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राजस्थान: लॉकडाउन का पांचवां दिन / धौलपुर में बाहर से आए लोगों को कॉलोनी में घुसने से रोका; क्वारैंटाइन की मुहर लगाकर मजदूरों को घर भेजा जा रहा

राजस्थान के अलवर में रविवार को लोग बसों में भरकर अपने घरों के लिए निकले। जिनकों अंदर जगह नहीं मिली वह जान जोखिम में डालकर बस की छत पर बैठ गए। राजस्थान के अलवर में रविवार को लोग बसों में भरकर अपने घरों के लिए निकले। जिनकों अंदर जगह नहीं मिली वह जान जोखिम में डालकर बस की छत पर बैठ गए।
धौलपुर में स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे युवकों से दस फीट ऊंची दीवार से डीटेल लेता अस्पताल कर्मी। धौलपुर में स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे युवकों से दस फीट ऊंची दीवार से डीटेल लेता अस्पताल कर्मी।
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राजस्थान के अलवर में रविवार को लोग बसों में भरकर अपने घरों के लिए निकले। जिनकों अंदर जगह नहीं मिली वह जान जोखिम में डालकर बस की छत पर बैठ गए।राजस्थान के अलवर में रविवार को लोग बसों में भरकर अपने घरों के लिए निकले। जिनकों अंदर जगह नहीं मिली वह जान जोखिम में डालकर बस की छत पर बैठ गए।
धौलपुर में स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे युवकों से दस फीट ऊंची दीवार से डीटेल लेता अस्पताल कर्मी।धौलपुर में स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे युवकों से दस फीट ऊंची दीवार से डीटेल लेता अस्पताल कर्मी।

  • राजस्थान में कोरोना संक्रमण के अब तक 59 मामले आ चुके हैं, इनमें से 25 मामले भीलवाड़ा के हैं
  • मजदूरों का पलायन अब सरकार के सामने बड़ी चुुनौती है, इससे लॉकडाउन का मकसद फेल होने की आशंका है

दैनिक भास्कर

Mar 29, 2020, 11:21 PM IST

जयपुर. कोरोनावायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के दिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। राजस्थान में मजदूरों का पलायन बड़ी समस्या बना हुआ है। मजदूरों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है और वह हर-हाल में अपने गांव लौटना चाहते हैं। दूसरे राज्यों से भी मजदूर राजस्थान लौट रहे हैं। ऐसे में लॉकडाउन का मकसद पूरा होना मुश्किल लग रहा है। सरकार बाहर जाने वाले मजदूरों की जांच की खानापूर्ति कर रही है। वहीं, बाहर से आने वाले मजदूरों के हाथों में क्वारैंटाइन की मुहर लगाकर उन्हें घर के नजदीक तक पहुंचाया जा रहा है।

धौलपुर: अस्पताल में 10 फीट ऊंचाई से की जा रही है बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग
धौलपुर के सैंपऊ में हैदराबाद से कुछ युवक आए हैं। रविवार सुबह इनमें से छह युवक स्क्रीनिंग के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचे। यहां कंपाउंडर ने 10 फीट की ऊंचाई की दीवार पर खड़ा होकर उनके नाम और गांव के पते रजिस्टर में दर्ज किए। उनकी तबीयत के बारे में भी पूछा। अस्पताल की तरफ से स्क्रीनिंग के नाम पर की जा रही खानापूर्ति से गांव के लोग डरे हुए हैं। बाहर से आ रहे लोग भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है।ताल कर्मी।

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संक्रमण का डर भी लोगों में बढ़ता जा रहा है। धौलपुर में जोधपुर से आए दो लोगों को कॉलोनी में घुसने नहीं दिया गया। कॉलोनी के लोगों ने सुबह फोन करके कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें जांच के लिए अस्पताल भेज। राजस्थान में रविवार सुबह तक संक्रमितों का आंकड़ा 59 पहुंच गया है। इनमें 25 भीलवाड़ा के हैं। रविवार को पांच नए मामले सामने आए। इनमें एक भीलवाड़ा, एक झुंझनू जिला और 3 अजमेर के लोग शामिल हैं। 

धौलपुर में जोधपुर से आए युवकों को अस्पताल भेजा गया।

ईरान से 284 भारतीय नागरिकों को लाया गया जोधपुर

कोरोना प्रभावित ईरान में फंसे 284 भारतीय नागरिकों को दिल्ली से लेकर दो विशेष विमान रविवार सुबह जोधपुर पहुंचे। चार दिन पहले ईरान से 277 भारतीय नागरिकों को भी जोधपुर लाया गया था। सभी लोगों की एयरपोर्ट पर सेना के डॉक्टरों ने जांच की। इन सभी को सैन्य क्षेत्र में सेना की तरफ से बनाए गए वेलनेस सेंटर में भेज दिया गया है। इस तरह अब शहर में सेना के वेलनेस सेंटर में भारतीय नागरिकों की संख्या बढ़कर 561 हो गई है। इससे पूर्व जैसलमेर में 484 भारतीय नागरिकों को रखा जा रहा है।

