीजन

जयपुर6 महीने पहलेलेखक: विष्णु शर्मा
जयपुर जिले में कोटपूतली का बीडीएम अस्पताल, जहां आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर मशीनें 9 महीने से बंद होने पर गंभीर कोविड पेशेंट का इलाज नहीं हो पा रहा है।
  • कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में वेंटिलेटर चालू नहीं होने से बंद पड़े है दो आईसीयू वार्ड
  • अस्पताल में 80 कोविड मरीजों का चल रहा है इलाज, हरियाणा और दिल्ली के भी मरीज भर्ती

कोरोना की दूसरी लहर में राजस्थान में 6.68 लाख पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। आज एक्टिव मरीजों की संख्या 2 लाख के पार हो जाएगी। इस बीच पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन युक्त बेड और वेंटिलेटर के लिए मारामारी चल रही है। बेड की कमी के चलते राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने से इंकार किया जा रहा है। ऐसे में सांस लेने में परेशानी से कई मरीजों के अस्पतालों के गेट पर ही दम तोड़ने की तस्वीरें सामने आ रही है।

इन सबके बीच 'राजस्थान सतर्क है' का नारा देने वाली राजस्थान सरकार और प्रदेश का चिकित्सा विभाग भी बड़ी लापरवाही बरत रहा है। भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में इसकी बानगी कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में देखने को मिली। यहां कोरोना पेशेंट के उपचार के लिए आए 5 तैयार और डिब्बों में बंद 15 नए वेंटिलेटर इंस्टॉल नहीं होने से दम तोड़ रहे हैं। इन वेंटिलेटर के चालू होने होने पर 10-10 बैड के दो आईसीयू वार्ड शुरु हो सकते हैं। इससे गंभीर कोरोना पेशेंट को ऑक्सीजन देकर जान बचाई जा सकती है।

लेकिन सिर्फ इंस्टाल होने के इंतजार और नर्सिंग कर्मियों को तीन दिन की ट्रेनिंग देने के अभाव में पिछले 9 महीने से 59 लाख रुपए कीमत के ये 20 वेंटिलेटर बंद कमरे में धूल फांक रहे हैं। यहां तीन वार्डों में 80 बेड पर कोरोना पेंशेट का इलाज किया जा रहा है ये सब तब हो रहा है जबकि राजस्थान में कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक हो चुकी है। रोजाना 150 से ज्यादा कोरोना मरीज दम तोड़ रहे हैं।

कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में 9 महीने से डिब्बों में बंद वेंटिलेटर मशीनें सिर्फ इंस्टाल होने के इंतजार में धूल खा रही है
कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में 9 महीने से डिब्बों में बंद वेंटिलेटर मशीनें सिर्फ इंस्टाल होने के इंतजार में धूल खा रही है

हरियाणा, यूपी और दिल्ली के कोरोना मरीज भी कोटपूतली में भर्ती होने पहुंचे

खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा महामारी की भयावहता को स्वीकार कर चुके हैं। इसके बावजूद बीडीएम अस्पताल में बंद पड़े 20 वेंटिलेटरों को शुरू नहीं किया जा सका है। हालात यह है कि ऑक्सीजन युक्त बेड पाने के लिए कई कोरोना पेशेंट और उनके परिजन हरियाणा, गुड़गांव, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में जयपुर, सीकर जिलों से बीडीएम अस्पताल पहुंच रहे हैं।

तीन वेंटिलेटर पहले थे, पिछले साल 5 अगस्त को 17 वेंटिलेटर नए आए, सब ताले में बंद

जानकारी के अनुसार कोटपूतली का बीडीएम अस्पताल जिला स्तरीय अस्पताल है। यहां आईसीयू वार्ड के लिए 3 वेंटिलेटर पहले से थे। पिछले कोरोना महामारी आने पर 5 अगस्त 2020 को 17 नए वेंटिलेटर अस्पताल प्रशासन को दिए गए। इनमें 10 बड़े और 7 पोर्टेबल वेंटिलेटर शामिल है। ताज्जुब की बात है कि ये 9 महीनों से डिब्बों में बंद हैं। इनको इंस्टॉल नहीं किया जा सका। इससे आज तक एक भी कोरोना मरीजों के लिए इनका उपयोग नहीं हो सका। वेंटिलेटर के अभाव में यहां रोजाना कोरोना पेशेंट की मौत हो रही है।

वेंटिलेटर शुरू हो जाते, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉफ मिल जाता तो यह कमरा गोदाम नहीं 10 बेड का आईसीयू नजर आता
वेंटिलेटर शुरू हो जाते, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉफ मिल जाता तो यह कमरा गोदाम नहीं 10 बेड का आईसीयू नजर आता

ना नर्सिंग स्टॉफ को ट्रेनिंग मिली, नाहीं डिब्बों में बंद मशीनों को इंस्टाल किया गया

इस संबंध में अस्पताल के पीएमओ डॉ. चैतन्य रावत का कहना है कि वेंटिलेटर उपलब्ध करवाने वाली कंपनी ने अभी तक वेंटिलेटरों को इंस्टाल नहीं किया है। इसके लिए कंपनी के अफसरों और जयपुर में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। बड़ा सवाल यह भी है कि वेंटिलेटर इंस्टॉल कर भी दिए गए तो यहां आईसीयू वार्ड में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉफ की जरूरत पड़ेगी। जो यहां नहीं है।

अब सरकार की आंखें खुलने का इंतजार

वहीं चिकित्सा विभाग की लापरवाही यहीं सामने आती है कि नर्सिंग स्टॉफ को प्रशिक्षित करने में करीब तीन से चार दिन का वक्त लगता है। फिर 9 महीने बीतने के बाद भी क्यों प्रशिक्षण नहीं दिया गया। जबकि बीडीएम अस्पताल में 55 डॉक्टरों सहित लगभग 100 नर्सिंगकर्मी ड्यूटी दे रहे है। ऐसे में इंतजार है कि अब कब सरकार की आंख खुलेगी। चिकित्सा विभाग जागेगा और कोरोना पेशेंट के लिए इन वेंटिलेंटरों को चालू किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...