रिंग रोड के लिए जल्द शुरू होगी जमीन अवाप्ति:मुख्य सचिव ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को लिखा पत्र, एनएचएआई से जल्द काम शुरू करवाने की मांग की

जयपुर5 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
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जयपुर में उत्तरी रोड को लेकर विवाद खत्म होने के बाद अब इसके निर्माण के लिए सरकार ने कार्यवाही शुरू कर दी है। पिछले दिनों मुख्य सचिव ने एक पत्र केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को लिखा है, जिसमें नॉर्दन रिंग रोड के लिए नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को जल्द से जल्द जमीन अवाप्ति और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है।

आगरा रोड से दिल्ली रोड होते हुए सीकर रोड और वहां से अजमेर रोड तक प्रस्तावित इस नॉर्दन कॉरिडोर का निर्माण 2 या 3 फेज में करवाया जाएगा। इसके पहले फेज में आगरा बाइपास को दिल्ली बाइपास से कनेक्ट करने की है, जिसकी लम्बाई करीब 45 किलोमीटर की होगी। इस एरिया में 70 मीटर के ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर की जमीन अवाप्ति से लेकर इसके निर्माण तक काम एनएचएआई करवाएगा, जबकि इस कॉरिडोर के दोनों ओर 145-145 मीटर में प्रस्तावित डवलपमेंट कॉरिडोर का काम जेडीए करवाएगा। इसके लिए जमीन अवाप्ति का काम जेडीए ही करेगा।

आपको बता दें कि एक साल पहले तक जेडीए ने अपने स्तर पर इस रिंग रोड को बनाने का निर्णय किया था। लेकिन जेडीए की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने और दक्षिण रिंग रोड के काम का अनुभव देखते हुए इस फैसले को बदला गया। उसके बाद मुख्यमंत्री ने पिछले साल एक पत्र केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री को रिंग रोड का नॉर्दन कॉरिडोर बनाने की मांग की थी।

जमीन अवाप्ति के दिए निर्देश
जेडीसी रवि जैन ने भी पिछले दिनों जेडीए के जोन उपायुक्तों और इंजीनीयरों संग इस प्रोजेक्ट के रिव्यू के लिए एक बैठक की थी। इस बैठक में जेडीसी ने अजमेर से दिल्ली बाइपास तक प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही दिल्ली बाइपास से सीकर और अजमेर रोड वाले कॉरिडोर के लिए जमीन का डिमार्केशन करने के लिए कहा था।