उपायुक्त ने पार्षद को धक्का देकर ऑफिस से निकलवाया:गुस्साए भाजपा पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त के चेंबर में किया विरोध, नगर निगम ग्रेटर के बाद अब हेरिटेज में भी शुरू हुआ विवाद

जयपुर2 महीने पहले
जयपुर नगर निगम हेरिटेज के आयुक्त अवधेश मीणा के चेंबर में शिकायत करने पहुंचे भाजपा पार्षद।

जयपुर नगर निगम हेरिटेज में सोमवार को एक भाजपा पार्षद को निगम के उपायुक्त सुरेन्द्र कुमार बिसारिया के चेंबर से धक्के मारकर बाहर निकालने का मामला सामने आया है। इसके बाद मामला गरमा गया है। भाजपा के पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त अवधेश मीणा के चेंबर में विरोध जताया और अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पार्षदों ने इस पूरे प्रकरण को नगर निगम ग्रेटर में तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर और आयुक्त यज्ञमित्र सिंह वाले प्रकरण से जोड़कर अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग की है। इसके बाद पार्षद आयुक्त के चेंबर के बाहर धरने पर बैठ गए।

हेरिटेज निगम के वार्ड 77 के पार्षद सुरेश नावरिया ने बताया कि क्षेत्र में लाइट के मामले में उपायुक्त सुरेन्द्र कुमार बिसारिया के पास पहुंचा था। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक्सईएन और जेईएन से बात करें। मैंने जब उनसे कहा कि सभी के वार्डों में वाटर कूलर लग रहे हैं तो मेरे वार्ड में क्यों नहीं लग रहे। इस बात पर भी उन्होंने एक्सईएन और जेईएन से ही बात करने के लिए कहा। चेंबर से बाहर जाने के लिए कहने लगे। इस बात पर हम दोनों के बीच हॉट-टॉक हो गई। पार्षद ने बताया कि इस पर वो गार्ड को बोले कि इसे धक्के देकर बाहर निकाल दो और मुझे बाहर निकाल दिया। यह भी कहा कि भविष्य में इसके कोई काम नहीं होने चाहिए। इसके बाद गार्ड ने धक्का देकर बाहर निकाल दिया।

सूचना मिलते ही भाजपा के अन्य पार्षद नगर निगम पहुंचे। विरोध करते हुए आयुक्त अवधेश मीणा के चेंबर में पहुंच गए। उन्होंने जनप्रतिनिधि के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ गुस्सा जताया। अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग की। आयुक्त अवधेश मीणा का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। क्या सही में पार्षद को धक्का देकर बाहर निकाला है। वीडियो में अधिकारी और पार्षद के बीच बहस होती दिख रही है। अधिकारी को बुलाकर इस मामले में बातचीत की जाएगी।

नगर निगम मुख्यालय के बाहर मेयर मुनेश गुर्जर और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते भाजपा पार्षद।
नगर निगम मुख्यालय के बाहर मेयर मुनेश गुर्जर और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते भाजपा पार्षद।

मेयर की जा चुकी है कुर्सी
तीन महीने पहले जून में नगर निगम ग्रेटर जयपुर में ऐसा ही कुछ मामला हुआ था। तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर संग चल रही एक बैठक को बीच में छोड़कर आयुक्त यज्ञमित्र सिंह बाहर निकल रहे थे। इस दौरान 3 पार्षदों ने उनका रास्ता रोका और उन्हें चेंबर से बाहर नहीं जाने दिया था। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया था कि आयुक्त ने इस मामले की शिकायत राज्य सरकार के स्तर पर की। पार्षदों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवाया था। इस पर राज्य सरकार ने दो दिन बाद ही तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर और 3 अन्य पार्षदों को निलंबित कर दिया था।

इसी घटना का जिक्र करते हुए भाजपा के पार्षदों ने आयुक्त से बदसलूकी करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा पार्षद कुसुम यादव ने बताया कि इस मामले में हम राज्य सरकार के स्तर पर शिकायत करेंगे और पार्टी स्तर पर भी इस मामले को उठाएंगे। यादव ने आरोप लगाए कि हेरिटेज में अक्सर ऐसा हो रहा है कि भाजपा पार्षदों के काम को अधिकारी नहीं करते।

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