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प्रशासन शहरों के संग अभियान:200 फीट सेक्टर रोड के लिए काश्तकारों से जेडीए ने जमीन ली, दूसरी जगह प्लॉट भी दे दिए, अब अफसर नहीं दे रहे पट्‌टे

जयपुर8 महीने पहले
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  • एक लाख पट्टे बांटने का लक्ष्य, फिर भी सुनवाई नहीं

जेडीए प्रशासन शहरों के संग अभियान के बावजूद लोगों को पट्टे नहीं दे रहा है, बल्कि उन्हें जोन से जेडीए ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यही नहीं उन लोगों के पट्टे भी रोक लिए हैं, जिन्हें जेडीए ने ही जमीन आवंटित की है। एक मामला अजमेर के केशुपुरा का है, जिसमें 200 फीट सेक्टर रोड व दोनों ओर सर्विस लेन बनाने के लिए जमीन ले ली और उसके बदले दूसरी जगह जमीन दे भी दी गई, लेकिन पट्टे देने में आनाकानी हो रही है।

अजमेर रोड के केशुपुरा में 200 फीट रोड बनाने के लिए जेडीए ने काश्तकारों से जमीन तो ले ली और मुआवजे के तहत दूसरी जगह प्लॉट भी दे दिए गए, लेकिन पट्टे देने में जेडीए के अफसर आनाकानी कर रहे हैं। सरकार ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत एक लाख पट्टे बांटने का लक्ष्य जेडीए को दिया है, लेकिन अफसरों की लापरवाही की वजह से उन लोगों को भी पट्टे नहीं दिए जा रहे हैं, जिन्हें जमीन भी जेडीए ने ही दी है। जेडीए की और से वैशाली नगर से सिरसी रोड और अजमेर रोड को जोड़ने के लिए 200 फीट चौड़ी सेक्टर रोड और दो सर्विस लेन बनाई जा रही है।

इसके तहत जेडीए ने काश्तकारों से धारा 44 के तहत सहमति से जमीन समर्पण करवाई थी। उसके तहत करीब 50 प्लॉट काश्तकारों को अजमेर रोड के गिरधारीपुरा के खसरा नंबर 57 और 59 में प्लॉट दिए गए। प्लॉट का कब्जा भी 2 साल पहले काश्तकारों को संभला दिया गया, लेकिन अब तक पट्टे नहीं दिए जा रहे।

यह मामला जेडीए के जोन 7 का है। संघर्ष समिति के लालाराम शर्मा ने बताया कि वे जेडीसी गौरव गोयल से भी मिल चुके हैं और रोजाना जोन उपायुक्त जगत राजेश्वर के पास भी जा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। काश्तकार दीपावली के बाद इसे लेकर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिलेंगे।

अशोक विहार में भी पट्‌टे देने में आनाकानी
इसी तरह मांग्यावास के गंगा विहार में काश्तकारों से जमीन ले ली गई और उसके बदले दिए गए प्लॉट पर पट्टे नहीं दिए जा रहे हैं। जबकि ऐसे लोगों के लिए कैंप लगाया जा रहा है, जिन पर पूर्व में भूमाफिया होने का आरोप लग चुका है। इसी तरह त्रिवेणी नगर की अशोक विहार में लोग पट्टे की मांग को लेकर आंदोलन पर हैं। जबकि उसी के नजदीक मूर्तिकला कॉलोनी को कई साल पहले ही पट्टे दे दिए गए और अशोक विहार के लोग 40 साल से पट्टे की मांग कर रहे हैं।

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