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गहलोत के दिल्ली दौरे के बाद कैबिनेट फेरबदल का इंतजार:9 मंत्री पद खाली, एक व्यक्ति एक पद लागू किया तो भी 3 और खाली होंगे

जयपुर10 महीने पहले
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सीएम अशोक गहलोत। - Dainik Bhaskar
सीएम अशोक गहलोत।

सीएम अशोक गहलोत की 34 महीने पुरानी सरकार में पहला कैबिनेट फेरबदल आखिर कब होगा? शुक्रवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से दिल्ली में मुलाकात के बाद सीएम जयपुर लौट आए। इस दौरान कैबिनेट फेरबदल पर भी चर्चा हुई। कयास लगाए जा रहे हैं कि दो सीटों पर उपचुनाव के बाद नवंबर में कैबिनेट फेरबदल हो सकता है।

क्योंकि, 2 नवंबर तक आचार संहिता है। अभी सरकार में सीएम सहित 30 मंत्री बन सकते हैं। इनमें से नौ पद खाली हैं। पार्टी ने एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत लागू किया तो 3 और मंत्रियों की जगह मिल सकती है। ऐसे में खाली पद 12 होंगे। इसलिए विस्तार के बजाय पुनर्गठन की संभावना ज्यादा है। ऐसे में सभी मंत्री इस्तीफे सकते हैं।

अतिरिक्त भार : सीएम सहित 3 मंत्रियों के पास 21 विभाग

सीएम गहलोत-
गृह, वित्त, आबकारी, पॉलिसी प्लानिंग, कार्मिक, ग्रामीण विकास जैसे 13 महत्वपूर्ण और बड़े विभाग देख रहे।

बीडी कल्ला-
बिजली, पब्लिक हेल्थ, भूजल, कला और साहित्य, संस्कृति एवं आर्कियोलोजी जैसे 4 बड़े विभाग देख रहे हैं।

शांति धारीवाल-
यूडीएच, एलएसजी, विधि, संसदीय कार्य, आयुर्वेद एवं भारतीय मेडिकल हेल्थ सर्विसेज जैसे 4 बड़े महकमे।

एक पद लागू हुआ तो इनका मंत्री पद जाएगा

डाॅ. रघु शर्मा-

गुजरात का प्रभारी बनाया है। अगले साल वहां चुनाव हैं। इसलिए पूरा फोकस वहीं है।

गोविंद डोटासरा-
प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षा राज्य मंत्री हैं। संकेत दे चुके हैं कि वे अध्यक्ष पद संभालेंगे।

हरीश चौधरी-
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बन सकते हैं। वहां अगले साल चुनाव हैं। वहीं फोकस करेंगे।

सियासी संकट में सरकार बचाने बाले बसपा और निर्दलीय विधायकों को फेरबदल से बड़ी उम्मीदें...
सीएम कहते आए हैं कि जिन्होंने सियासी संकट में सरकार बचाई, उन्हें जरूर इनाम देंगे। इसलिए, बसपा और निर्दलीयों की किस्मत भी साथ है। तय है कि सोशल इंजीनियरिंग, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व व अपनों को तवज्जो के चक्कर में कई मंत्रियों की छुट्‌टी होगी।

विस्तार या फेरबदल या पुनर्गठन के फायदे : विस्तार में जिन नए चेहरों को शामिल करना है, उन्हें शामिल करके विभागों में बंटवारा किया जा सकता है। उसमें ज्यादा परेशानी या उठापटक नहीं होने वाली है।