ईरान से आए भारतीयों को सेना के सेंटर पर रखा जाएगा।

बूंदी में राशन लेते वक्त दिखी सोशल डिस्टेंसिंग

कोटा के पास बूंदी में रविवार सुबह राशन की दुकान पर लोगों की लंबी लाइन नजर आई। इस दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखे। लॉकडाउन के दिन बीतने के साथ ही अब दुकानों में राशन का सामान कम पड़ना शुरू हो गया है। प्रशासन कालाबजारी रोकने के दावे कर रहा है। लेकिन, हकीकत इससे परे है।

बूंदी में राशन लेने पहुंचे लोग।

सीकर में अस्थियों को कलश से मुक्ति का इंतजार
लॉकडाउन के कारण ट्रांसपोर्टेशन के सारे साधन बंद हैं। ऐसे में कलश में अस्थियां भी मोक्ष का इंतजार कर रही हैं। लॉकडाउन होने के कारण लोग परिजनों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित नहीं कर पा रहे हैं। परिजनों ने घर के अंदर या फिर मंदिर या श्मशान घाट में अस्थि कलश रख दिए हैं, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू होने पर इनका विसर्जन हरिद्वार या पुष्कर में करके आ सकें।

सीकर कलश में अस्थियां मोक्ष के इंतजार में।

पाली की फैक्ट्रियाें में फंसे 1300 से ज्यादा श्रमिक, प्रशासन ने घर भेजा
पाली की फैक्ट्रियों के मजदूर लॉकडाउन के बाद यहां पर एक मिनट भी नहीं रुकना चाह रहे हैं। वे दो दिन से अपने गांव जाने की जिद पर अड़े थे। इसको लेकर शनिवार को जिला प्रशासन हरकत में आया और ऐसे करीब 1300 श्रमिकों को नया बस स्टैंड पर बुलाकर मेडिकल टीम से स्क्रीनिंग कराई। इसके बाद रोडवेज बस से इन्हें रवाना किया गया। बसों को भी पहले हाइपो क्लोराइड से धुलवाया गया। उधर, धौलपुर में दिन रात सैकड़ों किलोमीटर पदयात्रा कर मजदूर घर पहुंच रहे हैं। उनके साथ छोटे बच्चे महिलाएं भी हैं। उनसे पूछने पर बताते हैं कि कोई दिल्ली से कोई टीकमगढ़, कोई आगरा से तो कोई ग्वालियर से सैकड़ों किलोमीटर चलकर यहां पहुंचा है।

पाली में मजदूरों की मेडिकल जांच करके घर भेजा गया है।

राजस्थान में करीब 10 हजार वेंटिलेटर की जरूरत: गहलोत
देशभर में कोरोना संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की एक मीटिंग ली। इसमें मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कोरोना के व्यापक संक्रमण को रोकने के लिए आने वाले समय में राजस्थान में करीब 10 हजार वेंटिलेटर और ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किट की जरूरत पड़ेगी।

लॉकडाउन के बीच मजदूरों का पलायन बड़ी समस्या बन गया है। इससे संक्रमण और फैलने की आशंका है।

जोधपुर में बसों से मजदूरों को भेजा गया
जोधपुर में उत्तर प्रदेश व बिहार सहित प्रदेश के अन्य जिलों से आए मजदूर काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान काम बंद रहने के कारण बेरोजगार हुए इन मजदूरों ने कुछ दिन तो जैसे-तैसे कर निकाल लिए। लेकिन, अब यह डरे हुए हैं। रोजी-रोटी का संकट में के चलते शनिवार सुबह से पलायन शुरू कर दिया था। इनमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष अपने बच्चों को लेकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। हालांकि, रविवार को जोधपुर बस स्टेशन पर सरकार ने इनके लिए बसों का इंतजाम कराके इनके रवाना किया।

जोधपुर में उत्तर प्रदेश और बिहार सहित प्रदेश के अन्य जिलों से आए मजदूर बसों से भेजा जा रहा है।

कल शुरू की थी बस सेवा, मजदूरों को घर तक पहुंचाएगी

लॉकडाउन के चौथे दिन यानी शनिवार को उत्तरप्रदेश से राजस्थान और राजस्थान से उत्तरप्रदेश के शहरों में जाने के लिए रोडवेज ने बस सेवा शुरू कर दी है। भरतपुर डिपो की बस को सैनिटाइज करने के बाद उत्तरप्रदेश बॉर्डर पर खड़ा किया गया। यहीं से उत्तरप्रदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग कर बस में बैठाकर जयपुर भेजा जा रहा है। 

राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा खतरा
भीलवाड़ा में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा 25 मामले मिले हैं। जयपुर में 10, झुंझुनूं में 6, जोधपुर में 6, प्रतापगढ़ में 2, डूंगरपुर में 2, अजमेर, पाली, सीकर और चूरू में एक-एक संक्रमित मिला है। डूंगरपुर में 48 साल का व्यक्ति और उसका 14 साल का बेटा संक्रमित पाया गया है। दोनों 25 मार्च को बाइक से इंदौर से डूंगरपुर पहुंचे थे। इसके बाद 26 मार्च को अस्पताल में भर्ती करवाए गए। चूरू में 60 साल की एक महिला पॉजिटिव मिली है। वहीं जयपुर में 47 साल का व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है। जो रामगंज में एक दिन पहले पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति के संपर्क में आया था। तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को रोकने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। भीलवाड़ा के कलेक्टर आर भट्‌ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर हम 15 हजार लोगों को क्वारैंटाइन कर सकते हैं।

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