VIDEO में देखें जयपुर का दूसरा सबसे बड़ा पार्क:110 करोड़ रुपए में हुआ तैयार, 3.5 किलोमीटर लंबा ट्रैक बना

जयपुर4 महीने पहले

जयपुर का दूसरा सबसे बड़ा पार्क जल्दी ही शुरू होने वाला है। 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लोकार्पण करेंगे। दो फेज में बन रहे इस पार्क के पहले फेज का लोकार्पण किया जाएगा। करीब 52 एकड़ जमीन पर बने इस पार्क में 110 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस पार्क के दोनों फेज बनने के बाद ये जयपुर का सेंट्रल पार्क के बाद दूसरा सबसे बड़ा पार्क बन जाएगा।

जयपुर में सेंट्रल पार्क के बाद जवाहर सर्किल है, जो दूसरा सबसे बड़ा पार्क है। लेकिन अब मानसरोवर में इस पार्क के बनने के बाद ये दूसरा सबसे बड़ा पार्क बन जाएगा। हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने बताया कि इस पार्क के पहले फेज में होर्टिकल्चर वर्क, सिविल वर्क, जॉगिंग ट्रेक आदि बनाए गए है। जबकि दूसरे फेज में एक बड़ा फाउंटेन स्क्वायर, 3 भव्य एंट्री प्लाजा, बॉटनीकल गार्डन, अपर लेक (वॉटर बॉडी), पार्किंग प्लेस और फूड कोर्ट शामिल है।

पार्क की सुंदरता के लिए यहां छोटे-छोटे फ्लॉवर स्पॉट बनाए गए है। इसके अलावा यहां 6 से ज्यादा डिजाइन की अलग-अलग लाइटें लगाई गई है।
पार्क की सुंदरता के लिए यहां छोटे-छोटे फ्लॉवर स्पॉट बनाए गए है। इसके अलावा यहां 6 से ज्यादा डिजाइन की अलग-अलग लाइटें लगाई गई है।

उन्होंने बताया कि इस पार्क के आकर्षण का केन्द्र यहां का भव्य एंट्री प्लाजा है। जहां एक वॉटर बॉडी भी बनाई है। इसके अलावा यहां 17 स्कल्पचर लगाए है, जो देखने में बहुत सुंदर है। इसके साथ ही यहां लोगों के बैठने के लिए अत्याधुनिक 120 बैंच और 6 वॉटर पाेइंट बनाए गए है।

पार्क की एंट्री गेट पर सुंदर सिविल वर्क करवाया गया।
पार्क की एंट्री गेट पर सुंदर सिविल वर्क करवाया गया।

3.5 किलोमीटर का है जॉगिंग ट्रेक
इस पार्क में लोगों के लिए मॉर्निंग-इवनिंग वॉक के लिए 3.5 किलोमीटर मीटर का जॉगिंग ट्रेक बनाया है। वहीं सेंट्रल पार्क में जॉगिंग ट्रेक 4 किलोमीटर का है। इस पूरे वॉकिंग ट्रेक के किनारे म्यूजिक सिस्टम इंस्टॉल किए गए है, जहां सुबह-शाम हल्की मंद आवाज में म्यूजिक चलेगा। इसके अलावा यहां चिल्ड्रन प्ले एरिया बनाया है, जहां बच्चे आसानी से खेल सकेंगे।

पार्क की डिजाइन किसी गोल्फ कोर्ट की तरह डिजाइन की गई है। जहां छोटे-छोटे टीलेनुमा गार्डन है।
पार्क की डिजाइन किसी गोल्फ कोर्ट की तरह डिजाइन की गई है। जहां छोटे-छोटे टीलेनुमा गार्डन है।

32 प्रजाती के पेड़-पौधे लगाए
इस पार्क में हाउसिंग बोर्ड ने अलग-अलग 32 प्रजाति के पेड़-पौधे लगाए है। इसमें छोटे फ्लॉवर शो एरिया में बनाए गए है। इसके साथ ही मध्यम मार्ग से एक भव्य एंट्री गेट बनाया है, जहां बड़ा फाउंटेन भी लगाया है। यहां 5 से ज्यादा डिजाइन की लाइटें लगाई गई है। यहां 2 पार्किंग पैलेस बनाए है, जबकि एक एसटीपी बनाया है, सीवरेज के पानी को ट्रीट करके पार्क में सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा।

पार्क में मेटल के 17 स्कल्पचर लगाए है, जो देखने में बहुत सुंदर है।
पार्क में मेटल के 17 स्कल्पचर लगाए है, जो देखने में बहुत सुंदर है।
पार्क में लगाए मेटल स्कल्पचर
पार्क में लगाए मेटल स्कल्पचर
पार्क की एंट्री गेट पर ही एक बड़ा फाउंटेन लगाया गया है, जो सुबह-शाम चलेगा। इस फाउंटेन के साथ म्यूजिक भी चलेगा।
पार्क की एंट्री गेट पर ही एक बड़ा फाउंटेन लगाया गया है, जो सुबह-शाम चलेगा। इस फाउंटेन के साथ म्यूजिक भी चलेगा।
स्टोन से बनाए स्कल्पचर यहां आकर्षण का केन्द्र बने है।
स्टोन से बनाए स्कल्पचर यहां आकर्षण का केन्द्र बने है।
पार्क में बनाया जॉगिंग ट्रेक। इस ट्रेक का एक चक्कर करीब 3.5 किलोमीटर लम्बाई में है।
पार्क में बनाया जॉगिंग ट्रेक। इस ट्रेक का एक चक्कर करीब 3.5 किलोमीटर लम्बाई में है।