गहलोत समर्थित विधायक नागर को झटका:बहू रूपाली नागर जीती, लेकिन प्रधान बनने का सपना टूटा; मौजमाबाद में 17 में से 14 सीटे बीजेपी ने जीती, कांग्रेस 2 पर सिमटी

जयपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रूपाली नागर। - Dainik Bhaskar
रूपाली नागर।

जयपुर पंचायत समिति चुनाव के रिजल्ट की तस्वीर साफ होने लगी है। जयपुर में सबसे चर्चित चेहरा माना जाने वाला रूपाली नागर के प्रधान बनने का सपना टूट गया। रूपाली दूदू के निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर की पुत्रवधु है और मौजमाबाद पंचायत समिति से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि रूपाली इन चुनावों में तो जीत गई, लेकिन इस पंचायत समिति में भाजपा को बम्पर बहुमत मिला है।

मौजमाबाद की 17 सीटों में से 14 पर भाजपा के उम्मीदवार जीते है, जबकि कांग्रेस के 2 और निर्दलीय एक उम्मीदवार जीता है। परिसीमन के बाद मौजमाबाद को नई पंचायत समिति बनाया गया था। चुनाव जब शुरू हुए थे तब रूपाली को यहां से प्रधान का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। बाबूलाल नागर ने खुद पूरे चुनाव की कमान संभाल रखी थी। कहा जाता है कि बाबूलाल नागर को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है, क्योंकि इस क्षेत्र में नागर की पकड़ बहुत मजबूत मानी जाती है। नागर का बेटा विकास नागर भी जयपुर जिला परिषद के वार्ड 12 से मैदान में है, जिसका रिजल्ट कुछ देर बाद आएगा। विकास को उप जिला प्रमुख के दावेदार के तौर पर मैदान में उतारा गया था।

ये प्रमुख चेहरे जीते

गहलोत समर्थक निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर की पुत्रवधु रूपाली नागर के अलावा पूर्व आरपीएस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और एडिशनल एसपी रहे अनिल गोठवाल के पुत्र अभिषेक गोठवाल ने माधोराजपुरा पंचायत समिति के वार्ड 5 से जीत दर्ज की है। इसी तरह मौजूदा सीनियर आरएएस अधिकारी हरसहाय मीणा की पत्नी सुनीता मीणा भी जमवारामगढ़ पंचायत समिति से निर्दलीय चुनाव जीती है और वह अब प्रधान की दावेदार मानी जा रही है।

राजस्थान पंचायत चुनाव-2021 परिणाम LIVE:कांग्रेस को लगातार बढ़त, अब तक 453 सीटों पर जीत, भाजपा को 366, RLP को 27 और 221 निर्दलीयों को मिली जीत

पंचायत चुनाव का रिजल्ट:सतीश पूनिया के क्षेत्र की पंचायत समिति जालसू में बीजेपी को बहुमत, आमेर में कांग्रेस-बीजेपी बराबर, मंत्री लालचंद कटारिया के क्षेत्र में कांग्रेस बहुमत के करीब

खबरें और भी हैं...